मिडिल ईस्ट तनावः लोकसभा में प्रधानमंत्री मोदी ने रखी बात! बोले- भारत का प्लान बी तैयार, संकट है... लेकिन घबराना नहीं
नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सोमवार को लोकसभा में अपनी बात रखी। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया की हालत चिंताजनक हैं। कच्चे तेल, गैस की जरूरत का ज्यादातर हिस्सा यहीं से आता है। लेकिन युद्ध के चलते होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों का आना चुनौतीपूर्ण हो गया है। भारत की बात करें तो देश में क्रूड, गैस से लेकर फर्टिलाइजर्स का आयात इन देशों से होता है और एलपीजी का 60 फीसदी आयात किया जाता है। उन्होंने कहा कि कमर्शियल जहाजों पर हमला और होर्मुज में रुकावट मंजूर नहीं है। सरकार वहां से भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि स्थितियों पर पैनी नजर रखी जा रही है और सरकार पूरी तरह से सतर्क मोड में है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मिडिल ईस्ट संकट से दुनिया की अर्थव्यवस्थाओं पर असर और भारत भी खाड़ी देशों में हालात पर नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि एनर्जी इकोनॉमी की रीढ़ है और इसका बड़ा ग्लोबल सोर्स वेस्ट एशिया है, जो वर्तमान संकट से प्रभावित हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत पर असर कम से कम हो, इसलिए सरकार की ओर से रणनीति के साथ निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने भारत की इकोनॉमी को मजबूत करार दिया। तेल-गैस संकट के बीच पीएम नरेंद्र मोदी ने उस प्लान बी का जिक्र भी किया, जिससे भारत में आपूर्ति को सुनिश्चित रखने में मदद मिल रही है। उन्होंने कहा कि हमने लगातार अपने आयात को डाइवर्सिफाई किया है, पहले भारत सिर्फ 27 देशों से एनर्जी आयात करता था, लेकिन अब ये आंकड़ा बढ़कर 41 हो चुका है। इसके अलावा हमारी रिफाइनरी क्षमाता में भी इजाफा हुआ है। आंकड़े शेयर करते हुए पीएम ने बताया कि भारत के पास 53 लाख मीट्रिक टन क्रूड ऑयल का रिजर्व है। हमारा लक्ष्य 65 लाख मीट्रिक टन का है। हमारा प्रयास है कि हर जरूरी सामान से जुड़े जहाज सुरक्षित भारत पहुंचें। मौजूदा संकट के बारे में जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत में एलपीजी के उत्पादन लगातार बढ़ाया जा रहा है।
बीते एक दशक में एथेनॉल उत्पादन में तेजी पर काम हुआ है और इसकी वजह से कम पेट्रोल खरीदना पड़ा है। उन्होंने बताया कि फिलहाल देश में 53 लाख मीट्रिक टन पेट्रोलियम उपलब्ध है। हमने वैकल्पिक ईंधन के विकल्पों की ओर कदम आगे बढ़ाए हैं औ ये भारत का भविष्य सुरक्षित करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान जंग और पश्चिम एशिया की स्थिति पर संसद में बयान दिया है। पीएम मोदी ने कहा है कि पश्चिम एशिया की स्थिति चिंताजनक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया में लगभग 1 करोड़ भारतीय रहते हैं और वहीं कार्यरत हैं। इस मुद्दे पर संसदीय आम सहमति होना महत्वपूर्ण है। मैंने विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्षों से बात की है। हमारे सभी मिशन प्रभावित देशों में फंसे भारतीयों की मदद करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।