नैनीताल या टैक्स ताल:बढ़ रहा टैक्स का बोझ,अब बाहरी दोपहिया वाहनों से भी 100 रुपये वसूली,अपने ही घर आने की कीमत चुकानी होगी!दूसरे जिलों में पढ़ने-नौकरी करने वाले लोगों पर टोल की मार

Nainital or Tax Tal: The tax burden is increasing, with even outside bike riders now being charged ₹100, a price to pay for visiting their own homes! Tolls are a burden on those studying and working

नैनीताल क्या अब धीरे-धीरे 'टैक्स ताल' में बदलता जा रहा है? शहर में प्रवेश करने वाले पर्यटकों और बाहरी लोगों के बीच अब यही चर्चा सुनाई देने लगी है। पहले पार्किंग शुल्क, फिर विभिन्न प्रकार के टैक्स और अब बाहरी दोपहिया वाहनों पर भी टोल वसूली। 
इसी क्रम में बुधवार रात 12 बजे से नैनीताल आने वाले बाहरी दोपहिया वाहनों पर 100 रुपये टोल टैक्स की वसूली शुरू कर दी गई है। एमजी इंफ्रा सॉल्यूशन ने 24.55 करोड़ रुपये में चुंगी वसूली का ठेका हासिल किया है और अनुबंध के तहत उसने तीनों चुंगी नाकों पर अपना संचालन शुरू कर दिया है। यह व्यवस्था मार्च 2028 तक प्रभावी रहेगी।

नई व्यवस्था के अनुसार केवल नैनीताल जिले के यूके-04 पंजीकरण वाले दोपहिया वाहन इस शुल्क से मुक्त रहेंगे। जबकि अन्य जिलों और दूसरे राज्यों से आने वाले सभी दोपहिया वाहन चालकों को 100 रुपये टोल देना होगा। टोल प्रबंधन का कहना है कि स्थानीय लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो, इसके लिए कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि यूके-04 नंबर प्लेट वाले दोपहिया वाहनों से कोई शुल्क न लिया जाए।

इसके अलावा स्थानीय निजी और व्यावसायिक चारपहिया वाहनों के लिए 200 रुपये टोल निर्धारित किया गया है, जबकि बाहरी चारपहिया और बड़े वाहनों के लिए 300 रुपये की चुंगी तय की गई है।

शहर के तीनों प्रमुख प्रवेश द्वार, लेक ब्रिज तल्लीताल, बारापत्थर और फांसी गधेरा पर फिलहाल मैनुअल वसूली शुरू हो चुकी है। हालांकि संचालक का कहना है कि अगले करीब दस दिनों के भीतर पूरी व्यवस्था फास्टैग प्रणाली से जोड़ दी जाएगी। इसके बाद वाहन चालकों को नकद भुगतान या पर्ची कटवाने के लिए चुंगी नाकों पर रुकने की आवश्यकता नहीं होगी।

उधर, नैनीताल नगर पालिका अध्यक्ष सरस्वती खेतवाल का कहना है कि चुंगी वसूली की पूरी टेंडर प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संपन्न कराई गई है। निर्धारित प्रक्रिया के तहत नए ठेकेदार को बुधवार रात 12 बजे से विधिवत कार्यभार सौंप दिया गया है।

लगातार बढ़ती टैक्स व्यवस्था पर्यटन आधारित शहर नैनीताल की छवि अब धूमिल कर रही है। हालात ऐसे बनते दिख रहे हैं कि लोगों को चिंता होने लगी है ,कई स्थानीय लोगों के बच्चे दूसरे जिलों में पढ़ाई और नौकरी कर रहे हैं उन्होंने उन्हीं जिलों से बाइक स्कूटी इत्यादि ली है, वीकेंड पर वो अपने घर नैनीताल आते है ऐसे में नैनीताल आना जाना टोल टैक्स के चलते खासा मुश्किल हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर यही स्थिति रही तो वह दिन भी दूर नहीं जब नैनीताल में पैदल आने वालों से भी टैक्स वसूला जाने लगेगा। पर्यटन को बढ़ावा देने के बजाय लगातार बढ़ते शुल्कों को लेकर स्थानीय लोगों और पर्यटकों में चिंता और नाराजगी दोनों देखने को मिल रही है।