Good Morning India: त्योहारों से पहले किचन पर महंगाई की मार,चीनी-चावल के दाम 5% से ज्यादा उछले,जम्मू-कश्मीर में कुदरत का कहर,6 जिलों में फटे बादल,विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनने की राह पर देवभूमि उत्तराखंड,लिंक में पढ़ें प्रमुख खबरें!

Good Morning India: Inflation hits the kitchen ahead of the festive season—prices of sugar and rice have surged by over 5%; nature’s fury in Jammu & Kashmir—cloudbursts strike six districts; Devbhoom

नमस्कार दोस्तों, आवाज इंडिया अपना खास कॉलम 'गुड मॉर्निंग इंडिया' लेकर एकबार फिर आपके समक्ष हाजिर है। आईए शुरुआत करते हैं उन सुर्खियों के साथ,जो आज पूरे दिन चर्चा में रहने वाली हैं।

इथियोपिया में आस्था पर कुदरत का कहर: मठ में धार्मिक अनुष्ठान के दौरान भूस्खलन,14 श्रद्धालुओं की मौत, कई मलबे में दबे

E-20 पेट्रोल के खिलाफ केजरीवाल का हल्ला बोल: आज 100 समर्थकों संग पीएम आवास की ओर पैदल मार्च, 2.33 लाख हस्ताक्षरों की सौंपेंगे याचिका

त्योहारों से पहले किचन पर महंगाई की मार: चीनी-चावल के दाम 5% से ज्यादा उछले,जमाखोरी और वैश्विक संकट से बढ़ा दबाव, घरेलू बजट पर असर

जम्मू-कश्मीर में कुदरत का कहर: 6 जिलों में फटे बादल, 1 महिला की मौत, 84 का रेस्क्यू, अगले 48 घंटे भारी बारिश का अलर्ट जारी 

टैरिफ वॉर: ट्रंप की नई टैरिफ नीति के खिलाफ अमेरिका के 25 राज्य, सुप्रीम कोर्ट के फैसले को हथियार बना दर्ज कराया मुकदमा

टीएमसी में एक और टूट की सुगबुगाहट: पूर्व मंत्री शशि पांजा और काकोली घोष की मुलाकातों से गरमाई बंगाल की सियासत

आगरा के पेट्रोल पंप पर दबंगों का तांडव: बोतल में पेट्रोल देने से मना किया तो कर्मचारियों को पीटा, पथराव और तोड़फोड़ से मची भगदड़

बिना किसी चेतावनी अचानक बंद हुए हजारों व्हाट्सऐप अकाउंट: 24 घंटे की समीक्षा में डाले गए खाते, मेटा ने दी सफाई

स्पाइडर-मैन 4' का भारत में बॉक्स ऑफिस पर धमाल: 300 करोड़ के क्लब से महज़ दो कदम दूर, मंडे टेस्ट में भी बंपर कमाई

बीसीसीआई सीओई  पर उठे गंभीर सवाल: बुमराह के बाहर होने से खुली पोल, स्पोर्ट्स साइंस टीम और चयनकर्ताओं के बीच तालमेल की कमी उजागर

बच्चों को कोमा में पहुँचाने वाले 'चांदीपुरा वायरस' का खौफ: गुजरात में 22 मासूमों की मौत,स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर

उत्तराखंड में चुनाव आयोग का बड़ा एक्शन: 17 राजनीतिक दल सूची से बाहर, 7 नए दलों ने ठोकी ताल

उत्तराखंड में भूस्खलन और उफान से हाहाकार: 84 सड़कें बंद, खतरे के निशान के पास नदियां, यमुनोत्री हाईवे पर संकट गहराया

उत्तराखंड में आस्था का महासैलाब: चारधाम के साथ पौराणिक मंदिरों में टूटा रिकॉर्ड, त्रियुगीनारायण में ढाई गुना बढ़े श्रद्धालु

उत्तराखंड की 13 जांबाज महिलाओं को मिलेगा प्रतिष्ठित 'तीलू रौतेली पुरस्कार', 8 अगस्त को सीएम धामी करेंगे सम्मानित

विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनने की ओर अग्रसर देवभूमि: चारधाम के साथ पौराणिक मंदिरों में उमड़ा जनसैलाब, टूटा रिकॉर्ड

