लाल' हुआ बालू का काला खेल: दो गांवों में खूनी संघर्ष, 20 राउंड फायरिंग से दहला इलाका,एक की मौत

Sand's 'dark game' turns bloody: Violent clash between two villages; area rocked by 20 rounds of gunfire; one dead.

जहानाबाद। बिहार के जहानाबाद जिले से इस वक्त की बेहद सनसनीखेज और झकझोर देने वाली खबर सामने आ रही है। घोसी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चैतीपीपर और गिजी गांव के बीच अवैध बालू खनन के वर्चस्व को लेकर हुआ पुराना विवाद एक खूनी खेल में बदल गया। दोनों पक्षों के बीच हुई ताबड़तोड़ लगभग 20 राउंड की फायरिंग से पूरा इलाका दहल उठा। इस भीषण हिंसक झड़प में गोली लगने से गंभीर रूप से घायल एक युवक की पटना में इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि पांच अन्य लोग जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। घटना के बाद से ही दोनों गांवों में भारी तनाव और आक्रोश का माहौल है, जिसके मद्देनजर पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है।

प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, विवाद की शुरुआत अवैध बालू खनन के लिए क्षेत्र तय करने को लेकर हुई थी। देखते ही देखते दोनों ओर से हथियार निकल आए और गोलियों की बौछार शुरू हो गई। अचानक हुई लगभग 20 राउंड की फायरिंग से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। शुरुआत में गोलियों की आवाज़ सुनकर कई ग्रामीणों को लगा कि शायद शादी-ब्याह या किसी उत्सव के पटाखे फूट रहे हैं। लेकिन जब लोग सच्चाई जानने के लिए अपने घरों से बाहर निकले, तो वे सीधे मौत के इस तांडव की चपेट में आ गए। घर के बाहर बैठे और राह चलते लोग भी इस अंधाधुंध गोलीबारी का शिकार बन गए, जिससे वहां चीख-पुकार मच गई। इस खूनी संघर्ष में चैतीपीपर गांव निवासी धीरज कुमार शर्मा को सीधे सीने में गोली लगी, जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े। उन्हें तुरंत घोसी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए सदर अस्पताल और फिर तुरंत पटना रेफर किया गया। लेकिन डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद, पटना के अस्पताल में इलाज के दौरान धीरज ने दम तोड़ दिया। धीरज की मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, परिजनों में कोहराम मच गया और ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। इस भीषण गोलीबारी में पांच अन्य लोग भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गौरतलब है कि जहानाबाद जिले में करीब चार वर्ष पहले ही बालू खनन पर पूरी तरह से रोक (प्रतिबंध) लगा दी गई थी। इसके बावजूद प्रशासन की नाक के नीचे अवैध खनन की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। इस खूनी वारदात ने एक बार फिर जिले में सक्रिय अवैध बालू कारोबार, उसके मजबूत सिंडिकेट और स्थानीय प्रशासन की मुस्तैदी पर बड़े सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। घटना की भयावहता और दोनों गांवों के बीच फैले भारी तनाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। पुलिस अधीक्षक (एसपी) के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस बल को घटनास्थल और दोनों गांवों में तैनात कर दिया गया है। घोसी थानाध्यक्ष शैलेश कुमार सहित जिले के कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी खुद मौके पर कैंप कर रहे हैं। मामले की जानकारी देते हुए एसपी ने बताया कि बालू उठाव को लेकर दो पक्षों के बीच लंबे समय से सीमा विवाद चल रहा था, जिसने आज हिंसक रूप ले लिया। पुलिस को दोनों पक्षों की ओर से लिखित आवेदन प्राप्त हो चुका है। पुलिस बल द्वारा इलाके में लगातार छापेमारी की जा रही है। एसपी ने साफ शब्दों में कहा है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और इस खूनी खेल में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। फिलहाल इलाके में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन दबी हुई चिंगारी को देखते हुए पुलिस पूरी सतर्कता बरत रही है।