Good Morning India:इराक में अमेरिकी अड्डों पर ईरानी हमला,सीजेपी-मोदी सरकार में तीसरे दौर की वार्ता आज,असम में बाढ़ का तांडव,मानसून में गर्भवती महिलाओं के लिए उत्तराखंड सरकार का बड़ा फैसला! लिंक में पढ़ें प्रमुख खबरें
नमस्कार दोस्तों, आवाज इंडिया अपना खास कॉलम 'गुड मॉर्निंग इंडिया' लेकर एक फिर आपके समक्ष हाजिर है। आईए शुरुआत करते हैं उन सुर्खियों के साथ,जो आज पूरे दिन चर्चा में रहने वाली हैं।
खाड़ी में जंग और भड़की: इराक में अमेरिकी अड्डों पर ईरानी हमला,ट्रंप बोले-जब्त संपत्तियों से वसूली करेंगे हर नुकसान
सीजेपी-सरकार में तीसरे दौर की वार्ता आज, 18 मेट्रो स्टेशन बंद,जंतर-मंतर पर किताबों के सहारे अलख जगाते युवा
24 घंटे में दूसरा वीडियो जारी कर पीएम मोदी ने युवाओं का जताया आभार, बोले-Gen Z का प्यार और सुझाव हमारी ताकत
होर्मुज में मिसाइल हमले का शिकार हुआ एलपीजी टैंकर: 28 भारतीय नाविक सुरक्षित, दूतावास ने जारी किया अपडेट
एमपी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 20 वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के तबादले,नीरज मंडलोई को जीआईएस-2027 की कमान
देश में रफ्तार पकड़ रहा मानसून, बारिश की कमी घटकर 17% हुई, 'अल नीनो' बढ़ा सकता है चिंता
26 दिन की भूख हड़ताल के बाद अस्पताल में भड़के सोनम वांगचुक! बोले-मौत हुई तो सुरक्षाकर्मी होंगे जिम्मेदार
असम में बाढ़ का तांडव: 14 और मौतों के साथ आंकड़ा 61 पहुंचा, 7 लाख से अधिक आबादी बेहाल
ऑपरेशन पहचान': पाकिस्तान-नेपाल सीमा पर जनसांख्यिकी बदलने की गहरी साजिश, भारत विरोधी खेल में चीन भी शामिल
अनशन खत्म-आंदोलन नहीं: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर जंतर-मंतर पर डटी सीजेपी, आज-कल बढ़ सकती है भीड़
करोड़ों की बिल्डर धोखाधड़ी: भगोड़े शाश्वत गर्ग के घर पर पुलिस का शिकंजा, संपत्ति कुर्क,पासपोर्ट भी रद्द
उत्तराखंड में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 10 आईएएस और 1 आईएफएस अधिकारी के तबादले, शिक्षा-आबकारी समेत कई विभागों में बदलाव
मानसून में गर्भवती महिलाओं के लिए उत्तराखंड सरकार का बड़ा फैसला: दूरस्थ इलाकों में एयरलिफ्ट की सुविधा, 'बर्थ वेटिंग होम' तैयार
शेयर ट्रेडिंग में ₹92 लाख की साइबर ठगी! हरियाणा जेल से रुद्रपुर लाया गया शातिर ठग,बड़े गिरोह का खुलासा संभव
केदारनाथ यात्रा पर मानसून का असर: श्रद्धालुओं की संख्या घटी, रोजाना हजार से कम पहुंच रहे यात्री,सुरक्षा अलर्ट जारी
हेडलाइंस के बाद आइए अब रुख करते हैं आज की बड़ी खबरों की तरफ-वाशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ा सैन्य संघर्ष 13वें दिन और अधिक घातक हो गया है। ईरान ने इराक के इरबिल में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर ताबड़तोड़ हमले कर नया मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को इरबिल में कम से कम सात भीषण धमाके सुने गए। हालांकि, अमेरिकी बलों ने विस्फोटक से लदे पांच ईरानी ड्रोन मार गिराए, जबकि एक अन्य ड्रोन के गिरने से फसलों में आग लग गई। हवाई अड्डे के पास चार स्थानों से काला धुआं उठता देखा गया। ईरानी आक्रामकता पर कड़ा रुख अपनाते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ईरान के हमलों से जहाजों को होने वाले नुकसान की पाई-पाई भरपाई विदेश में जब्त तेहरान की संपत्तियों से की जाएगी। ट्रंप ने साफ किया कि वह किसी युद्धविराम या शांति वार्ता के मूड में नहीं हैं और ईरान पर व्यापक सैन्य हमलों की बड़ी योजना बना रहे हैं। दूसरी ओर, समुद्र में भी घमासान जारी है। अमेरिकी बलों ने ईरानी बंदरगाह की ओर बढ़ रहे 'दिशा' नामक जहाज को निशाना बनाया, जिस पर 30 नाविक सवार थे। इंजन रूम में हमला होने के बाद जहाज ने मदद की गुहार लगाई। उधर, लाल सागर में हूती चरमपंथियों के बढ़ते खौफ के बीच कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के पास बना हुआ है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर संकट गहरा गया है।
