Oct 14, 2026 Login
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झारखंड के धनबाद में ईडी का बड़ा स्ट्राइक: 25 से ज्यादा ठिकानों पर एक साथ रेड, सीढ़ी लगाकर घर में घुसे अधिकारी

Major ED crackdown in Dhanbad, Jharkhand: Simultaneous raids at over 25 locations; officials entered a house using a ladder.

धनबाद। झारखंड की कोयला राजधानी धनबाद में मंगलवार की सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कई टीमों ने एक साथ दर्जनों कोयला कारोबारियों और उनके सहयोगियों के ठिकानों पर जोरदार दबिश दी। जिले भर में लगभग 25 से अधिक परिसरों पर तड़के शुरू हुई इस समानांतर कार्रवाई से अवैध खनन और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े लोगों में हड़कंप का माहौल है। ईडी की यह बड़ी कार्रवाई कोयला व्यवसाय से जुड़े चर्चित नामों, उनके सहयोगियों और करीबियों के आवासीय व व्यावसायिक परिसरों पर एक साथ की जा रही है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ईडी की अलग-अलग टीमों ने तड़के ही योजनाबद्ध तरीके से रणनीति बनाकर छापेमारी की शुरुआत की। जांच एजेंसी की टीमों ने जिले के दो सबसे चर्चित कोल कारोबारियों के प्रमुख सहयोगियों के ठिकानों पर एक साथ छापा मारा। इसके अलावा, झरिया में प्रभाव रखने वाले 'यादव बंधुओं' से जुड़े ठिकानों पर ईडी के अधिकारी अचानक पहुंचे और पूरे परिसर को सील कर दस्तावेजों की खंगाल शुरू की। वहीं, केंदुआ क्षेत्र में 'मंडल बंधुओं' और लोयाबाद इलाके में 'चौहान ब्रदर्स' के परिसरों पर भी केंद्रीय जांच दल के अधिकारी गहन तलाशी ले रहे हैं। मेमको मोड़ स्थित नालंदा कॉटेज में भी एक प्रमुख कोयला व्यवसायी के आवास पर ईडी की कार्रवाई देर तक जारी रही। छापेमारी की इस पूरी प्रक्रिया के दौरान एक दिलचस्प और नाटकीय घटनाक्रम भी देखने को मिला। एक कोयला कारोबारी के रिश्तेदार के ठिकाने पर जब ईडी अधिकारियों ने दस्तक दी, तो भीतर से काफी देर तक दरवाजा नहीं खोला गया। कार्रवाई में बाधा आते देख केंद्रीय जांच एजेंसी के अधिकारियों ने सख्ती दिखाई और दीवार से सीढ़ी लगाकर परिसर के अंदर प्रवेश किया। इसके बाद अधिकारियों ने मौके का चार्ज लेते हुए आगे की कानूनी व वित्तीय जांच प्रक्रिया शुरू की। कार्रवाई के दौरान केंद्रीय सुरक्षा बलों की कड़ी निगरानी में बैंकिंग लेन-देन, बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज, कंपनी बैलेंस शीट और अन्य गुप्त कारोबारी कागजातों की बारीकी से जांच की जा रही है। अधिकारियों का मुख्य ध्यान वित्तीय गड़बड़ियों और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े साक्ष्यों को खंगालने पर है। ईडी के सूत्रों के मुताबिक, यह जांच पूरी होने के बाद ही आधिकारिक तौर पर स्पष्ट हो पाएगा कि इस राष्ट्रव्यापी छापेमारी में कितनी अघोषित संपत्ति, नकद या महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए हैं। फिलहाल, सभी चिह्नित परिसरों पर अधिकारियों की सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है।