झारखंड में नई मांग: पद्म भूषण के बाद 'गुरुजी' शिबू सोरेन को 'भारत रत्न' देने की उठी आवाज, झामुमो-कांग्रेस एकजुट

New demand in Jharkhand: Calls raised to confer 'Bharat Ratna' on 'Guruji' Shibu Soren following his Padma Bhushan; JMM and Congress united.

रांची। झारखंड आंदोलन के महानायक, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के संस्थापक और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय शिबू सोरेन को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से नवाजे जाने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। झारखंड की सत्ताधारी पार्टी झामुमो और उसकी सहयोगी कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने एकजुट होकर केंद्र सरकार से यह पुरजोर अपील की है। नेताओं का तर्क है कि अलग झारखंड राज्य के निर्माण और शोषितों-वंचितों के हक की लड़ाई में गुरुजी का ऐतिहासिक योगदान अद्वितीय है, जिसके लिए उन्हें भारत रत्न मिलना ही चाहिए। यह राजनीतिक और सामाजिक मांग ऐसे बेहद खास मौके पर उठी है, जब मंगलवार को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित गरिमामय समारोह में स्वर्गीय शिबू सोरेन को मरणोपरांत 'पद्म भूषण' सम्मान से नवाजा जाएगा।

यह प्रतिष्ठित सम्मान देश की महामहिम राष्ट्रपति के हाथों उनकी धर्मपत्नी रूपी सोरेन ग्रहण करेंगी। पूरे झारखंड और आदिवासी समाज के लिए इसे एक भावुक और गर्व का क्षण माना जा रहा है। हालांकि, झामुमो और कांग्रेस का स्पष्ट कहना है कि गुरुजी का कद और उनके काम इस सम्मान से भी कहीं अधिक व्यापक रहे हैं। झामुमो के केंद्रीय उपाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद बैद्यनाथ राम ने इस मांग को पुरजोर तरीके से उठाते हुए कहा कि आदरणीय शिबू सोरेन ने अपना पूरा जीवन आदिवासी, मूलवासी, गरीब मजदूर और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े वंचित वर्ग के अधिकारों के लिए होम कर दिया। केंद्र सरकार द्वारा दिया जा रहा पद्म भूषण सम्मान पूरी तरह स्वागत योग्य है और हम इसके लिए आभार प्रकट करते हैं। लेकिन गुरुजी का ऐतिहासिक योगदान वास्तव में 'भारत रत्न' के योग्य है। उनका संघर्ष केवल झारखंड की भौगोलिक सीमाओं तक सीमित नहीं था, बल्कि सामाजिक न्याय और जनाधिकारों की रक्षा के लिए पूरे देश के शोषितों के लिए प्रेरणा का एक अमर स्रोत रहा है। झारखंड मुक्ति मोर्चा अलग राज्य गठन के प्रणेता रहे, पूरा जीवन वंचितों और मूलवासियों के हक की लड़ाई में बिताया। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस झारखंड आंदोलन को राष्ट्रीय पटल पर पहचान दिलाई; आदिवासियों के सम्मान के लिए भारत रत्न जरूरी। इस मांग को गति देते हुए कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता किशोरनाथ शाहदेव ने भी झामुमो के सुर में सुर मिलाया। उन्होंने कहा कि झारखंड आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने और देश के सबसे शांत व शोषित आदिवासी समाज की आवाज को दिल्ली के गलियारों तक गूंजने पर मजबूर करने में गुरुजी की भूमिका अतुलनीय रही है। कांग्रेस प्रवक्ता ने आगे कहा कि केंद्र सरकार को बिना किसी राजनीतिक भेदभाव के उनके इस महान योगदान का सम्मान करना चाहिए और उन्हें जल्द से जल्द भारत रत्न प्रदान करना चाहिए। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि आदिवासी इस देश के मूल मालिक हैं, और गुरुजी को यह सम्मान मिलने से न केवल झारखंड बल्कि पूरे देश के आदिवासी समाज का गौरव और आत्मसम्मान सातवें आसमान पर पहुंचेगा। अब देखना यह है कि राज्य से उठी इस मांग पर केंद्र सरकार का क्या रुख रहता है।