उत्तराखंड ब्रेकिंग:आईआईटी रुड़की गबन मामले में हाई कोर्ट ने मशहूर टीवी एंकर अर्नब मामले का उदाहरण लेते हुए सीजेएम के आदेश को किया खारिज़ पूरी ख़बर लिंक पर
नैनीताल हाईकोर्ट : रुड़की आईआईटी के निदेशक और विभिन्न अफसरों के खिलाफ गबन के मामले में हाईकोर्ट में प्रसिद्ध टीवी एंकर अर्नब गोस्वामी के मामले का उदाहरण दिया गया, जिसके बाद कोर्ट ने सीजेएम रुड़की के दिसम्बर 2020 के उस आदेश को खारिज कर दिया जिसमें आरोपियों के खिलाफ एफआईआर कराने के आदेश थे। कोर्ट ने कहा किसी एक मामले में दो बार एफआईआर नही की जा सकती है। मामले की सुनवाई न्यायाधीश आरसी खुल्बे की पीठ के समक्ष हुई।
आपको बता दें कि आईआईटी रुड़की में करीब एक करोड़ पांच लाख के गबन के मामले में आईआईटी प्रबंधन ने सीनियर असिस्टेंट धीरज उपाध्याय को निलंबित कर दिया था, साथ ही 18 जून 2020 को उसके खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी गई थी, विवेचना के दौरान धीरज ने अनियमितता के आरोप स्वीकार कर लिये थे,जिसके बाद धीरज को आईआईटी प्रशासन के द्वारा सेवा से बर्खास्त कर दिया गया,11 दिसंबर को उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी गई। इसी बीच पिछले साल 31 जुलाई को रिटायर कर्मचारी व आईआईटी कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारी रहे मनपाल शर्मा ने एसीजेएम रुड़की के समक्ष याचिका दायर कर इस घपले में आईआईटी निदेशक अजित कुमार चतुर्वेदी, डीन मनीष श्रीखंडे,असिस्टेंट रजिस्ट्रार जितेंद्र डिमरी के शामिल होने का आरोप लगाते हुए एफआईआर के दर्ज करने को लेकर प्रार्थना पत्र दिया था।