हेडलाइंस के बाद आइए अब रुख करते हैं आज की बड़ी खबरों की तरफ-अदीस अबाबा। पूर्वी अफ्रीकी देश इथियोपिया के अमहारा क्षेत्र में सोमवार सुबह आस्था और प्रार्थना के बीच एक बड़ा हादसा हो गया। भारी बारिश के बाद हुए भीषण भूस्खलन की चपेट में आने से 14 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 7 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मलबे के नीचे कई और लोगों के दबे होने की आशंका है, जिससे मृतकों का आंकड़ा बढ़ने का अंदेशा जताया जा रहा है। यह तबाही प्रसिद्ध 'त्सादकाने देब्रे मिटमाक सेंट मैरी मठ' में उस समय हुई, जब सैकड़ों श्रद्धालु बीमारियों से मुक्ति और आध्यात्मिक उपचार के लिए 'पवित्र जल' से शुद्धिकरण के धार्मिक अनुष्ठान में लीन थे। डायोसीज के महाप्रबंधक मेगाबे हादिस नेका तिबेब अबाबू के अनुसार, हादसा सुबह करीब 7 बजे अचानक हुआ। 11 मृतकों का अंतिम संस्कार मठ परिसर में ही कर दिया गया है, जबकि अन्य शवों को उनके गृह नगर भेजा गया है। कुछ शव इस कदर क्षतिग्रस्त हैं कि उनकी पहचान करना बेहद मुश्किल हो रहा है। गंभीर घायलों को देब्रे बिरहान के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आपदा प्रबंधन विभाग की विशेष टीमें मौके पर राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। इथियोपिया में जून से सितंबर के दौरान बारिश के मौसम में भूस्खलन की घटनाएं आम हैं। इससे पहले जुलाई 2024 में दक्षिणी इथियोपिया में भूस्खलन से 257 लोगों की जान गई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन और कमजोर बुनियादी ढांचे के कारण देश में ऐसी प्राकृतिक आपदाओं का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।

नई दिल्ली। देश में लागू किए गए E-20 (20% एथेनॉल-मिश्रित) पेट्रोल को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। केजरीवाल मंगलवार दोपहर 12 बजे अपने 100 समर्थकों के साथ आप मुख्यालय से प्रधानमंत्री आवास तक पैदल मार्च करेंगे। इस दौरान वह पीएम को 2.33 लाख लोगों द्वारा हस्ताक्षरित एक जन-याचिका सौंपेंगे, हालांकि अभी तक दिल्ली पुलिस से इस मार्च की अनुमति नहीं मिली है।सोमवार को पार्टी मुख्यालय में एक प्रेस वार्ता के दौरान केजरीवाल ने आरोप लगाया कि E-20 पेट्रोल से जनता बेहद परेशान है। केजरीवाल का दावा है कि E-20 ईंधन के इस्तेमाल से वाहनों का माइलेज तेजी से गिर रहा है और गाड़ियों के इंजन खराब हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार बिना किसी ठोस तर्क के इसे आम जनता पर जबरदस्ती थोप रही है। यदि कोई पीड़ित व्यक्ति, कंटेंट क्रिएटर या इन्फ्लुएंसर इसके खिलाफ आवाज उठाता है, तो उसे एफआईआर की धमकी और ट्रोलिंग का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर हाल ही में आयोजित टाउनहॉल को करीब 7 लाख लोगों ने ऑनलाइन देखा, जिससे साबित होता है कि यह जन-सरोकार से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। केजरीवाल के अनुसार, उन्होंने एक महीने पहले प्रधानमंत्री से मिलने का समय मांगा था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिलने पर अब वे खुद जाकर जन-याचिका सौंपने का कदम उठा रहे हैं।

