भारत-दक्षिण कोरिया के रिश्तों में नए अध्याय का आगाज: राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति ली जे म्यूंग का भव्य स्वागत
नई दिल्ली | भारत और दक्षिण कोरिया के बीच 'विशेष रणनीतिक साझेदारी' को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे म्यूंग अपनी उच्चस्तरीय भारत यात्रा पर हैं। सोमवार सुबह राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में राष्ट्रपति ली का पारंपरिक और औपचारिक स्वागत किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं उपस्थित होकर कोरियाई मेहमानों की अगवानी की, जो दोनों देशों के बीच गहरे होते राजनयिक और सांस्कृतिक संबंधों की मिसाल बना।
राष्ट्रपति भवन में स्वागत समारोह के बाद राष्ट्रपति ली जे म्यूंग ने अपनी प्रथम महिला किम ही क्यूंग के साथ राजघाट का दौरा किया। वहां उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। यह पल वैश्विक शांति और अहिंसा के साझा मूल्यों के प्रति दोनों देशों की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। आज का दिन रणनीतिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ली के बीच होने वाली द्विपक्षीय बैठक में भविष्य की तकनीक और आर्थिक सहयोग पर विशेष जोर रहेगा। राष्ट्रपति ली का भारत दौरा रविवार से ही चर्चा में है, जब दिल्ली हवाई अड्डे पर केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने उनकी अगवानी की थी। इसके तुरंत बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने उनसे मुलाकात कर द्विपक्षीय संबंधों को गहरा करने की प्रतिबद्धता जताई। जयशंकर ने विश्वास जताया कि यह यात्रा दोनों लोकतंत्रों के बीच सहयोग के नए द्वार खोलेगी। प्रधानमंत्री मोदी आज अतिथि नेता के सम्मान में विशेष दोपहर के भोज (लंच) की मेजबानी करेंगे, जबकि शाम को राष्ट्रपति मुर्मू द्वारा राष्ट्रपति भवन में राजकीय भोज का आयोजन किया जाएगा। गौरतलब है कि दोनों नेताओं की यह मुलाकात 2025 में जी7 शिखर सम्मेलन के बाद दूसरी बड़ी बैठक है, जो हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और समृद्धि के लिए भारत और दक्षिण कोरिया की बढ़ती एकजुटता का प्रतीक है। यह यात्रा न केवल व्यापारिक बल्कि सामरिक रूप से भी एशिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं को एक मंच पर लाने का कार्य करेगी।