नई दिल्ली। देश में परीक्षा तंत्र की कमियों और पुलिस कार्रवाई के विरोध में जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन जारी है। इस बीच, आज दोपहर 3:30 बजे CJP (सिटिजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस) और सरकार के बीच तीसरे दौर की महत्वपूर्ण वार्ता होने जा रही है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के चलते दिल्ली पुलिस के निर्देश पर राजधानी के 18 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद रखे गए हैं, जिससे आम यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी ओर, सुप्रीम कोर्ट नीट पेपर लीक और प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिस ज्यादती के मामले में दायर दो जनहित याचिकाओं पर 27 जुलाई को सुनवाई करने के लिए राजी हो गया है। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने वकीलों द्वारा मामले का जिक्र किए जाने के बाद इन याचिकाओं को सूचीबद्ध करने का आदेश दिया। जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा पाबंदियों के कारण दुकानें, बैंक, शोरूम और रेस्टोरेंट बंद पड़े हैं, जिससे स्थानीय कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। हालांकि, इस विरोध-प्रदर्शन के बीच एक प्रेरक तस्वीर भी उभरी है। प्रदर्शन में शामिल युवा भगत सिंह के विचारों, सामाजिक न्याय और 'भारतीय संविधान' जैसी किताबों में गहरी रुचि दिखा रहे हैं। पुस्तक विक्रेताओं का कहना है कि जहां सामान्य बिक्री घटी है, वहीं युवा 'जात-पात का विनाश' और संविधान पर आधारित पुस्तकों को हाथों-हाथ खरीद रहे हैं।
नई दिल्ली। देश में नीट परीक्षा में कथित धांधली को लेकर जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 घंटे के भीतर सोशल मीडिया पर अपना दूसरा वीडियो साझा किया है। प्रधानमंत्री ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो जारी कर युवाओं, विशेषकर Gen Z का आभार जताया। पीएम मोदी ने कहा, "कल देर रात आपसे जुड़ने का मौका मिला। आपके सकारात्मक सुझावों और त्वरित रिस्पॉन्स के लिए मैं आभारी हूँ। हमारा यह कनेक्शन आगे और मजबूत व सक्रिय होता जाएगा।" इससे पहले जारी सेल्फ-रिकॉर्डेड वीडियो में पीएम ने पेपर लीक के खिलाफ केंद्र सरकार के सख्त रुख को रेखांकित किया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्रीय कैबिनेट फ़ास्ट-ट्रैक कोर्टकी स्थापना और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने वाले ड्राफ्ट बिल पर विचार कर रही है। पीएम ने कहा कि पिछले ढाई महीनों में कई बड़े कदम उठाए गए हैं और मुख्य दोषियों को सलाखों के पीछे भेजा गया है। प्रधानमंत्री ने छात्रों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि पेपर लीक लाखों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए बेहद दुखद विषय है। सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना था कि किसी छात्र का पूरा साल बर्बाद न हो। इसलिए पूरी ताकत लगाकर कम से कम समय में लगभग 22 लाख परीक्षार्थियों की परीक्षा दोबारा आयोजित कराई गई और हाल ही में 19 तारीख को इसके परिणाम भी घोषित कर दिए गए। वहीं दूसरी ओर, विपक्ष इस मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और संसद में विस्तृत चर्चा की मांग पर अड़ा हुआ है।
नई दिल्ली। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य के पास शुक्रवार को ईरानी जल क्षेत्र में मोजाम्बिक के झंडे वाले एलपीजी टैंकर 'दिशा' (IMO No. 8818219) पर अज्ञात मिसाइलों से हमला किया गया। इस टैंकर पर चालक दल के 28 भारतीय सदस्य सवार थे। तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पुष्टि की है कि जहाज पर मौजूद सभी 28 भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं। भारतीय दूतावास ने ईरानी अधिकारियों से संपर्क कर नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित की है और कहा कि वह