हिन्दू रीति-रिवाज से शादी, फिर धर्म बदलने का दबाव? उत्तराखण्ड के युवक ने पत्नी पर लगाए गंभीर आरोप! बच्चे का खतना, फर्जी दस्तावेज और धमकियों की भी शिकायत
पिथौरागढ़। सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के गंगोलीहाट क्षेत्र से कथित जबरन धर्मांतरण का एक मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। एक युवक ने अपनी पत्नी और ससुराल पक्ष के लोगों पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने, मारपीट करने, बच्चे का कथित रूप से बिना सहमति खतना कराने, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर पांच नामजद लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। गंगोलीहाट क्षेत्र के बोकटा गांव निवासी विवेक सिंह ने पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि उनकी पत्नी यास्मीन और उसके परिजनों द्वारा लगातार उन पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया जा रहा था। उन्होंने दावा किया कि विवाह से पहले उन्हें बताया गया था कि उनकी होने वाली पत्नी सनातन धर्म में आस्था रखती है और हिंदू रीति-रिवाजों का पालन करती है। विवेक सिंह के अनुसार नौकरी के दौरान दिल्ली में उनकी मुलाकात यास्मीन से हुई थी। उनका कहना है कि बाद में जब उन्हें उसके मुस्लिम होने की जानकारी मिली तो उन्होंने विवाह करने से इनकार कर दिया था।
हालांकि, आरोप है कि यास्मीन के परिजनों ने उन्हें विश्वास दिलाया कि विवाह हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार ही संपन्न कराया जाएगा। शिकायतकर्ता के अनुसार वर्ष 2020 में दोनों का विवाह गंगोलीहाट में हिंदू परंपराओं के अनुसार संपन्न हुआ। विवेक का आरोप है कि विवाह के बाद उन्हें जानकारी मिली कि उनकी पत्नी ने कथित रूप से अपनी पहचान बदलकर अलग से निकाहनामा तैयार कराया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वर्ष 2022 में पुत्र के जन्म के बाद उसका बिना जानकारी और सहमति के खतना कराया गया तथा नाम परिवर्तन से जुड़े दस्तावेज भी तैयार किए गए। विवेक सिंह का कहना है कि समय के साथ उन पर और उनके परिवार पर मुस्लिम धर्म स्वीकार करने का दबाव बढ़ता गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पत्नी और उसके परिजनों ने उन्हें मानसिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया। विरोध करने पर गंभीर परिणाम भुगतने और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकियां भी दी गईं। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि अप्रैल और मई 2026 में उनके साथ मारपीट की घटनाएं हुईं। बढ़ते दबाव के बीच वह अपने बेटे के साथ किसी तरह वहां से निकलकर गंगोलीहाट पहुंचे।
इसके बाद भी कथित रूप से आरोपियों द्वारा उनका पीछा किया गया और धर्म परिवर्तन न करने पर धमकियां दी गईं। युवक ने अपनी शिकायत में यह आशंका भी जताई है कि पूरे प्रकरण के पीछे किसी संगठित धर्मांतरण नेटवर्क की भूमिका हो सकती है। उन्होंने पुलिस और जांच एजेंसियों से मामले में शामिल लोगों के वित्तीय स्रोतों और अन्य संभावित कड़ियों की भी जांच कराने की मांग की है। पुलिस के अनुसार शिकायत के आधार पर दिल्ली निवासी साकिर अली, यास्मीन, सज्जो बानो, परवेज और फिरोज के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले में मारपीट, गाली-गलौज, कूटरचना और उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता अधिनियम के तहत विभिन्न धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रह्लाद कोंडे ने बताया कि यह मामला दो अलग-अलग धर्मों से जुड़े युवक और युवती का है, जिनकी शादी लगभग पांच-छह वर्ष पहले हुई थी और उनका एक बच्चा भी है। उन्होंने कहा कि युवक द्वारा जबरन धर्मांतरण सहित कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है।