Oct 18, 2026 Login
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ABP News का घिनौना कारनामाः सेक्स रैकेट से जोड़ा लोकगायिका नेहा का नाम, फिर मांगी माफी! पढ़िए क्या है पूरा मामला?

ABP News’s disgraceful act: Linked folk singer Neha’s name to a sex racket, then issued an apology! Read on to find out what the whole matter is about.

नई दिल्ली। अपनी मुखर शैली और सत्ता से तीखे सवाल पूछने वाली भोजपुरी लोक गायिका नेहा सिंह राठौर और मीडिया संस्थान ABP News के बीच विवाद गहरा गया है। मामला चैनल के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रसारित एक ऐसी खबर से जुड़ा है, जिसे लेकर नेहा सिंह राठौर ने कड़ी आपत्ति जताई है। गायिका का आरोप है कि एक हॉस्टल में कथित सेक्स रैकेट और पुलिस छापेमारी से संबंधित खबर के साथ उनकी तस्वीर और नाम का इस्तेमाल किया गया, जिससे उनकी छवि और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा। विवाद बढ़ने के बाद ABP Network ने अपनी रिपोर्ट को तथ्यात्मक रूप से गलत मानते हुए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी, लेकिन नेहा सिंह राठौर इससे संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने साफ कर दिया है कि अब वह इस मामले को कानूनी स्तर पर आगे बढ़ाना चाहती हैं। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर मीडिया की जवाबदेही, खबरों के तथ्यात्मक सत्यापन और महिलाओं की गरिमा जैसे गंभीर मुद्दों पर बहस छेड़ दी है। पूरा मामला ABP Network के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रकाशित एक रिपोर्ट से शुरू हुआ। दरअसल, एबीपी न्यूज ने खबर चलाई कि, ‘नेहा सिंह राठौर वाले हॉस्टल में सेक्स रैकेट? पुलिस ने मारा छापा।’ अपने एक्स पोस्ट में नेहा सिंह राठौर ने कहा कि चैनल उन्हें ‘वेश्या और कॉल गर्ल’ बताना चाहता है। उन्होंने इस खबर को अपने अपमान की कोशिश बताते हुए नाराजगी जताई थी। नेहा सिंह राठौर ने अपने पोस्ट में राष्ट्रीय महिला आयोग को भी टैग किया था। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या महिला आयोग इस मामले पर ध्यान नहीं देगा। नेहा ने आरोप लगाया कि सरकार से सवाल पूछने के कारण उन्हें इस तरह अपमानित करने की कोशिश की जा रही है। नेहा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह कोई कॉल गर्ल या प्रॉस्टिट्यूट नहीं हैं, लेकिन खबर के जरिए उन्हें इसी रूप में पेश करने की कोशिश की गई। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को अपनी प्रतिष्ठा और सम्मान के लिए गंभीर मामला बताया। उनके विरोध के बाद सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई। इस मामले में सबसे अहम सवाल यह है कि किसी व्यक्ति का नाम और तस्वीर किसी संवेदनशील खबर के साथ जोड़ने से पहले तथ्यों की पुष्टि किस स्तर पर की गई थी। समाचार संस्थानों की जिम्मेदारी केवल खबर को तेजी से प्रसारित करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि प्रकाशित सामग्री तथ्यात्मक रूप से सही हो और किसी व्यक्ति की पहचान को लेकर अनावश्यक भ्रम पैदा न करे।

गलती स्वीकार कर ABP Network ने मांगी माफी
विवाद बढ़ने और नेहा सिंह राठौर की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ABP Network ने सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण जारी किया। नेटवर्क की ओर से कहा गया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लोक गायिका नेहा सिंह राठौर से संबंधित जो खबर प्रसारित की गई थी, वह तथ्यों के आधार पर गलत पाई गई। नेटवर्क ने इस त्रुटिपूर्ण प्रसारण पर खेद जताते हुए माफी भी मांगी। चैनल की ओर से माफी सामने आने के बावजूद मामला शांत नहीं हुआ। नेहा सिंह राठौर ने सवाल उठाया कि किसी व्यक्ति की छवि को नुकसान पहुंचाने वाली खबर प्रसारित होने के बाद केवल माफी मांग लेना क्या पर्याप्त है? उनके मुताबिक, ऐसी खबरों का मानसिक और सामाजिक प्रभाव पड़ता है, जिसे एक औपचारिक स्पष्टीकरण से नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हांलाकि ABP Network की माफी के बाद नेहा सिंह राठौर ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि पहले किसी महिला की पहचान को आपत्तिजनक तरीके से खबर के साथ जोड़ा जाए और फिर विरोध होने पर माफी मांग ली जाए, यह स्वीकार्य नहीं हो सकता। उन्होंने सवाल उठाया कि उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने वाली खबर से उनकी मानसिक स्थिति पर क्या असर पड़ा, क्या इसका अंदाजा चैनल को है? नेहा ने अपने बयान में कहा कि उन्हें केवल माफी नहीं, बल्कि न्याय चाहिए। उन्होंने अदालत में मिलने की बात कहते हुए स्पष्ट संकेत दिया कि वह इस विवाद को कानूनी स्तर पर आगे बढ़ाना चाहती हैं।