स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। इससे पूर्व, समुद्री प्रशासन ने सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए भारतीय नाविकों को इस संवेदनशील क्षेत्र में तैनाती से बचने की सलाह जारी की थी। समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, वीएचएफ समुद्री रेडियो रिकॉर्डिंग में हमला होने से पहले जहाज द्वारा भेजा गया 'डिस्ट्रेस कॉल' (संकट संदेश) दर्ज किया गया है। ऑडियो रिकॉर्डिंग में एक सैन्य ऑपरेटर व्यापारी जहाज को ईरानी जलक्षेत्र की ओर जाने पर बार-बार चेतावनी देता सुनाई दे रहा है। रिकॉर्डिंग के मुताबिक, ऑपरेटर ने कहा, "आपको कई बार चेतावनी दी जा चुकी है। मैं आपके इंजन रूम पर फायरिंग की तैयारी कर रहा हूँ। आपके पास इंजन रूम खाली करने के लिए 15 मिनट का समय है।" इस गंभीर चेतावनी के कुछ ही समय बाद टैंकर को निशाना बनाया गया, जिससे क्षेत्र में नौवहन सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
भोपाल। मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 20 वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। सरकार की आगामी प्राथमिकताओं निवेश,औद्योगिक विकास, कृषि और ऊर्जा जैसे प्रमुख क्षेत्रों को गति देने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। जनवरी 2027 में भोपाल में प्रस्तावित ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट (जीआईएस-2027) की तैयारियों को देखते हुए मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई को उद्योग और एमएसएमई विभाग की जिम्मेदारी देकर पूरे आयोजन का कमान सौंपा गया है। इसके अलावा, सुदाम खाडे को मुख्यमंत्री सचिवालय में सचिव पदस्थ किया गया है, जबकि भास्कर लक्षकार को इंदौर का नया संभाग आयुक्त नियुक्त किया गया है। समान नागरिक संहिता और पदोन्नति नियमों के क्रियान्वयन में मुख्य भूमिका निभाने वाले उप सचिव अजय कटेसरिया को रतलाम का नया कलेक्टर बनाया गया है। कृषि वर्ष के मद्देनजर कुमार पुरुषोत्तम को मंडी बोर्ड के साथ सीएमओ में उप सचिव का पद सौंपा गया है। वहीं, मुख्यमंत्री के विश्वस्त संदीप यादव को जल संसाधन विभाग का जिम्मा दिया गया है, जो केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध जैसी बहुउद्देश्यीय परियोजनाओं की देखरेख करेंगे। इसके साथ ही, डॉ. ई. रमेश कुमार को एनवीडीए, के.सी. गुप्ता को कृषि उत्पादन आयुक्त, मनीष सिंह को ऊर्जा विभाग तथा राघवेंद्र सिंह को वन विभाग का प्रभार सौंपा गया है।
नई दिल्ली। देश भर में मानसून की सक्रियता बढ़ने से बारिश की स्थिति में लगातार सुधार दर्ज किया जा रहा है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, 16 से 22 जुलाई के बीच हुई सामान्य बारिश के कारण 1 जून से शुरू हुए दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन में कुल वर्षा की कमी घटकर अब 17 प्रतिशत रह गई है। 1 जून से 23 जुलाई तक देश में औसतन 370.9 मिमी के मुकाबले 306.9 मिमी बारिश हुई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में स्थिति काफी बेहतर है, जहाँ बारिश की कमी क्रमशः 10% और 6% ही रह गई है। वहीं पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में सबसे अधिक 32 प्रतिशत और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में 26 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। पंजाब, हरियाणा, गुजरात, बिहार और झारखंड जैसे राज्यों में सामान्य से 20 से 58 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है, जबकि लद्दाख और जम्मू-कश्मीर में सामान्य से अधिक पानी बरसा है। भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में 'अल नीनो' के लगातार मजबूत होने से मानसून के बाकी सीजन को लेकर चिंता बनी हुई है। हालांकि, मौसम विभाग का अनुमान है कि 24 से 29 जुलाई के दौरान कई मौसम प्रणालियों के एक साथ सक्रिय होने से पश्चिमी भारत, दक्षिण-पूर्वी राजस्थान, गुजरात, उत्तर कोंकण और मध्य महाराष्ट्र में भारी से अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी, पूर्वोत्तर और पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में भी व्यापक वर्षा के आसार हैं।
