हैदराबाद से 5 करोड़ की ज्वेलरी चुराकर नेपाल भाग रहा 'नेपाली गैंग' यूपी-उत्तराखंड बॉर्डर पर गिरफ्तार
रुद्रपुर। कहते हैं कि कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं और जब दो-तीन राज्यों की पुलिस आपसी तालमेल (कोऑर्डिनेशन) के साथ काम करे, तो शातिर से शातिर अपराधी भी बच नहीं सकता। ऐसा ही एक फिल्मी और बेहद हाई-प्रोफाइल मामला उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और तेलंगाना की सीमा पर देखने को मिला। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के गच्चीबाउली स्थित एक आलीशान विला से करीब 5 करोड़ रुपये मूल्य के सोने और हीरे के आभूषण चुराकर नेपाल भाग रहे एक शातिर गिरोह को पुलिस की संयुक्त टीम ने दबोच लिया है। यह पूरा ऑपरेशन किसी बॉलीवुड थ्रिलर फिल्म जैसा रहा, जहां महज कुछ किलोमीटर और चंद मिनटों के फासले पर पुलिस ने आरोपियों को नेपाल की सीमा में दाखिल होने से पहले ही दबोच लिया। इस संयुक्त कार्रवाई के दौरान दो महिलाओं सहित तीन नेपाली मूल के आरोपियों को हिरासत में लिया गया है, जिनके पास से चोरी के करोड़ों रुपये के आभूषण बरामद हुए हैं। इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत सोमवार 8 जून को आधी रात के बाद हुई। हैदराबाद के साइबराबाद पुलिस कमिश्नर डॉ. एम रमेश ने सीधे उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के एसएसपी अजय गणपति को फोन कर एक बेहद गुप्त और बड़ी सूचना साझा की। कमिश्नर ने बताया कि हैदराबाद के पॉश इलाके गच्चीबाउली में एक बड़े बिजनेसमैन के घर से करीब 5 करोड़ रुपये की ज्वेलरी चोरी हुई है। सर्विलांस और खुफिया इनपुट के अनुसार, चोरी में शामिल नेपाली मूल का गिरोह एक उत्तर प्रदेश रोडवेज की बस में सवार होकर उत्तराखंड के रास्ते नेपाल भागने की फिराक में है।
सूचना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी अजय गणपति ने एक पल भी नहीं गंवाया। उन्होंने तुरंत देर रात ही एसओजी टीम को अलर्ट किया और खुद मोर्चा संभालते हुए रुद्रपुर रोडवेज बस स्टेशन की तरफ दौड़ पड़े। जब एसएसपी अजय गणपति अपनी टीम के साथ रुद्रपुर बस स्टेशन पहुंचे, तो पता चला कि संदिग्धों को लेकर जा रही बस कुछ ही मिनट पहले वहां से निकल चुकी है और उत्तर प्रदेश की सीमा में प्रवेश करने वाली है। रुद्रपुर से नेपाल बॉर्डर की दूरी महज 165 किलोमीटर है, और आरोपी तेजी से उसकी तरफ बढ़ रहे थे। स्थिति हाथ से निकलती देख उत्तराखंड पुलिस ने तत्काल उत्तर प्रदेश के रामपुर जनपद की बिलासपुर थाना पुलिस को अलर्ट किया। उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश पुलिस की संयुक्त टीम ने बिलासपुर-रामपुर मार्ग पर जाल बिछाया। एसएसपी अजय गणपति और उनकी टीम ने स्वयं अपनी गाड़ियों से पीछा करते हुए उत्तर प्रदेश सीमा के भीतर बिलासपुर क्षेत्र में स्थित नारायण हॉस्पिटल के आगे उस संदिग्ध बस को रुकवा लिया। पुलिस टीम ने जब बस के भीतर गहन तलाशी शुरू की, तो तेलंगाना पुलिस द्वारा दिए गए हुलिए और पहचान के आधार पर दो महिलाओं और एक युवक को चिन्हित कर लिया गया। पुलिस ने जब उनकी तलाशी ली, तो उनके पास मौजूद बैगों से भारी मात्रा में सोने के आभूषण और कीमती हीरे बरामद हुए। बरामद की गई ज्वेलरी की प्रारंभिक कीमत लगभग 5 करोड़ रुपये आंकी गई है। चूंकि यह पूरी बरामदगी और गिरफ्तारी उत्तर प्रदेश की सीमा में हुई, इसलिए आभूषणों की जब्ती और आगे की वैधानिक कार्रवाई उत्तर प्रदेश की बिलासपुर पुलिस द्वारा अमल में लाई जा रही है। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने इस पूरी वारदात को अंजाम देने के लिए बेहद शातिराना प्लानिंग की थी। गच्चीबाउली के हिल रिज विला में रहने वाले एक नामचीन बिजनेसमैन ने करीब एक महीने पहले ही इस नेपाली जोड़े (कपल) को अपने घर पर काम के लिए रखा था। हाल ही में बिजनेसमैन का परिवार मुंबई ट्रिप पर गया हुआ था। इसी का फायदा उठाकर इस कपल ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर घर में रखी तिजोरी और पूजा घर में स्थापित मूर्ति से करीब एक किलो सोने के गहने और हीरे साफ कर दिए। जब बिजनेसमैन का परिवार मुंबई से वापस लौटा, तो उन्हें घर के ताले बिल्कुल सही-सलामत मिले, लेकिन नौकर गायब थे। शुरुआत में उन्हें लगा कि वे बिना बताए चले गए हैं, लेकिन जब पूजा घर और अलमारी की जांच की गई, तो करोड़ों के आभूषण गायब थे। इसके बाद हैदराबाद की गच्चीबाउली पुलिस ने मामला दर्ज कर स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीमें गठित की थीं। इस पूरे मामले में समय की भूमिका सबसे अहम रही। हैदराबाद से 1700 किलोमीटर दूर रुद्रपुर पहुंचे इन आरोपियों के लिए नेपाल बॉर्डर अब बेहद नजदीक था। बिलासपुर में जहां ये लोग पकड़े गए, वहां से अंतरराष्ट्रीय नेपाल सीमा मुश्किल से 100 किलोमीटर दूर रह गई थी। उधम सिंह नगर के एसएसपी अजय गणपति ने बताया कि यदि साइबराबाद पुलिस कमिश्नर का फोन आने में थोड़ी भी देरी होती या उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ तुरंत कॉर्डिनेशन न बैठता, तो आरोपी नेपाल बॉर्डर क्रॉस कर जाते। एक बार आरोपियों के नेपाल में दाखिल हो जाने के बाद उन्हें ढूंढना और कानूनी पेचीदगियों के कारण आभूषणों की बरामदगी करना लगभग असंभव हो जाता। फिलहाल इस मामले की विस्तृत जांच जारी है और तेलंगाना पुलिस आज हैदराबाद में एक भव्य प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पूरे अंतरराज्यीय ऑपरेशन का आधिकारिक खुलासा करेगी।