Sep 23, 2026 Login

किच्छा थप्पड़ कांड पर गरमाई सियासतः यशपाल आर्य ने सरकार को घेरा! बोले- विधानसभा में गूंजेगा मामला, पूरे प्रदेश में जनता के बीच जाएगी कांग्रेस

Politics heats up over the Kichha 'slap incident': Yashpal Arya targets the government! Says the issue will be raised in the Assembly and the Congress will take the matter to the public across the st

किच्छा। किच्छा नगर निकाय चुनाव के दौरान स्ट्रांग रूम के बाहर हुए विवाद में कांग्रेस विधायक तिलक राज बेहड़ के साथ कथित मारपीट और थप्पड़ मारे जाने के आरोप को लेकर कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने किच्छा पहुंचकर विधायक तिलक राज बेहड़ से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में आर्य ने कहा कि विधायक बेहड़ पर हुए हमले का मामला विधानसभा में उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह अब केवल विधायक तिलक राज बेहड़ का मामला नहीं है, बल्कि कांग्रेस का मामला बन चुका है। यशपाल आर्य ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस पूरे प्रदेश में इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाएगी। उन्होंने किच्छा में प्रशासन की भूमिका और चुनाव प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए तथा आरोप लगाया कि सरकार के संरक्षण में माफिया तत्वों को बढ़ावा मिल रहा है। बता दें कि किच्छा नगर पालिका चुनाव के मतदान के बाद मंगलवार को मतपेटियों को स्ट्रांग रूम में जमा कराने के दौरान विवाद हुआ था। स्ट्रांग रूम के बाहर लगाए जा रहे पर्दों को लेकर विधायक तिलक राज बेहड़ ने आपत्ति जताई थी। इसके बाद मौके पर पूर्व विधायक राजेश शुक्ला और दोनों पक्षों के समर्थक भी पहुंच गए। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। इसी दौरान विधायक बेहड़ ने आरोप लगाया कि उनके साथ मौजूद एक व्यक्ति ने उन्हें थप्पड़ मारा। घटना के बाद मौके पर तनाव बढ़ गया और पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए स्थिति को नियंत्रित किया। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि किच्छा में माफिया तत्वों को सरकार का संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने पूर्व में हुए निकाय चुनावों में भी धांधली के आरोप लगाए। आर्य ने कहा कि किच्छा की घटना के जरिए प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि पुलिस की मौजूदगी में किसी निर्वाचित विधायक के साथ इस तरह की घटना हो सकती है तो प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।