नई दिल्ली। शिक्षाविद और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों से जारी अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी है। इसके बाद शुक्रवार देर रात जारी एक वीडियो में उनका भारी गुस्सा और दर्द छलक पड़ा। अस्पताल से बाहर निकलते समय वांगचुक वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों पर भड़क गए और कहा, "यदि तनाव के कारण मुझे कुछ होता है या मेरी मौत होती है, तो उसके जिम्मेदार आप लोग होंगे।" इस दौरान उनके साथ उनकी पत्नी गीतांजलि भी मौजूद थीं।वांगचुक ने आरोप लगाया कि भूख हड़ताल खत्म करने के बाद उन्हें अस्पताल में तीन घंटे तक जबरन रोककर रखा गया। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि यदि किसी में हिम्मत है तो उन्हें गिरफ्तार करके दिखाए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर वीडियो साझा करते हुए उन्होंने लिखा, "क्या 26 दिन की भूख हड़ताल के बाद भी मुझे अपनी ईमानदारी का सबूत देना होगा? अपने 22 मिनट के विस्तृत बयान में वांगचुक ने बेहद भावुक होकर कहा, "दोस्तों, यह वीडियो मैं दुख, गम और गुस्से के साथ बना रहा हूँ। लद्दाख की हाड़ कंपाने वाली ठंड से लेकर दिल्ली की तपती धूप तक 26 दिन भूखा रहने से मेरा 11 किलो वजन घट चुका है, मसल्स खत्म हो गए हैं और दिमाग व अंगों को गंभीर नुकसान पहुँचा है।" सोशल मीडिया पर हो रही टिप्पणियों से आहत होकर उन्होंने सवाल उठाया कि छात्रों और लद्दाख के अधिकारों के लिए इतना सब सहने के बाद भी क्या उन्हें अब चरित्र प्रमाण पत्र (कैरेक्टर सर्टिफिकेट) देना पड़ेगा?
गुवाहाटी। असम में बाढ़ का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले 24 घंटों में 14 और लोगों की मौत के बाद इस वर्ष बाढ़ से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 61 हो गई है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के अनुसार, राज्य के नौ जिलों में 7.05 लाख से अधिक लोग अब भी बाढ़ की चपेट में हैं और हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। एएसडीएमए के मुताबिक, सबसे अधिक नुकसान चराइदेव, शिवसागर और जोरहाट जिलों में हुआ है। चराइदेव में सात लोगों, शिवसागर में छह लोगों और जोरहाट में एक व्यक्ति की डूबने से मौत हुई। शिवसागर सबसे ज्यादा प्रभावित जिला है, जहां करीब 3.5 लाख लोग बाढ़ से जूझ रहे हैं। इसके अलावा चराइदेव में लगभग 1.9 लाख और जोरहाट में 1.3 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं। बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए प्रशासन ने सात जिलों में 363 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र स्थापित किए हैं। इन शिविरों में 1,15,205 विस्थापित लोगों को आश्रय, भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और अन्य एजेंसियों ने संयुक्त अभियान चलाकर जोरहाट और शिवसागर समेत कई क्षेत्रों से करीब 1,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। राहत कार्य भी युद्धस्तर पर जारी हैं। पिछले 24 घंटों में प्रभावित परिवारों के बीच 2,109.84 क्विंटल चावल, 383.93 क्विंटल दाल, 129.91 क्विंटल नमक और 9,646.08 लीटर सरसों का तेल वितरित किया गया। प्रशासन का कहना है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों तक राहत सामग्री पहुंचाने और लोगों को सुरक्षित निकालने का अभियान लगातार जारी रहेगा।
