ताज़ा अपडेट
[बड़ी खबर]उत्तराखण्ड हेलीकॉप्टर हादसाः बदरीनाथ से लौट रहा विमान क्रैश! पायलट समेत सभी 6 लोगों की मौत, खराब मौसम के बीच उड़ानों पर उठे सवाल✦[बड़ी खबर]उत्तराखण्ड हेलीकॉप्टर हादसाः बदरीनाथ से लौट रहा विमान क्रैश! पायलट समेत सभी 6 लोगों की मौत, खराब मौसम के बीच उड़ानों पर उठे सवाल✦[बड़ी खबर]उत्तराखण्ड हेलीकॉप्टर हादसाः बदरीनाथ से लौट रहा विमान क्रैश! पायलट समेत सभी 6 लोगों की मौत, खराब मौसम के बीच उड़ानों पर उठे सवाल✦[बड़ी खबर]उत्तराखण्ड हेलीकॉप्टर हादसाः बदरीनाथ से लौट रहा विमान क्रैश! पायलट समेत सभी 6 लोगों की मौत, खराब मौसम के बीच उड़ानों पर उठे सवाल✦[बड़ी खबर]उत्तराखण्ड हेलीकॉप्टर हादसाः बदरीनाथ से लौट रहा विमान क्रैश! पायलट समेत सभी 6 लोगों की मौत, खराब मौसम के बीच उड़ानों पर उठे सवाल✦[बड़ी खबर]उत्तराखण्ड हेलीकॉप्टर हादसाः बदरीनाथ से लौट रहा विमान क्रैश! पायलट समेत सभी 6 लोगों की मौत, खराब मौसम के बीच उड़ानों पर उठे सवाल✦
Awaaz 24x7 News

उत्तराखण्डः पत्नी ने लगाए मारपीट, जातिसूचक टिप्पणी और हत्या की साजिश के आरोप! हाईकोर्ट से पति को राहत नहीं

Author:Awaaz Desk
🕒 Last Updated:2026-11-04 07:52:47
Prefer us on
पत्नी की हत्या की कथित साजिश, मारपीट, जातिसूचक टिप्पणी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने जैसे गंभीर आरोपों के मामले में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने पति को राहत देने से इनकार कर दिया है।
उत्तराखण्डः पत्नी ने लगाए मारपीट, जातिसूचक टिप्पणी और हत्या की साजिश के आरोप! हाईकोर्ट से पति को राहत नहीं

उत्तराखण्डः पत्नी ने लगाए मारपीट, जातिसूचक टिप्पणी और हत्या की साजिश के आरोप! हाईकोर्ट से पति को राहत नहीं (सांकेतिक तस्वीर)

⚡ख़बरें फटाफट (संक्षेप में)

⏱️ 30-Sec Glance
  • पत्नी की हत्या की कथित साजिश, मारपीट, जातिसूचक टिप्पणी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने जैसे गंभीर आरोपों के मामले में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने पति को राहत देने से इनकार कर दिया है।
  • न्यायमूर्ति आलोक महरा की एकलपीठ ने FIR निरस्त करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी।
  • न्यायालय ने कहा कि FIR में लगाए गए आरोपों को इस प्रारंभिक स्तर पर केवल वैवाहिक विवाद या घरेलू मतभेद मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

देहरादून। पत्नी की हत्या की कथित साजिश, मारपीट, जातिसूचक टिप्पणी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने जैसे गंभीर आरोपों के मामले में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने पति को राहत देने से इनकार कर दिया है। न्यायमूर्ति आलोक महरा की एकलपीठ ने FIR निरस्त करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। न्यायालय ने कहा कि FIR में लगाए गए आरोपों को इस प्रारंभिक स्तर पर केवल वैवाहिक विवाद या घरेलू मतभेद मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। मामले में जांच आवश्यक है।

मामला देहरादून के कैंट थाना क्षेत्र में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 158/2026 से जुड़ा है। गिर्धारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिर्धारी ने अपने खिलाफ दर्ज FIR को निरस्त करने और गिरफ्तारी से संरक्षण देने की मांग करते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इस मामले में याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एमएस पाल, राजेंद्र डोभाल और अरविंद वशिष्ठ ने पक्ष रखा, जबकि शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता संदीप कोठारी के साथ प्रभा नैथानी, अधिवक्ता हाईकोर्ट का नाम भी पैरवी से जुड़े अधिवक्ताओं में शामिल है।

FIR के मुताबिक, शिकायतकर्ता महिला का विवाह 6 जुलाई 2004 को हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार हुआ था। महिला का आरोप है कि पति ने शादी के समय अपने पहले से विवाहित होने और पहली शादी से बच्चे होने की बात छिपाई थी। कुछ वर्षों बाद इस बात की जानकारी मिलने के बावजूद बच्चों के भविष्य और परिजनों के समझाने पर वह पति के साथ रहती रही। महिला ने आरोप लगाया कि बाद में उसे पति के अन्य महिलाओं से संबंध होने की जानकारी मिली। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकियां दी जाने लगीं। आरोप यह भी है कि पति ने उसके सरकारी आवास पर तैनात कर्मचारियों के सामने जातिसूचक अपमानजनक टिप्पणियां कीं।

शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि उसके हस्ताक्षर फर्जी बनाकर और दस्तावेज तैयार कर उसे कंपनी के निदेशक पद से हटाने अथवा पद छोड़ने वाला दिखाया गया, जबकि उसने न तो कोई इस्तीफा दिया था और न ही ऐसे किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए थे। मामले में एक कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग का भी हवाला दिया गया। शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से न्यायालय को बताया गया कि इस रिकॉर्डिंग में पति एक महिला से बातचीत के दौरान शिकायतकर्ता की हत्या कराने और इसके लिए आवश्यक रकम खर्च करने की बात कह रहा है।

सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता पक्ष ने ऑडियो रिकॉर्डिंग के साथ अन्य साक्ष्यों का भी हवाला दिया। हाईकोर्ट के आदेश में दर्ज है कि शिकायतकर्ता ने BNSS की धारा 180 के तहत दर्ज अपने बयान में FIR के आरोपों को दोहराया है। इसके अलावा अरविंद गुप्ता नामक व्यक्ति के बयान का भी उल्लेख किया गया है। उसके बयान के अनुसार, उसने याचिकाकर्ता के कहने पर शिकायतकर्ता का इस्तीफा पत्र और कंपनियों के निदेशक पद से हटने से संबंधित अन्य दस्तावेज तैयार किए थे।

वहीं याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि दोनों का विवाह करीब 22 वर्ष पहले हुआ था और उनके तीन बच्चे हैं। इतने लंबे वैवाहिक जीवन के दौरान जातिगत अपमान की कोई शिकायत नहीं की गई। याचिकाकर्ता पक्ष ने पूरे मामले को घरेलू विवाद को आपराधिक रंग देने की कोशिश बताया। दूसरी ओर शिकायतकर्ता और राज्य सरकार की ओर से FIR में लगाए गए आरोपों को गंभीर बताते हुए याचिका का विरोध किया गया। राज्य सरकार ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता जांच में सहयोग नहीं कर रहा है।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि केवल इस आधार पर आरोपों को खारिज नहीं किया जा सकता कि दोनों लंबे समय तक पति-पत्नी के रूप में साथ रहे हैं। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि जातिसूचक टिप्पणी वास्तव में की गई या नहीं, उसके पीछे आवश्यक मंशा थी या नहीं और एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के प्रावधान लागू होते हैं या नहीं, इन सभी पहलुओं का निर्धारण जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा।

न्यायालय ने कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग की वास्तविकता, उसमें आवाज की पहचान, बातचीत के संदर्भ और उसकी प्रमाणिकता को भी जांच का विषय माना। इसी तरह कथित फर्जी हस्ताक्षरों और दस्तावेजों की वास्तविकता की जांच को जरूरी बताया। हाईकोर्ट ने कहा कि FIR में लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराधों का खुलासा करते हैं। ऐसे में FIR निरस्त करने का कोई आधार नहीं बनता। न्यायमूर्ति आलोक महरा की एकलपीठ ने 3 नवंबर 2026 को याचिका खारिज कर दी।

आवाज़ 24x7 ऑफिशियल व्हाट्सएप चैनल

✓

ब्रेकिंग न्यूज़ और विशेष रिपोर्ट सीधे अपने मोबाइल पर पाने के लिए हमारा चैनल फ़ॉलो करें।

चैनल फ़ॉलो करें (Follow)→
📲खबर को सोशल मीडिया पर शेयर करें:
FacebookX (Twitter)

इसी श्रेणी से संबंधित खबरें

बड़ी खबरः सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला! आरोपी को हिरासत में लेते ही लागू होगी 24 घंटे की समय सीमा, जानें क्या है पूरा मामला?

बड़ी खबरः सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला! आरोपी को हिरासत में लेते ही लागू होगी 24 घंटे की समय सीमा, जानें क्या है पूरा मामला?

🕒 2026-11-05 09:00:45
केदारताल ट्रैक पर हिमस्खलन के बाद मातम: पश्चिम बंगाल के एक ही गांव के चार युवक अब भी लापता! चार ट्रैकर्स के मिले शव, रेस्क्यू जारी

केदारताल ट्रैक पर हिमस्खलन के बाद मातम: पश्चिम बंगाल के एक ही गांव के चार युवक अब भी लापता! चार ट्रैकर्स के मिले शव, रेस्क्यू जारी

🕒 2026-11-05 07:37:37
लाइव टीवी डिबेट में तार-तार हुई भाषाई मर्यादाः सपा प्रवक्ता पर जातिगत टिप्पणी पर बवाल! डीयू के प्रोफेसर रागी के दफ्तर में तोड़फोड़, लखनऊ से लेकर दिल्ली तक जबरदस्त आक्रोश

लाइव टीवी डिबेट में तार-तार हुई भाषाई मर्यादाः सपा प्रवक्ता पर जातिगत टिप्पणी पर बवाल! डीयू के प्रोफेसर रागी के दफ्तर में तोड़फोड़, लखनऊ से लेकर दिल्ली तक जबरदस्त आक्रोश

🕒 2026-11-05 06:24:59
उत्तराखण्डः नेता प्रतिपक्ष आर्य का धामी सरकार पर तीखा हमला! न पैमाइश, न अभिलेख, चार कागजों में चार मालिक और चार रकबे दिखाकर चहेतों को 90 साल के लिए बांटी जा रही जमीन

उत्तराखण्डः नेता प्रतिपक्ष आर्य का धामी सरकार पर तीखा हमला! न पैमाइश, न अभिलेख, चार कागजों में चार मालिक और चार रकबे दिखाकर चहेतों को 90 साल के लिए बांटी जा रही जमीन

🕒 2026-11-05 05:28:49
उत्तराखण्ड में बड़ा हादसाः गंगोत्री धाम जा रहे श्रद्धालुओं का वाहन खाई में गिरा! पांच लोगों की मौत, दो लापता

उत्तराखण्ड में बड़ा हादसाः गंगोत्री धाम जा रहे श्रद्धालुओं का वाहन खाई में गिरा! पांच लोगों की मौत, दो लापता

🕒 2026-11-05 04:35:02