पहाड़ों पर पर्यटकों का तांडव: ऋषिकेश, कर्णप्रयाग और नगरासू के बाद अब मसूरी में बवाल, हरियाणा के हुड़दंगी ने लोगों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा
देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड में बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों के उपद्रव और गुंडागर्दी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ऋषिकेश, कर्णप्रयाग और नगरासू में हुए हालिया विवादों की स्याही अभी सूखी भी नहीं थी कि अब 'पहाड़ों की रानी' मसूरी के माल रोड पर एक सनकी पर्यटक ने जमकर उत्पाद मचाया। सोमवार की रात शराब के नशे में धुत हरियाणा के एक पर्यटक ने स्थानीय लोगों और महिलाओं पर जानलेवा हमला कर दिया। आरोपी ने हाथ में दुकान की प्लास्टिक क्रेट लेकर लोगों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, जिससे माल रोड पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर वाहन जब्त कर लिया है, लेकिन स्थानीय जनता में इस दुस्साहस को लेकर भारी आक्रोश है।
जानकारी के अनुसार, सोमवार रात मसूरी के माल रोड पर एक स्थानीय दंपति शांति से टहल रहा था। इसी दौरान वहां से हरियाणा नंबर की एक तेज रफ्तार कार गुजरी, जिसने दंपति को हल्की टक्कर मार दी। गनीमत रही कि उन्हें गंभीर चोट नहीं आई। जब पीड़ित दंपति ने कार चालक को संभलकर गाड़ी चलाने की नसीहत दी, तो कार में सवार पर्यटक भड़क गए। शराब के नशे में चूर हरियाणा के एक पर्यटक ने आव देखा न ताव, तुरंत गाड़ी रोकी और नीचे उतरकर दंपति के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि पर्यटक ने पास ही एक दुकान के बाहर रखी प्लास्टिक की भारी क्रेट उठा ली। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि वह पर्यटक किसी सनकी की तरह व्यवहार कर रहा था। उसने प्लास्टिक की क्रेट को हवा में गदा की तरह लहराते हुए बीच सड़क पर लोगों को दौड़ाना शुरू कर दिया। जो भी उसे बचाने या शांत करने आगे आया, उसने उसकी पीठ और सिर पर जोरदार वार किए। इस दौरान उसने एक स्थानीय महिला के सिर पर क्रेट से ताबड़तोड़ हमला कर दिया, जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ी। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पर्यटक की बर्बरता साफ देखी जा सकती है। वही इस मामले में मसूरी कोतवाल देवेन्द्र चौहान एक पर्यटक द्वारा स्थानीय लोगों और महिला के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। हमने त्वरित कार्रवाई करते हुए हुड़दंगी पर्यटक को हिरासत में ले लिया है और उसके खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच के दौरान पर्यटक के वाहन में मोटर वाहन अधिनियम का गंभीर उल्लंघन पाया गया, जिसके तहत कार का भी मोटा चालान कर उसे सीज किया गया है। देवभूमि की शांति भंग करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।
उत्तराखंड के शांत पहाड़ों में पर्यटकों द्वारा कानून हाथ में लेने की यह पहली घटना नहीं है। पिछले कुछ दिनों में लगातार ऐसी वारदातें सामने आई हैं। तपोवन (मुनि की रेती) में हरियाणा नंबर की कार में तेज म्यूजिक बजाकर हुड़दंग कर रहे पर्यटकों को जब पुलिस ने रोका, तो कार सवार युवतियां पुलिसकर्मियों से ही उलझ गईं और जमकर हाईवोल्टेज ड्रामा किया। यहां पार्किंग के एक मामूली विवाद में निहंग सिखों ने स्थानीय लोगों पर तलवारों से जानलेवा हमला कर दिया था, जिसमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। हालांकि, आरोपी निहंगों को अब जमानत मिल चुकी है। रुद्रप्रयाग के नगरासू में गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से विवाद के बाद 7 निहंगों ने गुरुद्वारे की ऊपरी मंजिल और छत पर अवैध कब्जा कर लिया था। हालात इतने बिगड़ गए थे कि पुलिस और आईटीबीपी (ITBP) को मोर्चा संभालना पड़ा और 4 दिन बाद कब्जा मुक्त कराया जा सका। मसूरी की इस ताजा घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। लोगों का कहना है कि सीजन के दौरान आने वाले कुछ रसूखदार और नशेड़ी पर्यटक पहाड़ों की संस्कृति और शांति को मटियामेट कर रहे हैं। स्थानीय संगठनों ने मांग की है कि उत्तराखंड की सीमाओं पर ही हुड़दंगियों की सख्त चेकिंग की जाए और हुड़दंग करने वालों पर सीधे जेल भेजने की कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में कोई देवभूमि की मर्यादा से खिलवाड़ न कर सके।