नई दिल्ली। देश की आंतरिक सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार ने सीमावर्ती क्षेत्रों में संदिग्ध बसावट और पहचान संबंधी मामलों की जांच तेज कर दी है। सुरक्षा एजेंसियों के इनपुट के आधार पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 'ऑपरेशन पहचान' के तहत नेपाल, पाकिस्तान और बांग्लादेश से लगने वाली सीमाओं पर विशेष सत्यापन अभियान शुरू किया है। एजेंसियों का मानना है कि कुछ सीमा क्षेत्रों में फर्जी पहचान, अवैध घुसपैठ और सुनियोजित बसावट के जरिए जनसांख्यिकीय बदलाव की कोशिशों की जांच की आवश्यकता है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर से सटे एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा के आसपास के इलाके सबसे संवेदनशील माने जा रहे हैं। सांबा, कठुआ, राजौरी, पुंछ, बारामुला, कुपवाड़ा और जम्मू शहर के आसपास के क्षेत्रों में पहचान सत्यापन और दस्तावेजों की विशेष जांच की जा रही है। इन इलाकों से नशे और हथियारों की तस्करी के मामले भी सामने आते रहे हैं। नेपाल सीमा से लगे जिलों में भी जनसंख्या वृद्धि के पैटर्न को लेकर एजेंसियां सतर्क हैं। उपलब्ध जनगणना आंकड़ों और अन्य सूचनाओं के आधार पर सीमावर्ती क्षेत्रों में आबादी में हुए बदलाव का अध्ययन किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सीमा क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की पहचान, भूमि रिकॉर्ड और दस्तावेज पूरी तरह सत्यापित हों तथा किसी भी प्रकार की अवैध घुसपैठ या फर्जी दस्तावेजों के जरिए बसावट की आशंकाओं की निष्पक्ष जांच की जा सके। गृह मंत्रालय के निर्देश के बाद केंद्रीय टीमों ने सीमावर्ती इलाकों का जमीनी आकलन तेज कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि अभियान का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करना और सीमा क्षेत्रों में कानून व्यवस्था तथा पहचान सत्यापन प्रणाली को और प्रभावी बनाना है।
नई दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता एवं शिक्षाविद सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त होने के बावजूद राजधानी दिल्ली में काॅकरोच जनता पार्टी का आंदोलन थमता नजर नहीं आ रहा है। शुक्रवार को जंतर-मंतर, संसद मार्ग, एनडीएमसी भवन और राजीव चौक के आसपास बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जुटे और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी की। संगठन ने स्पष्ट कर दिया है कि अनशन समाप्त होने का मतलब आंदोलन खत्म होना नहीं है और धरना तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी प्रमुख मांगें पूरी नहीं होतीं। प्रधानमंत्री की ओर से परीक्षा पेपर लीक मामलों की फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की घोषणा और केंद्र सरकार के साथ वार्ता के बाद सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त कर दिया था। इसके बाद आंदोलन के कमजोर पड़ने की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन शुक्रवार को प्रदर्शनकारियों की संख्या और उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कार्यकर्ताओं से धरनास्थल पर लगातार डटे रहने की अपील करते हुए कहा कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा। जंतर-मंतर पर आइसा, केवाईएस, भीम आर्मी समेत कई छात्र और सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। आयोजकों का दावा है कि शनिवार और रविवार को प्रदर्शन में और अधिक लोगों के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रशासन ने जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। राजधानी में आंदोलन के अगले चरण पर अब सभी की निगाहें टिकी हैं।
आइए अब नज़र डालते हैं उत्तराखंड की ख़बरों पर-देहरादून। मसूरी रोड स्थित आर्केडिया हिलॉक्स और इंपीरियल वैली परियोजनाओं में करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में दून पुलिस ने फरार बिल्डर शाश्वत गर्ग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। राजपुर थाना पुलिस ने न्यायालय से प्राप्त कुर्की वारंट के आधार पर सहस्त्रधारा रोड स्थित उसके आवास की कुर्की की कार्रवाई की। पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपी और उसके सहयोगी लगातार ठिकाने बदल रहे हैं, जिससे उनकी गिरफ्तारी में कठिनाई आ रही है। मामले की शुरुआत 21 नवंबर 2025 को हुई थी, जब आर्केडिया हिलॉक्स सोसाइटी के अध्यक्ष विवेक कुमार की शिकायत पर राजपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। आरोप है कि शाश्वत गर्ग और उसके सहयोगियों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर फ्लैट आवंटन के नाम पर कई निवेशकों से करोड़ों रुपये की ठगी की। