नैनीताल:पेपर लीक रोकिए, दोषियों को सजा दीजिए,'शिक्षा में सुधार चाहिए, लाठी नहीं' नैनीताल में छात्रों और वकीलों का प्रदर्शन!
दिल्ली में नीट पेपर लीक मामले को लेकर जारी छात्र आंदोलन और हाल ही में प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में शुक्रवार को नैनीताल में छात्र, अधिवक्ता और नागरिक एकजुट हुए। सभी लोग बी.एम. शाह ओपन एयर थिएटर में एकत्र हुए, जहां सभा आयोजित की गई। इसके बाद प्रतिभागियों ने शांतिपूर्ण मार्च निकालते हुए तल्लीताल स्थित गांधी प्रतिमा तक पहुंचकर अपनी एकजुटता जताई।

प्रदर्शन में शामिल छात्रों और अधिवक्ताओं ने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य केवल किसी एक व्यक्ति का इस्तीफा नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र में व्यापक सुधार लाना है। उनका कहना था कि देशभर में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है और इसे रोकने के लिए ठोस एवं स्थायी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनकी प्रमुख मांग शिक्षा व्यवस्था में सुधार की है। उन्होंने कहा कि जिन एजेंसियों या कंपनियों पर पहले पेपर लीक से जुड़े आरोप लगे हों, उन्हें बार-बार संवेदनशील परीक्षाओं के टेंडर नहीं दिए जाने चाहिए। उनका आरोप था कि मंत्रालय चाहे तो इस दिशा में प्रभावी कदम उठा सकता है, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकांश पेपर लीक मामलों में दोषियों को सजा नहीं मिलती, जिससे ऐसे अपराधों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। उनका कहना था कि जवाबदेही तय होनी चाहिए और शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी एवं सुरक्षित बनाया जाना चाहिए।

प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के विरोध में आंदोलन कर रहे छात्रों के प्रति समर्थन व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखंड सहित कई राज्यों में भी पेपर लीक की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। उनका कहना था कि इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाना चाहिए ताकि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रह सके।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने दिल्ली में आंदोलन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की भी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण था, लेकिन इसके बावजूद छात्रों के साथ बल प्रयोग किया गया। वक्ताओं ने दावा किया कि महिलाओं के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया और प्रदर्शनकारियों के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन हुआ। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है और इस अधिकार का सम्मान किया जाना चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने केंद्र सरकार से मामले में हस्तक्षेप करने और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की। साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग भी दोहराई। साथ ही ये भी कहा कि यह पूरी तरह छात्र नेतृत्व वाला आंदोलन है। उन्होंने कहा कि कुछ छात्रों ने प्रदर्शन के आयोजन और कानूनी प्रक्रिया को लेकर स्थानीय अधिवक्ताओं से संपर्क किया था, जिसके बाद नैनीताल हाई कोर्ट के अधिवक्ताओं ने उन्हें सहयोग देने का निर्णय लिया। उनका कहना था कि दिल्ली सहित देशभर में शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पेपर लीक के खिलाफ चल रहे आंदोलन के समर्थन में ही नैनीताल में यह एकजुटता सभा और शांतिपूर्ण मार्च आयोजित किया गया।
प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और अंत में प्रतिभागियों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक पर प्रभावी रोक तथा छात्रों के अधिकारों की रक्षा की मांग दोहराई।