नई दिल्ली। आगामी त्योहारी सीजन की शुरुआत से ठीक पहले देश में महंगाई का झटका लगा है। कमजोर मानसून,अल-नीनो के खतरे, जमाखोरी और वैश्विक संकट के कारण महज एक महीने में चीनी और चावल की कीमतों में 5 फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उपभोक्ता मामलों के विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, दक्षिण भारत के राज्यों आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और केरल में चावल के दाम 10 से 15 फीसदी तक बढ़ चुके हैं, जिससे आम जनता के घर का राशन बजट बिगड़ गया है।उपभोक्ता मामलों के विभाग के अनुसार, बीते एक महीने में चीनी की थोक कीमत 5 प्रतिशत से अधिक बढ़कर औसतन 4,593 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गई है, जबकि खुदरा कीमत 47.11 रुपये से बढ़कर 49.53 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। एक वर्ष में चीनी के दाम 7.64 प्रतिशत तक बढ़े हैं। चावल की औसत खुदरा कीमत भी एक महीने में 44.13 रुपये से बढ़कर 45.13 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गई है। दक्षिण भारत के कई राज्यों में इसकी कीमतों में 10 से 15 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि अल-नीनो, कम बारिश और जमाखोरी के कारण बाजार में आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे कीमतों पर दबाव बढ़ा है। चीनी की कीमतों में तेजी का कारण महाराष्ट्र और कर्नाटक में पुराने स्टॉक का खत्म होना तथा इथेनॉल उत्पादन के लिए गन्ने का बढ़ता उपयोग बताया जा रहा है। इसका असर आगामी त्योहारों में मिठाइयों, बेकरी और खाद्य उत्पादों की कीमतों पर भी पड़ सकता है। 

वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई टैरिफ नीति को लेकर देश के भीतर ही घमासान तेज हो गया है। अमेरिका के 25 राज्यों ने ट्रंप प्रशासन के खिलाफ अदालत में मुकदमा दायर किया है। राज्यों का आरोप है कि ये नए आयात कर अवैध हैं और सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज किए गए पुराने टैरिफ को ही नए रूप में लागू करने का बहाना मात्र हैं। न्यूयॉर्क की अटॉर्नी जनरल लेटिटिया जेम्स ने कहा कि प्रशासन अवैध रूप से आम परिवारों और कारोबारियों पर वित्तीय बोझ बढ़ा रहा है। जुलाई में ट्रंप प्रशासन ने 'जबरन श्रम' से बनने वाले सामानों पर ठोस कार्रवाई न करने का आरोप लगाकर 59 देशों और यूरोपीय संघ पर 10% से 12.5% तक का नया टैरिफ लागू कर दिया था। ये टैरिफ उन देशों पर असर डालते हैं जो अमेरिकी आयात का 99 फीसदी हिस्सा प्रदान करते हैं। इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने माना था कि IEEPA कानून के तहत राष्ट्रीय आपातकाल बताकर टैरिफ थोपना गलत है, जिससे सरकार को आयातकों का पैसा लौटाना पड़ा था। इसके बाद प्रशासन ने पहले 10% का अस्थायी टैरिफ लगाया और अब 1974 के ट्रेड एक्ट की धारा 301 का हवाला देकर इसे स्थायी बनाने की कोशिश कर रहा है। दूसरी ओर, व्हाइट हाउस का तर्क है कि अमेरिका अपने वैध अधिकारों का इस्तेमाल कर रहा है और यह कदम अमेरिकी विनिर्माण को पुनर्जीवित करने के लिए जरूरी है।

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़े सियासी फेरबदल की अटकलें तेज हो गई हैं। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री डॉ. शशि पांजा की लगातार दूसरे दिन एनसीपीआई सांसद काकोली घोष दस्तीदार के क्लिनिक पहुंचने पर राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। जब मीडिया ने शशि पांजा से ममता बनर्जी गुट छोड़ने को लेकर सवाल किया, तो वे मुस्कुराते हुए टाल गईं। दोनों नेताओं ने इन मुलाकातों को पूरी तरह चिकित्सीय व पेशेवर करार दिया है। डॉ. काकोली घोष ने कहा कि शशि पांजा से उनका डॉक्टरी पेशा और पारिवारिक संबंध 30-35 साल पुराना है। उनके बीच कोई राजनीतिक चर्चा नहीं हुई है। गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव के बाद टीएमसी में बड़ी टूट देखने को मिली थी, जब 20 लोकसभा सांसद अलग होकर एनडीए के सहयोगी दल एनसीपीआई में शामिल हो गए थे। वहीं, राज्य विधानसभा में भी टीएमसी दो गुट ममता बनर्जी और रितब्रत बनर्जी में विभाजित हो गई थी। ममता गुट के वरिष्ठ नेता कुणाल घोष ने भी माना है कि चुनाव के बाद से शशि पांजा पार्टी गतिविधियों में सक्रिय नहीं हैं। काकोली घोष, चंद्रिमा भट्टाचार्य और कृष्णा चक्रवर्ती जैसे दिग्गजों के पार्टी छोड़ने के बाद अब शशि पांजा की इन मुलाकातों को बेहद अहम माना जा रहा है।

