ऊधम सिंह नगरः रुद्रपुर में नवजात बच्ची को चर्च के पास छोड़ने के मामले में बड़ा खुलासा! मां, नानी समेत तीन गिरफ्तार, पूछताछ में सामने आई चौंकाने वाली बातें
रुद्रपुर। ऊधमसिंह नगर जिले के रुद्रपुर में चर्च रोड पर कार के नीचे कपड़े में लिपटी मिली नवजात बच्ची की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। बच्ची को चर्च के पास छोड़ने के आरोप में पुलिस ने उसकी मां, नानी और एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, नवजात का जन्म 16 अक्टूबर की रात बिलासपुर स्थित एक निजी अस्पताल में हुआ था। अगले दिन अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद परिजन उसे घर ले जाने के बजाय सेंट जॉन चर्च के पास छोड़ आए थे। उधर, हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में तीन दिन तक जिंदगी के लिए संघर्ष करने के बाद सोमवार को बच्ची की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, 17 अक्टूबर को डायल 112 पर सूचना मिली थी कि सिंह कॉलोनी की गली नंबर एक स्थित चर्च रोड पर सेंट जॉन चर्च के पास खड़ी एक कार के नीचे कपड़े में लिपटी नवजात बच्ची पड़ी है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची को तत्काल जिला अस्पताल रुद्रपुर पहुंचाया। यहां उसे नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) में भर्ती कराया गया। बच्ची की गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे बेहतर उपचार के लिए सुशीला तिवारी अस्पताल, हल्द्वानी रेफर कर दिया। हालांकि, तमाम प्रयासों के बावजूद सोमवार को बच्ची ने दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि उपचार के दौरान पीलिया के कारण उसकी हालत बिगड़ गई थी।
अस्पताल से छुट्टी के बाद चर्च के पास छोड़ा
मामले में कोतवाली रुद्रपुर में अज्ञात के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 91 के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने 19 अक्टूबर को ट्रांजिट कैंप क्षेत्र के आजादनगर से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 23 वर्षीय शीतल, निवासी आजादनगर, ट्रांजिट कैंप, जो नवजात की मां बताई गई है। 45 वर्षीय लीलावती पत्नी राजेंद्र प्रसाद, निवासी आजादनगर, जो बच्ची की नानी हैं और 30 वर्षीय मुनीश पाल निवासी भगवंतापुर, जनपद शाहजहांपुर, उत्तर प्रदेश, हाल निवासी आजादनगर, ट्रांजिट कैंप के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि बच्ची का जन्म 16 अक्टूबर की रात बिलासपुर स्थित एक निजी अस्पताल में हुआ था। 17 अक्टूबर को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद बच्ची को घर ले जाने के बजाय चर्च के पास छोड़ दिया गया। जांच में सामने आया कि दोनों महिलाएं मुनीश पाल की मोटरसाइकिल से नवजात को घटनास्थल तक लेकर गई थीं।