सनसनीखेज हत्याकांडः घर और दुकान से मिले एक ही परिवार के 4 लोगों के शव! दीवार पर लिखा था- बंटी-बबली और बहू ने मारा, बदबू आने पर खुला रहस्य
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के साउथ मलाका इलाके में बुधवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब एक घर और उससे जुड़ी दुकान से एक ही परिवार के चार लोगों के शव बरामद हुए। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जुट गए। पुलिस ने घर के अंदर से पति-पत्नी और उनकी बेटी के शव बरामद किए, जबकि कुछ दूरी पर स्थित दुकान से एक युवक का सड़ा-गला शव मिला है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि यह शव परिवार के बेटे का हो सकता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस, फॉरेंसिक टीम और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने पूरे क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू कर दी है।
बदबू आने पर खुला रहस्य
जानकारी के अनुसार साउथ मलाका निवासी वीरेंद्र वैश्य के घर और दुकान से कई दिनों से दुर्गंध आ रही थी। स्थानीय लोगों को जब संदेह हुआ तो उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और बंद पड़े मकान तथा दुकान के ताले खुलवाए। घर के अंदर प्रवेश करते ही पुलिस को वीरेंद्र वैश्य, उनकी पत्नी और उनकी बेटी के शव मिले। वहीं पास स्थित दुकान से एक और शव बरामद हुआ, जो काफी सड़ चुका था। पुलिस का अनुमान है कि यह शव वीरेंद्र वैश्य के बेटे अभिषेक का हो सकता है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम और पहचान प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।
दीवार पर लिखे शब्दों ने बढ़ाई रहस्य की परतें
जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल पर कुछ ऐसे संकेत भी मिले हैं, जिन्होंने मामले को और अधिक रहस्यमय बना दिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार घर के पास एक दीवार और एक बोर्ड पर ‘बंटी-बबली और बहू ने मारा’ लिखा हुआ पाया गया है। इस लिखावट के पीछे क्या कारण है और इसे किसने लिखा, यह फिलहाल जांच का विषय बना हुआ है। पुलिस इस पहलू को भी गंभीरता से लेते हुए जांच कर रही है।
सिर पर वार कर की गई हत्या की आशंका
प्रयागराज पुलिस के एडिशनल कमिश्नर अजय पाल शर्मा ने बताया कि घर में मिले तीनों शवों की प्रारंभिक जांच में हत्या की आशंका सामने आई है। उन्होंने बताया कि मृतकों के सिर पर किसी भारी वस्तु से वार किए जाने के संकेत मिले हैं। वहीं दुकान में मिला शव काफी पुराना और सड़ी.गली अवस्था में है। उसकी मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। पुलिस का मानना है कि घटनाओं का क्रम और मौतों का समय अलग.अलग भी हो सकता है, जिसकी पुष्टि वैज्ञानिक जांच के बाद ही हो पाएगी।
परिवार का आपराधिक पृष्ठभूमि से भी जुड़ाव
जांच के दौरान पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि मृतक वीरेंद्र वैश्य का छोटा बेटा अश्विनी वैश्य वर्तमान में कौशांबी जेल में बंद है। उसके खिलाफ कथित धोखाधड़ी और अन्य मामलों में मुकदमे दर्ज बताए जा रहे हैं। पुलिस अब परिवार की पृष्ठभूमि, आर्थिक गतिविधियों और आपसी संबंधों की भी गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि परिवार से जुड़े सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है ताकि घटना के पीछे की वास्तविक वजह सामने आ सके।
भाइयों के बीच विवाद की भी जांच
पुलिस को स्थानीय लोगों से जानकारी मिली है कि वीरेंद्र वैश्य के दोनों बेटों, अभिषेक और अश्विनी के बीच संबंध सामान्य नहीं थे। दोनों के बीच कई बार विवाद होने की बात भी सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार दोनों भाइयों के कथित आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहने की सूचनाएं भी मिली हैं। ऐसे में पुलिस इस पहलू को भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा मान रही है। घटना की तह तक पहुंचने के लिए फॉरेंसिक टीम ने मौके से फिंगरप्रिंट, जैविक नमूने और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी कब्जे में लेकर जांच की जा रही है। पुलिस ने मामले के खुलासे के लिए पांच विशेष टीमें गठित की हैं, जो अलग-अलग बिंदुओं पर जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जाएगा।