आगरा। ताजनगरी आगरा के थाना एत्माद्दौला क्षेत्र अंतर्गत हाथरस रोड स्थित 'भाटिया पेट्रोल पंप' पर सोमवार रात बेखौफ दबंगों ने जमकर गुंडागर्दी की। बोतल में पेट्रोल देने से इनकार करने पर युवकों ने अपने साथियों को बुलाकर पंप पर जमकर पथराव किया और कर्मचारियों व ग्राहकों की बेरहमी से पिटाई कर दी। घटना से मौके पर अफरातफरी और भगदड़ मच गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पंप मैनेजर मुकेश के अनुसार, रात 10 बजे इलेक्ट्रिक ऑटो से आए तीन युवकों ने बोतल में पेट्रोल मांगा। सेल्समैन छोटू के मना करने पर वे गाली-गलौज करते हुए केबिन में घुस आए और हाथापाई करने लगे। इसके बाद उन्होंने फोन करके ऑटो से 10-12 अन्य साथियों को बुला लिया। हमलावरों ने पंप पर लगे आग बुझाने वाले सिलेंडरोंऔर पत्थरों से हमला कर दिया। इस हिंसक हमले में पंप कर्मचारी संदीप, सनी और अभिषेक गंभीर रूप से घायल हो गए। दबंगों ने वहाँ पेट्रोल भरवा रहे बेकसूर ग्राहकों को भी नहीं बख्शा, जिससे लोग अपनी गाड़ियाँ छोड़कर जान बचाकर भागे। सूचना मिलते ही थाना ट्रांस यमुना की पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँची। एसीपी छत्ता श्वेता वर्मा ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। हमलावरों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

नई दिल्ली। पॉपुलर मैसेजिंग ऐप व्हाट्सऐप के इस्तेमालकर्ताओं को सोमवार रात उस समय बड़ा झटका लगा, जब भारत समेत दुनिया भर में हजारों यूजर्स के अकाउंट बिना किसी पूर्व चेतावनी के अचानक बंद हो गए। ऐप ओपन करते ही यूजर्स की स्क्रीन पर 'अकाउंट समीक्षा के तहत है'का मैसेज दिखाई देने लगा, जिससे लोगों में भारी भ्रम और परेशानी की स्थिति बन गई। व्हाट्सऐप की मूल कंपनी 'मेटा' ने इन सभी प्रभावित खातों को 24 घंटे की अनिवार्य समीक्षा  में डाल दिया है। यह समस्या सोमवार रात करीब 8 बजे के आसपास दर्ज की गई। ऐप खोलते ही स्क्रीन पर लिखा आ रहा था आपकी अकाउंट गतिविधियों और डिवाइस की जानकारी की जांच की जा रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह हमारी सेवा की शर्तों का पालन करता है। परिणाम की सूचना 24 घंटे के भीतर दी जाएगी। मामले पर सफाई देते हुए व्हाट्सऐप के प्रवक्ता ने कहा कि प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग रोकने और यूजर्स को सुरक्षित रखने के लिए संदिग्ध अकाउंट्स को बैन करने की कार्रवाई की जाती है। उन्होंने स्वीकार किया कि कभी-कभी सिस्टम से गलतियां हो जाती हैं और यदि ऐसा हुआ है, तो उसे जल्द से जल्द ठीक कर यूजर्स के अकाउंट बहाल कर दिए जाएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि स्पैम कंट्रोल और सुरक्षा मानकों को कड़ा करने के दौरान यह तकनीकी समस्या पैदा हुई है।

