दर्दनाक हादसा: ज्वेलरी फैक्ट्री के सेप्टिक टैंक में दम घुटने से चार मजदूरों की मौत,नहीं पहने थे सेफ्टी उपकरण

Tragic Incident: Four workers die of suffocation in a jewellery factory's septic tank; they were not wearing safety equipment.

सूरत। गुजरात के कपड़ा और हीरा उद्योग के केंद्र सूरत से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। शहर के वराछा इलाके में स्थित एक ज्वेलरी फैक्ट्री के ईटीपी टैंक की सफाई करने उतरे चार मजदूरों की जहरीली गैस के असर से दम घुटने के कारण मौत हो गई। मृतकों में एक सुपरवाइजर और तीन मजदूर शामिल हैं। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और फैक्ट्री प्रबंधन की बड़ी लापरवाही सामने आ रही है।

जानकारी के मुताबिक,वराछा शुगर मार्केट (खंड बाजार) के पास स्थित 'रति ज्वैलर्स' नाम की एक इंडस्ट्रियल यूनिट है, जहां सोने और गहनों के निर्माण का काम होता है। इस प्रक्रिया से निकलने वाले एसिडिक वेस्ट, केमिकल और रॉ मटेरियल को इकट्ठा करने के लिए यहां एक ईटीपी प्लांट बनाया गया है, जिसकी सफाई हर दो महीने में की जाती है। रविवार सुबह जब कॉन्ट्रैक्टर के तीन मजदूर और एक सुपरवाइजर टंकी की सफाई करने के लिए अंदर उतरे, तो वहां जमा बेहद जहरीली गैस के असर से अचानक चारों का दम घुटने लगा। गैस का रिसाव इतना तेज था कि चारों मजदूर कुछ ही सेकंड में टंकी के भीतर ही बेहोश हो गए। डिविजनल फायर ऑफिसर रंजीतसिंह खाडिया ने बताया कि सुबह 10:22 बजे फायर डिपार्टमेंट को फोन कर सूचना दी गई थी कि टंकी में सिर्फ 'एक' व्यक्ति फंसा हुआ है। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। लेकिन जब टीम टंकी के अंदर दाखिल हुई, तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गई। अंदर एक नहीं बल्कि चार लोग गंभीर हालत में बेहोश पड़े थे। फायर टीम ने भारी मशक्कत के बाद चारों को बाहर निकाला और तुरंत 108 एंबुलेंस की मदद से इलाज के लिए स्मिमर अस्पताल भेजा, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद चारों को मृत घोषित कर दिया। घटनास्थल की जांच के बाद फायर ऑफिसर ने साफ किया कि चारों मृतकों में से किसी ने भी कोई सेफ्टी इक्विपमेंट (सुरक्षा उपकरण) नहीं पहना था और न ही मौके पर ऐसे कोई साधन मिले। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी आलोक कुमार ने बताया कि पुलिस ने फिलहाल एक्सीडेंटल डेथ (दुर्घटना से मौत) का मामला दर्ज कर लिया है। शुरुआती जांच में साफ है कि सुरक्षा नियमों की घोर अनदेखी की गई है। पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि इस जानलेवा लापरवाही के पीछे असली जिम्मेदार कौन है, जिसके बाद दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।