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश से संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है। जांच में सामने आया कि शाश्वत गर्ग अपनी पत्नी साक्षी गर्ग, पिता प्रवीण गर्ग, मां अंजली गर्ग और बेटे के साथ पिछले वर्ष अक्टूबर से फरार है। पुलिस के अनुसार, परिवार को आखिरी बार उत्तर प्रदेश के हापुड़ में देखा गया था। विदेश भागने की आशंका के बीच क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय ने शाश्वत गर्ग, साक्षी गर्ग और प्रवीण गर्ग के पासपोर्ट रद्द कर दिए हैं। साथ ही इनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर भी जारी किया गया है। दून पुलिस की टीमें कई राज्यों में लगातार दबिश दे रही हैं और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने लंबे समय से प्रतीक्षित प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 10 आईएएस और एक आईएफएस अधिकारी की जिम्मेदारियों में बदलाव कर दिया है। कार्मिक विभाग द्वारा जारी तबादला सूची में शिक्षा, आबकारी, सूचना प्रौद्योगिकी, वित्त, परिवहन और पंचायती राज समेत कई महत्वपूर्ण विभागों में नए अधिकारियों की तैनाती की गई है। हालांकि, शासन में इसे फिलहाल आंशिक फेरबदल माना जा रहा है और आने वाले दिनों में दूसरी सूची जारी होने की संभावना जताई जा रही है। जारी आदेश के अनुसार, प्रमुख सचिव एल फैनई से आबकारी विभाग की जिम्मेदारी वापस ले ली गई है। वहीं आईएएस बृजेश कुमार संत को खनन के साथ आबकारी विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। रविनाथ रमन से शिक्षा विभाग लेकर उन्हें परिवहन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटी आईएएस ज्योति यादव को शिक्षा विभाग का जिम्मा सौंपा गया है। इसके अलावा नितेश कुमार झा से सूचना प्रौद्योगिकी विभाग वापस लेकर उन्हें पंचायती राज विभाग दिया गया है। पंकज कुमार पांडे को सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, रणवीर सिंह को वित्त, युगल किशोर पंत को सचिवालय प्रशासन तथा सुरेंद्र नारायण पांडे को गन्ना विकास एवं चीनी विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वहीं, आईएफएस अधिकारी पराग मधुकर धकाते से पंचायती राज विभाग की जिम्मेदारी वापस ले ली गई है। सूत्रों के अनुसार, कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने के कारण अभी कई अहम पद रिक्त हैं। ऐसे में शासन स्तर पर जल्द ही एक और तबादला सूची जारी होने की संभावना बनी हुई है।
देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने मानसून के दौरान गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष कार्ययोजना लागू की है। स्वास्थ्य विभाग ने खासकर पर्वतीय और संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाली हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उनकी निगरानी शुरू कर दी है। जरूरत पड़ने पर ऐसी महिलाओं को हेलीकॉप्टर के जरिए एयरलिफ्ट कर अस्पताल पहुंचाया जाएगा।स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं को संभावित प्रसव तिथि से 10 से 15 दिन पहले ही अस्पतालों के नजदीक स्थित बर्थ वेटिंग होम में शिफ्ट किया जाएगा, ताकि सड़क बंद होने या भूस्खलन जैसी स्थिति में सुरक्षित संस्थागत प्रसव कराया जा सके। विभाग ने अगस्त, सितंबर और अक्टूबर तक प्रसव वाली महिलाओं की सूची तैयार कर ली है। इनमें नैनीताल जिले में 2,487, टिहरी में 1,796, चमोली में 892 और रुद्रप्रयाग में 862 महिलाओं का प्रसव संभावित है। अन्य जिलों से भी माहवार आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य निदेशक डॉ. शिखा जगपांगी ने