मुंबई। हॉलीवुड फिल्म 'स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे' (स्पाइडर-मैन 4) भारतीय बॉक्स ऑफिस पर कमाई के नए रिकॉर्ड बना रही है। 30 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज हुई इस फिल्म ने महज 4 दिनों में 200 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया था। अब कामकाजी दिन यानी पहले सोमवार ('मंडे टेस्ट') को भी फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी है। सोमवार को वीकडे की शुरुआत होने के बावजूद फिल्म के कलेक्शन में बड़ी गिरावट दर्ज नहीं की गई। रविवार को ₹77.75 करोड़ का छप्परफाड़ कलेक्शन करने के बाद, सोमवार को फिल्म ने ₹23.80 करोड़ की शानदार दोहरी संख्या में कमाई की। इसके साथ ही भारत में फिल्म का कुल नेट कलेक्शन ₹281.75 करोड़ तक पहुँच गया है, और यह जल्द ही ₹300 करोड़ के क्लब में शामिल होने वाली है। फिल्म ने सबसे ज्यादा कमाई अंग्रेजी भाषा में (₹154.35 करोड़) की है, जबकि हिंदी में इसका कलेक्शन ₹100.25 करोड़ रहा। इसके अलावा फिल्म तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम में भी दर्शकों को खूब पसंद आ रही है। डेस्टिन डेनियल क्रेटन के निर्देशन में बनी इस सुपरहिट फिल्म में टॉम हॉलैंड एक बार फिर पीटर पार्कर के रूप में लौटे हैं। फिल्म में जेंडाया, मार्क रफ्लो और जॉन बर्नथल जैसे कलाकारों का अभिनय भी दर्शकों का दिल जीत रहा है।

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' की कार्यप्रणाली और चोट प्रबंधन प्रणाली एक बार फिर कटघरे में खड़ी हो गई है। श्रीलंका के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज से स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के बाहर होने के बाद, चयनकर्ताओं और सीओई की स्पोर्ट्स साइंस व मेडिकल टीम के बीच तालमेल की भारी कमी उजागर हुई है। राष्ट्रीय चयन समिति को पहले बुमराह की उपलब्धता का भरोसा दिया गया था, लेकिन बाद में उनकी चोट उम्मीद से ज्यादा गंभीर निकली। इस स्थिति पर चर्चा के लिए वीवीएस लक्ष्मण, चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर और सीओई के शीर्ष अधिकारियों के बीच वर्चुअल बैठक हुई। नितिन पटेल के जाने के बाद से स्पोर्ट्स साइंस विभाग में कोई आधिकारिक प्रमुख नहीं है। फिलहाल अंतरिम प्रमुख धनंजय केरा के नेतृत्व में खिलाड़ियों की रिकवरी और 'रिटर्न टू प्ले' प्रोटोकॉल पर सवाल उठ रहे हैं। ओवरवेट होने के बावजूद उन्हें फिट घोषित किया गया, जिससे उनकी हैमस्ट्रिंग चोट फिर उभर आई। बार-बार चोटिल होने और गेंदबाजी गति बढ़ाने की अनुमति को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। इसके अलावा, साई सुदर्शन के नेट्स में अभ्यास के बाद भी उनके चयन पर अनिश्चितता बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक सुविधाओं के बावजूद सीओई खिलाड़ियों को समय पर मैदान में वापस लाने में विफल साबित हो रहा है।

दिल्ली। गुजरात में चांदीपुरा वायरस के बढ़ते संक्रमण ने स्वास्थ्य विभाग और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। राज्य में इस वायरस से अब तक 22 बच्चों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानसेरिया के अनुसार, 184 संदिग्ध मामलों में से 35 में संक्रमण की पुष्टि हुई है, जबकि कुछ नमूनों की जांच रिपोर्ट अभी आना बाकी है। फिलहाल सात बच्चों का विभिन्न सरकारी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, चांदीपुरा वायरस मुख्य रूप से 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को प्रभावित करता है। यह वायरस सैंडफ्लाई (रेतीली मक्खी) और अन्य कीटों के जरिए फैलता है तथा सीधे मस्तिष्क पर हमला कर एन्सेफलाइटिस (दिमाग में सूजन) पैदा कर सकता है। समय पर इलाज नहीं मिलने पर मरीज की हालत गंभीर होकर कोमा तक पहुंच सकती है। सरकार ने सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को संदिग्ध बच्चों को तत्काल आईसीयू में भर्ती करने और जरूरत पड़ने पर ऑक्सीजन एवं वेंटिलेटर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। संक्रमण प्रभावित क्षेत्रों में कीटनाशकों का छिड़काव भी शुरू कर दिया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक तेज बुखार, सिरदर्द, उल्टी, दस्त, सुस्ती और दौरे जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए। बच्चों को पूरी बांह के कपड़े पहनाना, मच्छरों और कीटों से बचाव करना तथा घर के आसपास साफ-सफाई रखना संक्रमण से बचने के प्रभावी उपाय हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों में गंभीर लक्षण दिखाई देने पर इलाज में बिल्कुल देरी न करें, क्योंकि समय पर उपचार ही इस जानलेवा संक्रमण से बचाव की सबसे बड़ी कुंजी है।

