देहरादून का अर्जुन हत्याकाण्डः 12 लाख की सुपारी देकर मां ने ही कराई थी बेटे की हत्या! संपत्ति विवाद में बेटे को रास्ते से हटाने के लिए रची खौफनाक साजिश

The Arjun murder case in Dehradun: A mother had her son murdered by paying a contract of 12 lakh rupees! A horrific plot was hatched to eliminate her son over a property dispute.

देहरादून। राजधानी देहरादून में हुए हत्याकाण्ड मामले में पुलिस ने जो खुलासे किए हैं उन्हें सुनकर हर कोई हैरान है। पुलिस के मुताबिक लाखों रुपए की लालच में मां ने अपने बेटे की हत्या करवाई थी। अर्जुन का अपनी मां और उसके सहयोगियों के साथ संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। जिसके चलते उसकी मां और उसके सहयोगियों ने उसे रास्ते से हटाने के लिए 12 लाख रुपए में दो सगे भाइयों से सौदा किया था। घटना को अंजाम देने वाले मुख्य आरोपी दोनों सगे भाई मुठभेड़ में घायल हुए हैं। घटना की साजिश में शामिल और मुकदमे में नामजद उसकी मां समेत उसके 2 अन्य सहयोगियों को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। बता दें कि 11 फरवरी को सुबह कोतवाली डालनवाला को सूचना मिली थी कि तिब्बती मार्केट के पास एक व्यक्ति को अज्ञात लोगों ने गोली मार दी है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को इलाज के लिए दून अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक व्यक्ति की पहचान इंदिरा नगर निवासी अर्जुन शर्मा के रूप में हुई। अर्जुन शर्मा जीएमएस रोड स्थित अमरदीप गैस एजेंसी के स्वामी थे। घटना के संबंध में मृतक अर्जुन शर्मा की पत्नी अभिलाषा शर्मा ने अपनी सास बीना शर्मा, विनोद उनियाल, संगीता उनियाल और डॉक्टर अजय खन्ना पर गंभीर आरोप लगाए थे। अभिलाषा शर्मा का कहना था कि उनकी सास बीना शर्मा का पैसों के लेन-देन होने के कारण उनके पति अर्जुन शर्मा ने विरोध किया था। विरोध करने पर उनका अपनी माता के साथ विवाद हो गया। इस संबंध में उनका न्यायालय में भी वाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते अभिलाषा ने अपनी सास समेत अन्य सभी व्यक्तियों पर उनके पति की हत्या कराए जाने का शक जताया, जिसके संबंध शिकायत भी दी गई। जिसके आधार पर कोतवाली डालनवाला में मुकदमा दर्ज किया गया। वहीं चेकिंग अभियान के दौरान 11 फरवरी की रात में रायपुर पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। 

इस तरह रची गई हत्या की साजिश
पकड़े गए दो आरोपियों में से एक पंकज राणा, विनोद उनियाल के पास ड्राइवर का काम करता है और आरोपी राजीव ऑटो चलाने का काम करता है। विनोद उनियाल, उनके परिचित डॉक्टर अजय खन्ना और बीना शर्मा (अर्जुन की मां) का अर्जुन शर्मा से प्रॉपर्टी व पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। पहले दोनों पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। डॉक्टर अजय खन्ना की अर्जुन शर्मा की मां बीना शर्मा से जीएमएस रोड स्थित उनकी संपत्ति को खरीदने की एवज में 14 करोड़ रुपए में डील हुई थी। जिसमें से अब तक 8 करोड़ रुपए उसकी ओर से बीना शर्मा को दिए जा चुके थे, लेकिन अर्जुन शर्मा ने उसकी मां की ओर से बेची गई प्रॉपर्टी पर न्यायालय से स्टे ले लिया था। इतने पैसे देने के बाद और प्रॉपर्टी पर कब्जा न मिल पाने के कारण अजय खन्ना काफी परेशान चल रहा था। वो बीना शर्मा पर अपने पैसे वापस देने का दबाव बना रहा था, जिसे लेकर मां बेटे के बीच अक्सर विवाद व झगड़ा होता रहता था। बीना शर्मा ने अपने बेटे से खुद को असुरक्षित बताते हुए हाईकोर्ट से सुरक्षा हासिल की थी। संपत्ति पर अर्जुन शर्मा की ओर से विक्रय पर स्टे लेने और मोटी धनराशि देने के बावजूद भी न्यायालय में वाद के लंबित रहने व प्रॉपर्टी पर मालिकाना हक नहीं मिलने पर बीना शर्मा, अजय खन्ना और विनोद उनियाल ने अर्जुन शर्मा को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। ऐसे में उनका दोनों सगे भाइयों राजीव और पंकज से 12 लाख रुपए में सौदा तय हुआ था, जिसमें से 3 लाख रुपए दोनों आरोपियों को एडवांस मिल गए थे और बाकी के पैसे काम होने के बाद मिलने थे। पैसों के लालच में दोनों आरोपियों ने अर्जुन शर्मा की दिनचर्या की जानकारी लेकर 11 फरवरी को तिब्बती मार्केट के पास अर्जुन शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना से पहले और घटना के बाद आरोपी पंकज राणा ने विनोद उनियाल से व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क किया था। घटना के बाद रात में आरोपी उसके घर भी गया था। इस मामले में पुलिस ने पंकज राणा, राजीव उर्फ राजू, बीना शर्मा, विनोद उनियाल, अजय खन्ना को गिरफ्तार किया है।