बताया कि हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं की विशेष मॉनिटरिंग की जा रही है। आशा कार्यकर्ता और एएनएम नियमित संपर्क में हैं तथा टेली-कंसल्टेंसी के माध्यम से भी चिकित्सकीय सलाह दी जा रही है। सभी जिलों में वेटिंग रूम की व्यवस्था की गई है। आवश्यकता पड़ने पर होटल या किराये के कमरों में भी महिलाओं को ठहराया जाएगा, ताकि प्रसव के समय उन्हें बिना देरी अस्पताल पहुंचाया जा सके। सरकार का उद्देश्य मानसून के दौरान किसी भी गर्भवती महिला और नवजात को स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव में परेशानी न उठानी पड़े और सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित किया जा सके।
रुद्रपुर। उत्तराखंड एसटीएफ की साइबर टीम ने शेयर ट्रेडिंग के नाम पर ₹92 लाख से अधिक की साइबर ठगी के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस हरियाणा की भोंडसी जेल से एक वांछित आरोपी को वारंट-बी पर रुद्रपुर लेकर आई, जहां न्यायालय में पेश करने के बाद उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। आरोपी के खिलाफ उत्तराखंड और हरियाणा में साइबर धोखाधड़ी के कई मामले दर्ज हैं। मामला साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन कुमाऊं परिक्षेत्र का है। शिकायतकर्ता पंकज कुमार सती ने बताया था कि व्हाट्सएप के जरिए खुद को प्रतिष्ठित ट्रेडिंग कंपनी का प्रतिनिधि बताने वाले ठगों ने भारी मुनाफे का लालच देकर 18 मार्च से 30 अप्रैल 2025 के बीच उनसे ₹92.04 लाख की ऑनलाइन ठगी कर ली। जांच के दौरान एसटीएफ ने तकनीकी विश्लेषण, बैंक खातों और लाभार्थियों की पड़ताल के आधार पर राजस्थान के चित्तौड़गढ़ निवासी 26 वर्षीय रवि पाटवा की संलिप्तता के साक्ष्य जुटाए। पता चला कि वह पहले से ही गुरुग्राम की भोंडसी जेल में एक अन्य साइबर ठगी मामले में बंद था। एसटीएफ अब आरोपी के डिजिटल नेटवर्क, बैंकिंग लेन-देन और वित्तीय गतिविधियों की जांच कर रही है। पुलिस को आशंका है कि वह संगठित साइबर अपराध गिरोह का सक्रिय सदस्य है। इसी बीच अल्मोड़ा के भतरौजखान में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ₹8.80 लाख की ठगी और रुद्रपुर में साइबर अपराध में इस्तेमाल हुए म्यूल बैंक खाते का मामला भी सामने आया है। पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क की जांच जारी है और अन्य आरोपियों पर भी जल्द कार्रवाई की जाएगी।
केदारनाथ। बरसात का मौसम शुरू होते ही विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम की यात्रा की रफ्तार काफी धीमी पड़ गई है। यात्रा के शुरुआती दौर में जहां रोजाना 25 हजार से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुँच रहे थे, वहीं अब यह दैनिक संख्या घटकर एक हजार से भी कम रह गई है। बृहस्पतिवार को केवल 949 श्रद्धालुओं ने ही धाम में मत्था टेका। हालांकि, इस सीजन में अब तक कुल 14,13,648 श्रद्धालु बाबा केदारनाथ के दर्शन कर चुके हैं। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के सदस्य डॉ. विनीत पोस्ती का कहना है कि मानसून के दौरान हर साल भीड़ में कमी आती है, लेकिन आगामी कांवड़ यात्रा शुरू होने के साथ ही श्रद्धालुओं की संख्या में दोबारा बढ़ोतरी होने की पूरी उम्मीद है। दूसरी ओर, मानसूनी बारिश के कारण केदारनाथ पैदल मार्ग पर गौरीकुंड से भीमबली के बीच 7 बेहद संवेदनशील क्षेत्र बन गए हैं। इन इलाकों में पहाड़ी से अचानक पत्थर और बोल्डर गिरने के कारण यात्रा में बार-बार रुकावट आ रही है। हाल ही में 'छोड़ी' के पास भारी बोल्डर गिरने से यात्रा तीन दिनों तक प्रभावित रही थी। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें पैदल मार्ग की चौबीसों घंटे निगरानी कर रही हैं। मार्ग बाधित होने पर उसे तुरंत खोलने के लिए मशीनरी तैनात है। प्रशासन मौसम के मिजाज को देखते हुए कांवड़ यात्रा के लिए भी विशेष तैयारियां कर रहा है।
दिनभर की ऐसी ही सटीक और निष्पक्ष खबरों के लिए जुड़े रहिए हमारे साथ।