Sep 20, 2026 Login

हल्द्वानीः MBPG कॉलेज छात्रसंघ चुनाव में घमासान तेज! आरक्षण रोस्टर के बाद ABVP में टिकट को लेकर फूटा असंतोष, त्रिकोणीय हुआ मुकाबला

Haldwani: Intense battle in the MBPG College student union elections! Following the announcement of the reservation roster, discontent has erupted within the ABVP over ticket allocation, turning the

हल्द्वानी। कुमाऊं के सबसे बड़े एमबीपीजी कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव से पहले छात्र राजनीति का तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। चुनावी आरक्षण रोस्टर को लेकर शुरू हुआ विवाद अब अध्यक्ष पद के टिकट को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के भीतर सामने आई बगावत तक पहुंच गया है। एबीवीपी ने अध्यक्ष पद के लिए धीरज बिष्ट को अपना अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया है। इसके बाद अध्यक्ष पद के दावेदार रहे आर्यन बेलवाल ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। उनके समर्थन में संगठन से जुड़े कई पदाधिकारियों के इस्तीफे की बात भी सामने आई है। अध्यक्ष पद के लिए धीरज बिष्ट और आर्यन बेलवाल दोनों दावेदारी कर रहे थे। संगठन की ओर से धीरज बिष्ट के नाम की घोषणा के बाद आर्यन बेलवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव मैदान में उतरने की घोषणा की। इसके साथ ही कॉलेज की छात्र राजनीति में नए समीकरण बनते दिखाई देने लगे हैं। टिकट वितरण के बाद एबीवीपी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आया। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक आर्यन बेलवाल के समर्थन में संगठन से जुड़े कई पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने इस्तीफे की पेशकश की है। समर्थकों का कहना है कि आर्यन को अध्यक्ष पद का प्रत्याशी बनाया जाना चाहिए था।

वहीं संगठन की ओर से कहा गया है कि प्रत्याशी चयन पर विचार-विमर्श के बाद निर्णय लिया गया है और नाराज कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास किया जाएगा। आर्यन के निर्दलीय मैदान में उतरने के बाद अध्यक्ष पद पर मुकाबला फिलहाल तीन प्रमुख चेहरों के बीच दिखाई दे रहा है। एबीवीपी ने धीरज बिष्ट को अधिकृत प्रत्याशी बनाया है, जबकि एनएसयूआई ने मेहुल शाह को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। एमबीपीजी कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव को लेकर विवाद की शुरुआत आरक्षण रोस्टर से हुई थी। कुमाऊं विश्वविद्यालय की ओर से जारी रोस्टर में छात्रा उपाध्यक्ष के अलावा संयुक्त सचिव और कोषाध्यक्ष पद को भी छात्राओं के लिए आरक्षित किए जाने की जानकारी सामने आई। इसके बाद इन पदों के दावेदारों और उनके समर्थकों ने कॉलेज के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने चुनाव की तारीख घोषित होने के बाद अंतिम समय में आरक्षण लागू किए जाने पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि यदि आरक्षण रोस्टर लागू किया जाना था तो इसे पहले जारी किया जाना चाहिए था। इस दौरान कॉलेज परिसर के बाहर प्रदर्शन और पुलिस की मौजूदगी के बीच स्थिति तनावपूर्ण भी हुई। छात्र नेताओं ने विश्वविद्यालय कार्य परिषद के फैसले को अदालत में चुनौती देने की तैयारी की बात कही है। अब अध्यक्ष पद के लिए धीरज बिष्ट, मेहुल शाह और आर्यन बेलवाल के मैदान में होने से चुनावी मुकाबले को लेकर छात्र राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं। दूसरी ओर, एबीवीपी के भीतर टिकट को लेकर सामने आया असंतोष संगठन के लिए एक अलग चुनौती बन गया है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संगठन के असंतुष्ट कार्यकर्ता किस तरह की भूमिका निभाते हैं और चुनावी मैदान में विभिन्न प्रत्याशी छात्रों के बीच किस तरह अपना समर्थन जुटाते हैं।