Oct 16, 2026 Login
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उत्तराखण्डः टिहरी के तिहरे हत्याकांड में हाईकोर्ट का अहम आदेश! दोषी की फांसी की सजा निस्तारित, राज्य सरकार को इलाज कराने के निर्देश

Uttarakhand: High Court issues significant order in the Tehri triple-murder case! Death sentence of the convict set aside; state government directed to provide medical treatment.

नैनीताल। उत्तराखण्ड हाईकोर्ट ने अपनी मां, बड़े भाई व गर्भवती भाभी की तलवार से काटकर निर्मम हत्या करने के आरोपी के मामले में सुनवाई की। इस दौरान कोर्ट की खण्डपीठ ने निचली अदालत द्वारा दी गई फांसी की सजा को निस्तारित करते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि राज्य सरकार उसका मानसिक इलाज कराए और ठीक होने के बाद उसे रिहा करें। पूर्व में कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए निर्णय सुरक्षित रख लिया था। पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राज्य सरकार से कहा था कि जो रिकार्ड आरोपी के सम्बंध में पेश किया गया है उसका अवलोकन करें। साथ में यह भी देखें कि क्या घटना के वक्त आरोपी किसी गम्भीर बीमारी से ग्रस्त तो नही था। निचली अदालत ने मामले में फिर से सुनवाई करते हुए आरोपी को स्वस्थ्यचित पाते हुए फांसी की सजा को बरकरार रखा। बता दें कि टिहरी गढ़वाल के गुमाल गांव निवासी संजय सिंह ने 13 दिसम्बर 2014 को मामूली बात में अपनी मां, बड़े भाई व गर्भवती भाभी की तलवार से काटकर हत्या कर दी थी। जिसकी रिपोर्ट आरोपी के पिता राम सिंह पवार ने दर्ज कराई थी। दोषी संजय सिंह को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमा पांडेय की अदालत ने अगस्त 2021 में मृत्युदंड की सजा सुनाई थी। जिसे आरोपी ने भी उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद वशिष्ठ को न्याय मित्र नियुक्त कर आरोपी की ओर से बहस हेतु नियुक्त किया था। न्याय मित्र ने कोर्ट को बताया कि मृत्यु दंड की सजा पाया आरोपी मानसिक रूप से अस्वस्थ है। मेडिकल बोर्ड ने भी आरोपी को मानसिक रूप से बीमार बताते हुए कहा है कि वह अपने द्वारा किये जाने वाले कृत्य के परिणाम नहीं जानता है। लेकिन वह इलाज के बाद ठीक हो सकता है। किंतु निचली अदालत ने इस तथ्य को नजरअंदाज कर आरोपी को मृत्युदंड की सजा सुना दी।