आइए अब नज़र डालते हैं उत्तराखंड की ख़बरों पर-देहरादून। उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच निर्वाचन आयोग ने बड़ी कार्रवाई की है। चुनाव आयोग ने राज्य के 17 पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों (आरयूपीपी) को चुनावी दौड़ से बाहर कर दिया है। वहीं दूसरी ओर, आगामी चुनावों को देखते हुए 7 नए दलों ने पंजीकरण के लिए आवेदन किया है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनावों में प्रदेश में ऐसे 42 पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त दल थे। आयोग की जांच में सामने आया कि इनमें से 17 दलों ने पिछले 6 सालों से कोई चुनाव नहीं लड़ा था। मुख्य निर्वाचन अधिकारी की भौतिक जांच में ये दल अपने पंजीकृत पतों पर मौजूद नहीं पाए गए। इसके अलावा वित्तीय रिटर्न, अंशदान रिपोर्ट और आंतरिक चुनाव समय पर न कराने के कारण इन्हें नोटिस जारी कर पक्ष रखने का मौका दिया गया था। संतोषजनक जवाब न मिलने पर केंद्रीय चुनाव आयोग ने इन्हें सूची से हटा दिया है। अब आगामी चुनाव में केवल 25 दल ही मैदान में उतर सकेंगे। चुनावी माहौल के बीच मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को 7 नए दलों के पंजीकरण आवेदन मिले हैं। इनमें खानपुर से निर्दलीय विधायक उमेश कुमार की 'जन निर्माण पार्टी' का चुनाव आयोग में पंजीकरण हो चुका है, जबकि 6 अन्य दलों के आवेदनों पर प्रक्रिया जारी है।

देहरादून। उत्तराखंड में हो रही मूसलाधार बारिश और भूस्खलन ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। राज्यभर में मलबे के कारण 84 सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे कई इलाकों का संपर्क टूट गया है। बारिश से अलकनंदा, मंदाकिनी, पिंडर और हरिद्वार में गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी के निशान को पार कर खतरे के स्तर के करीब पहुँच गया है। सबसे ज्यादा असर पर्वतीय जिलों में देखने को मिल रहा है। चमोली में 18, पिथौरागढ़ में 16 और रुद्रप्रयाग में 11 सड़कें मलबे की वजह से बंद हैं। यमुनोत्री हाईवे पर पालीगाड़ से जानकीचट्टी तक आवाजाही ठप है। स्यानाचट्टी में लगातार गिर रही चट्टानों के कारण हाईवे खोलने में भारी दिक्कत आ रही है। जानकीचट्टी-यमुनोत्री पैदल मार्ग पर राम मंदिर के पास एक हफ्ते बाद भी हालात सामान्य नहीं हो सके हैं और श्रद्धालु जोखिम उठाकर सफर करने को मजबूर हैं। थराली और आसपास के इलाकों में सोमवार रात और मंगलवार सुबह हुई भारी बारिश ने भारी तबाही मचाई है। थराली-देवाल मार्ग पर केदारबगड़ के पास घांगली गधेरे से आया मलबा और बोल्डर सड़कों से होते हुए बस्तियों तक पहुँच गए हैं, जिससे कई वाहन फंस गए। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बंद पड़े मार्गों को खोलने के लिए जेसीबी मशीनें लगा दी गई हैं और बारिश रुकते ही मलबा हटाने का काम तेजी से किया जा रहा है।

