*नैनीताल/लालकुआं:सेंचुरी पल्प एंड पेपर मिल अब ITC के नाम,अधिग्रहण हुआ पूरा, लगा ITC लिमिटेड का बोर्ड
उत्तराखंड के नैनीताल जनपद स्थित एशिया की प्रमुख कागज निर्माण इकाइयों में शामिल सेंचुरी पल्प एंड पेपर अब आधिकारिक रूप से आईटीसी लिमिटेड (ITC Limited) का हिस्सा बन गई है। करीब 3,498 करोड़ रुपये के इस अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मिल परिसर से आदित्य बिड़ला समूह का बोर्ड हटाकर ITC Limited का नया बोर्ड लगा दिया गया है। इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं और इसे लालकुआं के औद्योगिक इतिहास में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

आईटीसी ने मार्च 2025 में आदित्य बिड़ला रियल एस्टेट लिमिटेड (ABREL) से सेंचुरी पल्प एंड पेपर कारोबार खरीदने की घोषणा की थी। आवश्यक नियामकीय मंजूरियां मिलने के बाद अब यह सौदा अंतिम रूप से पूरा हो चुका है। इसके साथ ही मिल का परिचालन, परिसंपत्तियां, संयंत्र, कर्मचारी, अनुबंध और अन्य व्यावसायिक अधिकार आईटीसी के अधीन आ गए हैं।

लालकुआं स्थित यह मिल 1984 में स्थापित हुई थी और इसकी स्थापना में तत्कालीन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है। पिछले चार दशकों से यह इकाई कुमाऊं की औद्योगिक पहचान और हजारों परिवारों की आजीविका का आधार रही है।
करीब 200 एकड़ क्षेत्र में फैली इस विशाल इकाई में कागज, टिश्यू, बोर्ड और पल्प के उत्पादन के लिए सात प्रमुख प्लांट संचालित हैं। मिल में गन्ने की खोई (बगास), गेहूं का भूसा, पॉपलर, यूकेलिप्टिस तथा अन्य कृषि अवशेषों से उच्च गुणवत्ता का कागज तैयार किया जाता है। इसकी उत्पादन क्षमता लगभग 1,400 मीट्रिक टन प्रतिदिन है और यहां निर्मित उत्पादों की मांग देश के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी रही है।
आईटीसी का कहना है कि इस अधिग्रहण से उसके पेपर एवं पैकेजिंग कारोबार को नई मजबूती मिलेगी और उत्तर भारत में उसकी उत्पादन क्षमता का विस्तार होगा। वहीं लालकुआं और आसपास के क्षेत्रों में अब यह चर्चा भी शुरू हो गई है कि क्या नया प्रबंधन केवल बोर्ड बदलेगा या स्थानीय रोजगार, तकनीकी विकास और औद्योगिक निवेश को भी नई गति देगा।
करीब चार दशक तक "सेंचुरी" के नाम से पहचानी जाने वाली यह मिल अब ITC Limited की नई पहचान के साथ अपने अगले औद्योगिक सफर की शुरुआत कर चुकी है।