अलका लांबा ने भी ABP News पर साधा निशाना
इस विवाद में कांग्रेस नेत्री अलका लांबा ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने ABP News की कड़ी आलोचना करते हुए नेहा सिंह राठौर के समर्थन में सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। अलका लांबा ने चैनल की माफी पर भी असंतोष जताया और कहा कि नेहा को इसे स्वीकार नहीं करना चाहिए। उनकी प्रतिक्रिया के बाद यह मामला मीडिया की भूमिका और राजनीतिक विमर्श से जुड़े व्यापक सवालों के बीच भी चर्चा में आ गया। 

सरकार से सवाल पूछने वालों के प्रति मीडिया का रवैया भी बहस में
नेहा सिंह राठौर अपने गीतों और सार्वजनिक बयानों के माध्यम से सरकार, सत्ता और सामाजिक व्यवस्था पर सवाल उठाती रही हैं। यही वजह है कि इस विवाद को उनके समर्थकों और आलोचकों के बीच अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तथा आलोचनात्मक आवाजों के सम्मान से जोड़कर भी देखा जा रहा है। इस घटनाक्रम ने उन समाचार संस्थानों की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए हैं, जिन पर अक्सर सत्ता के प्रति नरम और आलोचनात्मक आवाजों के प्रति कठोर रुख अपनाने के आरोप लगते रहे हैं। यहां सवाल उठता है, पत्रकारिता का मूल उद्देश्य आखिर क्या होना चाहिए? लोकतंत्र में मीडिया की जिम्मेदारी केवल सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाना नहीं है। उसे सरकार के फैसलों की समीक्षा करनी चाहिए, जनता की समस्याओं को सामने लाना चाहिए और सत्ता से कठिन सवाल पूछने चाहिए। इसी तरह विपक्ष और अन्य सार्वजनिक हस्तियों के दावों की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। सरकार से सवाल पूछना किसी को देशविरोधी ठहराने का आधार नहीं हो सकता। असहमति लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। किसी भी व्यक्ति के विचारों से असहमति होने पर उसका जवाब तथ्यों और तर्कों से दिया जाना चाहिए, न कि उसकी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाली अपुष्ट सामग्री के जरिए।

TRP की दौड़ में तथ्य और मर्यादा पीछे तो नहीं छूट रहे?
डिजिटल पत्रकारिता के दौर में खबरों को तेजी से प्रसारित करने और सोशल मीडिया पर अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की प्रतिस्पर्धा बढ़ी है। इस बीच सनसनीखेज हेडलाइन और विवादित प्रस्तुतियों के जरिए ध्यान आकर्षित करने की प्रवृत्ति पर भी सवाल उठते रहे हैं। लेकिन किसी खबर की लोकप्रियता से अधिक महत्वपूर्ण उसकी सत्यता है। विशेष रूप से तब, जब खबर किसी महिला की पहचान, प्रतिष्ठा या निजी जीवन से जुड़ी हो। किसी भी समाचार संस्थान को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि खबर प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की पर्याप्त जांच की गई हो और शीर्षक तथा तस्वीर का इस्तेमाल खबर के वास्तविक संदर्भ के अनुरूप हो। नेहा सिंह राठौर और ABP News के बीच विवाद अब केवल सोशल मीडिया की बहस तक सीमित नहीं रह गया है। इस मामले ने मीडिया संस्थानों की जिम्मेदारी, महिलाओं की प्रतिष्ठा, डिजिटल खबरों के सत्यापन और सार्वजनिक जीवन में आलोचनात्मक आवाजों के सम्मान जैसे मुद्दों को फिर चर्चा में ला दिया है।