Oct 24, 2026 Login
Awaaz24x7-government

इमरान खान के स्वास्थ्य को लेकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत में बढ़ी बेचैनी: कपिल देव और सुनील गावस्कर समेत 22 पूर्व कप्तानों ने पाकिस्तान के पीएम को लिखा पत्र

Growing concern in the international cricket community regarding Imran Khan's health: 22 former captains, including Kapil Dev and Sunil Gavaskar, write to Pakistan's PM.

नई दिल्ली। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और 1992 के विश्व कप विजेता कप्तान इमरान खान की जेल में बिगड़ती स्थिति और स्वास्थ्य को लेकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। क्रिकेट जगत के महान दिग्गजों ने एकजुट होकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को एक भावुक और कड़ा पत्र लिखा है। इस पत्र में भारत के दिग्गज क्रिकेटर कपिल देव और सुनील गावस्कर सहित दुनिया के 22 पूर्व अंतरराष्ट्रीय कप्तानों के हस्ताक्षर शामिल हैं। पूर्व खिलाड़ियों ने शहबाज सरकार से अपील की है कि 3 साल से अधिक समय से जेल में बंद इमरान खान को मानवीय आधार पर तुरंत और उचित मेडिकल ट्रीटमेंट (चिकित्सा सुविधा) प्रदान की जाए।

पत्र में पूर्व कप्तानों ने लिखा कि लगभग 6 महीने पहले भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के 14 कप्तानों ने पाकिस्तान सरकार को पत्र लिखकर इमरान खान के साथ मानवीय व्यवहार की गुहार लगाई थी। तब उन्होंने राजनेताओं के रूप में नहीं, बल्कि पूर्व साथियों और प्रतिस्पर्धियों के नाते अपनी आवाज उठाई थी, जिनके बीच खेल के मैदान पर एक ऐसा मजबूत रिश्ता बना है जो देशों की सीमाओं और राजनीतिक विवादों से कहीं ऊपर है। पत्र में कहा गया कि अब हालिया परिस्थितियों को देखते हुए 7 और पूर्व कप्तानों को साथ मिलाकर फिर से पत्राचार करना बेहद आवश्यक हो गया है, क्योंकि अदालती आदेशों के बावजूद इमरान खान के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ की रिपोर्ट्स सामने आ रही हैं। पूर्व दिग्गजों ने पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश का विशेष रूप से उल्लेख किया, जिसमें इमरान खान को एक स्वतंत्र मेडिकल बोर्ड द्वारा जांच के लिए अस्पताल ट्रांसफर करने के निर्देश दिए गए थे। कोर्ट ने उस बोर्ड में उनके निजी डॉक्टर और उनकी बहन डॉक्टर उजमा खान को शामिल करने तथा परिवार के सदस्यों को साप्ताहिक मुलाकात की अनुमति भी बहाल की थी। हालांकि, कप्तानों ने पत्र में बेहद चिंता व्यक्त करते हुए लिखा कि इमरान खान को अस्पताल में केवल कुछ ही घंटों के लिए रखा गया और सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्देशित बोर्ड के स्थान पर राज्य द्वारा नियुक्त डॉक्टरों की टीम से उनकी जांच कराई गई। जांच पूरी होने से पहले ही उन्हें जल्दबाजी में दोबारा अडियाला जेल भेज दिया गया। उनके परिवार और कानूनी टीम का स्पष्ट कहना है कि यह सर्वोच्च अदालत के आदेशों का सीधा उल्लंघन है। अंतरराष्ट्रीय कप्तानों के इस समूह ने पत्र के माध्यम से पाकिस्तान सरकार के समक्ष स्पष्ट रूप से 3 प्रमुख मांगें रखी हैं। जिसमे सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित मेडिकल बोर्ड को ही इमरान खान की सेहत का निष्पक्ष और पूरा मूल्यांकन करने दिया जाए, जिसमें उनकी दाहिनी आंख की दृष्टि में आई कथित गिरावट की समस्या भी शामिल हो। अदालत द्वारा बहाल की गई साप्ताहिक पारिवारिक और कानूनी मुलाकातों को बिना किसी प्रशासनिक रुकावट या देरी के लागू किया जाए। स्वतंत्र मेडिकल बोर्ड द्वारा जांच के बाद जिस भी इलाज की सिफारिश की जाए, उसे बिना किसी विलंब के तुरंत उपलब्ध कराया जाए। पूर्व कप्तानों ने अंत में यह भी स्पष्ट किया कि वे पाकिस्तान के किसी भी घरेलू, कानूनी या राजनीतिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहते, बल्कि यह पूरी तरह से एक खेल भावना और मानवीय संवेदना से प्रेरित अपील है।