झारखंड में छात्र आंदोलन पर सुबोध उनियाल का राहुल गांधी पर तीखा प्रहार! बोले-दिल्ली दिखती है, तो रांची का पुलिस लाठीचार्ज क्यों नहीं? यह कांग्रेस का दोहरा चरित्र
देहरादून। झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीति गरमा गई है। मंगलवार को देहरादून में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेसवार्ता के दौरान उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कांग्रेस और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस को छात्रों और नौजवानों के हितों से कोई लेना-देना नहीं है और वह केवल देश में अराजकता फैलाकर अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन वापस पाने की नाकाम कोशिश कर रही है।
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और छात्रों के आंदोलन को लेकर उत्तराखंड की सियासत गरमा गई है। मंगलवार को कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने देहरादून में प्रेसवार्ता कर कांग्रेस और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस छात्रों के मुद्दे को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है, जबकि झारखंड में कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा की सरकार के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों पर कार्रवाई की गई। सुबोध उनियाल ने कहा कि जब दिल्ली में छात्रों का आंदोलन हुआ था, तब सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने कहा कि परीक्षा दोबारा कराई गई, तत्कालीन शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा दिया, आरोपियों को जेल भेजा गया और नकल रोकने के लिए सख्त कानून बनाया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार सदन में इन मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है तो राहुल गांधी चर्चा से पीछे क्यों हट रहे हैं। मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी अब झारखंड में छात्रों पर गोली चलने की बात कह रहे हैं, जबकि वहां प्रदर्शन के दौरान जो कुछ हुआ, वह सभी के सामने है। उनका आरोप था कि छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन किया, लेकिन झारखंड में उनका दमन किया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का छात्रों और युवाओं के हितों से कोई लेना-देना नहीं है और वह रोज नए आरोप लगाकर लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रही है।
उनियाल ने कहा कि कांग्रेस का यह दोहरा चरित्र जनता के सामने आ चुका है। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष को जनहित के मुद्दों पर गंभीरता से बात करनी चाहिए, न कि राजनीतिक माहौल को अराजक बनाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस अपनी खोई राजनीतिक जमीन वापस पाने के लिए छात्र आंदोलन को मुद्दा बना रही है। सुबोध उनियाल ने कहा कि यदि कांग्रेस को छात्रों की चिंता है तो उसे झारखंड में हुई पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “आप चश्मा बदलिए। जो दिल्ली में दिखाई दे रहा था, वह झारखंड में क्यों नहीं दिखाई दे रहा?” उन्होंने कहा कि भाजपा झारखंड के छात्र आंदोलन को लेकर राजनीति नहीं कर रही, बल्कि पूरे मामले को तथ्यों के आधार पर देखने की जरूरत है। प्रेसवार्ता में सुबोध उनियाल ने उत्तराखंड में लागू नकलरोधी कानून का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि कानून बनने के बाद प्रदेश में पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगी है। उन्होंने कहा कि हाल में एक परीक्षा के दौरान एक केंद्र से पेपर बाहर जाने का मामला सामने आया था, जिसे उन्होंने सुनियोजित षड्यंत्र बताया। इस मामले में सीबीआई जांच चल रही है। मंत्री ने कहा कि सरकार ने नकल और परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही विपक्ष से अपील की कि वह छात्रों के मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय तथ्यों के आधार पर सरकार के साथ चर्चा करे। झारखंड में छात्रों के आंदोलन और उसके बाद भाजपा के बंद के आह्वान के बीच उत्तराखंड सरकार के मंत्री की इस प्रेसवार्ता ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि कांग्रेस इन आरोपों पर क्या जवाब देती है और झारखंड के छात्र आंदोलन को लेकर दोनों दलों के बीच सियासी टकराव किस दिशा में आगे बढ़ता है।