उत्तराखण्डः नदियों से शिल्ट न हटाने पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मांगी प्रगति रिपोर्ट! दो सप्ताह बाद फिर होगी सुनवाई

Uttarakhand: The High Court has requested a progress report from the state government regarding the failure to remove silt from rivers. The hearing will resume in two weeks.

नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट में पूर्व में जारी आदेशों के बाद भी नदियों में जमा शिल्ट हटाने का पालन न करने को लेकर स्वतः संज्ञान वाली जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट की खंडपीठ ने राज्य सरकार से 2 सप्ताह में पूर्व के आदेशों के क्रम में अब तक नदियों में जमा शिल्ट हटाने को की गई कार्यवाही की प्रगति रिपोर्ट पेश करने को कहा है। मामले की सुनवाई के लिए कोर्ट ने 2 सप्ताह बाद की तिथि नियत की है। बता दें कि समाजसेवी चोरगलिया निवासी भुवन चन्द्र पोखरिया ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि नंधौर नदी सहित गौला, कोसी, गंगा, दाबका में हो रहे भूकटाव व बाढ़ से नदियों के मुहाने अवरुद्ध होने के कारण उनका अभी तक चेंलाइजेशन नही करने के कारण अबादी क्षेत्रों में जल भराव, भू कटाव हो रहा है। उच्च न्यायालय के पूर्व के आदेशों का अनुपालन भी नही किया गया। पूर्व में न्यायालय ने राज्य सरकार को निर्देश दिए कि राज्य सरकार सम्बंधित विभागों को निर्देश जारी कर नदियों में जमा शिल्ट हटाएं, ताकि नदियों के बहाव में कोई रुकावट न आए। जनहित याचिका में कहा गया था कि 15 जून के बाद मानसून सत्र शुरू हो जाएगा, लिहाजा पूर्व के आदेशों का पालन शीघ्र कराया जाय। ताकि आपदा जैसी घटनाएं न घटित हो। राज्य सरकार को निर्देश दिए जाएं कि मानसून सत्र प्रारम्भ होने से पहले पूर्व के आदेशों का पालन कराया जाए, न कि मानसून सत्र समाप्त होने के बाद।