नैनीताल:बनभूलपुरा दंगा मामले में उत्तराखंड हाईकोर्ट से मिली दो आरोपियों को सशर्त जमानत, मुख्य आरोपी अब्दुल मलिक को राहत नहीं

Uttarakhand High Court grants conditional bail to two accused in Banbhulpura riot case, no relief to main accused Abdul Malik

हल्द्वानी: 
उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने बनभूलपुरा दंगा मामले में अहम फैसला सुनाते हुए दो आरोपियों जीशान परवेज उर्फ सेबू और महबूब आलम को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि दोनों आरोपी किसी अन्य आपराधिक मामले में वांछित नहीं हैं तो उन्हें रिहा किया जाए।

क्या है पूरा मामला?

बनभूलपुरा दंगे के दौरान मुख्य आरोपी अब्दुल मलिक समेत अन्य के खिलाफ चार अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए थे। आरोप है कि मलिक ने कथित रूप से फर्जी और कूटरचित शपथपत्रों के आधार पर राजकीय भूमि पर कब्जा किया। साथ ही नजूल भूमि पर अवैध प्लॉटिंग और निर्माण कर संपत्ति की बिक्री भी की गई।

जब जिला प्रशासन अवैध अतिक्रमण हटाने मौके पर पहुंचा, तो उस पर पथराव किया गया। देखते ही देखते स्थिति हिंसक हो गई और मामला दंगे में बदल गया। इस घटना में पुलिसकर्मियों, सरकारी कर्मचारियों और आम नागरिकों को गंभीर चोटें आईं, जबकि कई लोगों की जान भी गई। सरकारी संपत्ति को व्यापक नुकसान पहुंचा।

गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ था मुकदमा

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 147, 148, 149, 307, 395, 353, 427, 436, 333 समेत अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया। दोनों आरोपियों को 8 फरवरी 2024 को गिरफ्तार किया गया था।

मामले की सुनवाई के बाद हल्द्वानी की निचली अदालत ने 20 मार्च 2025 को सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ आरोपियों ने उच्च न्यायालय में अपील दायर की थी।

जमानत पर अदालत में क्या हुई बहस?

सरकार की ओर से जमानत का विरोध करते हुए कहा गया कि घटना के समय दोनों आरोपी मौके पर मौजूद थे और उन्होंने पथराव, आगजनी व सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाई।

वहीं बचाव पक्ष का तर्क था कि एफआईआर में आरोपियों के नाम नहीं थे और उन्हें झूठा फंसाया गया है। साथ ही दंगे के मामले में अन्य कई आरोपियों को पहले ही जमानत मिल चुकी है, इसलिए समानता के आधार पर इन्हें भी राहत दी जानी चाहिए।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने सशर्त जमानत मंजूर कर दी।हालांकि, मामले के मुख्य आरोपी और कथित साजिशकर्ता अब्दुल मलिक को अभी तक अदालत से कोई राहत नहीं मिली है। उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है।

 

 

 

 

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