देहरादून। उत्तराखंड में इस वर्ष धार्मिक पर्यटन ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। चारधाम यात्रा के साथ-साथ प्रदेश के ऐतिहासिक और पौराणिक मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड संख्या पहुंच रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के उत्तराखंड को वैश्विक आध्यात्मिक राजधानी बनाने के संकल्प के बीच धार्मिक स्थलों पर बढ़ती आस्था इस दिशा में सकारात्मक संकेत मानी जा रही है। चारधाम यात्रा में अब तक 45.84 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। वहीं, जनवरी से जून के बीच जागेश्वर धाम में 1.74 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह संख्या 67,875 थी। त्रियुगीनारायण मंदिर में भी श्रद्धालुओं की संख्या ढाई गुना बढ़कर 3.40 लाख से अधिक पहुंच गई, जो पिछले वर्ष 1.36 लाख थी। पूर्णागिरि धाम में इस वर्ष जून तक 20.91 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए, जबकि धारी देवी मंदिर में 5.42 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। कैंची धाम ने भी सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ते हुए छह माह में 24.34 लाख श्रद्धालुओं का स्वागत किया। पर्यटन स्थलों की बात करें तो ऋषिकेश से सटे मुनिकीरेती, तपोवन और शिवपुरी क्षेत्र में भी जनवरी से जून के बीच लगभग 16 लाख पर्यटक पहुंचे। सरकार द्वारा मानसखंड मंदिरमाला मिशन, सड़क विस्तार, आधारभूत सुविधाओं के विकास और धार्मिक पर्यटन सर्किट को मजबूत करने का असर अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या ने उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था, पर्यटन कारोबार और स्थानीय रोजगार को भी नई गति दी है, जिससे प्रदेश धार्मिक पर्यटन के राष्ट्रीय मानचित्र पर और मजबूत होकर उभर रहा है।

देहरादून। उत्तराखंड सरकार राज्य की वीरांगना तीलू रौतेली की जयंती के अवसर पर महिला सशक्तिकरण और उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित करने जा रही है। इस वर्ष प्रतिष्ठित 'तीलू रौतेली राज्य स्तरीय पुरस्कार' के लिए प्रदेश की 13 महिलाओं का चयन किया गया है। इसके साथ ही उत्कृष्ट सेवाएं देने वाली 35 महिलाओं को 'राज्य स्तरीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पुरस्कार' से नवाजा जाएगा। आगामी 8 अगस्त को हरिद्वार बाईपास मार्ग स्थित संस्कृति विभाग के सभागार में आयोजित भव्य समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इन चयनित महिलाओं को सम्मानित करेंगे। इस हेतु मुख्यमंत्री स्तर पर औपचारिक अनुमोदन मिल चुका है। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस वर्ष तीलू रौतेली पुरस्कार के लिए प्रदेश के सभी जिलों से कुल 217 आवेदन प्राप्त हुए थे। पारदर्शी चयन प्रक्रिया के बाद खेल, समाजसेवा, साहित्य और अन्य क्षेत्रों में अद्वितीय योगदान देने वाली 13 महिलाओं को चुना गया। वहीं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पुरस्कार के लिए मिले 220 आवेदनों में से 35 कार्यकर्ताओं का चयन हुआ है। गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2006 से तीलू रौतेली की जयंती पर यह पुरस्कार प्रदान किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं और किशोरियों को प्रोत्साहन देना है।

देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड तेजी से विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनने की ओर अग्रसर है। चारधाम यात्रा के साथ प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में इस वर्ष श्रद्धालुओं की अभूतपूर्व भीड़ उमड़ी है। पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, चारधाम यात्रा के 105 दिनों में 45.84 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जबकि कई अन्य मंदिरों ने भी पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। जनवरी से जून 2026 के बीच अल्मोड़ा के जागेश्वर धाम में 1.74 लाख और रुद्रप्रयाग के त्रियुगीनारायण मंदिर में 3.40 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे, जो पिछले वर्ष की तुलना में ढाई गुना अधिक हैं। पूर्णागिरि धाम में 20.91 लाख और धारी देवी मंदिर में 5.42 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। नैनीताल स्थित कैंची धाम में छह माह में 24.34 लाख श्रद्धालुओं का आगमन हुआ, जबकि जून महीने में ही 8.66 लाख भक्त पहुंचे। यमुनोत्री धाम ने भी नया इतिहास रचते हुए 2 अगस्त तक 6.54 लाख श्रद्धालुओं का स्वागत किया, जो अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है। वहीं, आदि कैलाश यात्रा में केवल दो माह में 52 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंचे, जो पिछले वर्षों की तुलना में कई गुना अधिक है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनाने के लिए मंदिरों का विकास, सड़क, परिवहन और तीर्थ सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। बढ़ती आस्था से राज्य में धार्मिक पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिल रही है।

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