Good Morning India: कई राज्यों में उपचुनाव के नतीजे आज, बांकीपुर, दतिया और मांजलपुर में मतगणना शुरू,तारीख पर तारीख का सच,सुप्रीम कोर्ट में दशकों से 10 हजार मामले पेंडिंग,हरक सिंह रावत ने मैदानी सीट से विधानसभा चुनाव लड़ने की जताई इच्छा,लिंक में पढ़ें प्रमुख खबरें!

Good Morning India: By-election results for several states due today; vote counting underway in Bankipur, Datia, and Manjalpur; the reality of endless adjournments—10,000 cases pending in the Supreme

नमस्कार दोस्तों, आवाज इंडिया अपना खास कॉलम 'गुड मॉर्निंग इंडिया' लेकर एकबार फिर आपके समक्ष हाजिर है। आईए शुरुआत करते हैं उन सुर्खियों के साथ,जो आज पूरे दिन चर्चा में रहने वाली हैं।

कॉमनवेल्थ गेम्स का समापन, भारत का शानदार सफर समाप्त, 39 पदकों के साथ पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल,2030 की सौंपी गई मेजबानी 

ईरान का ट्रंप पर पलटवार, बोला- हमले टालना नहीं रणनीतिक मजबूरी, 'खोखली धमकियां' हुईं बेअसर

बिहार के बांकीपुर उपचुनाव परिणाम आज: 31 राउंड में खुलेगी किस्मत, प्रशांत किशोर की सियासी परीक्षा पर देशभर की नजर

'मदरसों में नफरत, अल्पसंख्यकों पर जुल्म': तसलीमा नसरीन ने खोला बांग्लादेश का कच्चा-चिट्ठा, यूसीसी की उठाई मांग

'तारीख पर तारीख' का सच: सुप्रीम कोर्ट में दशकों से 10 हजार मामले पेंडिंग, हाईकोर्ट्स में 80 हजार से ज्यादा लटके

स्टार किड्स पर भारी पड़े ओटीटी  के नए चेहरे! 2026 में आकाश मखीजा से प्रसन्ना बिष्ट तक ने मचाई धूम

ट्रंप के बैकफुट पर आते ही कच्चा तेल धड़ाम: ओपीईसी+का बड़ा फैसला, जल्द घट सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम

पाकिस्तान में शांति रैली पर आत्मघाती हमला: 5 सुरक्षाकर्मियों समेत 14 की मौत, 12 से अधिक घायल

पप्पू यादव के दिल्ली आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हमला: वकील ने लगाए पुलिस पर गंभीर आरोप

बाढ़ और बारिश का ट्रिपल अटैक: असम, केरल और छत्तीसगढ़ में तबाही, आईएमडी का नया अलर्ट जारी

उत्तराखंड में पहाड़ों पर भारी बारिश का यलो अलर्ट: दून समेत 7 जिलों में अलर्ट,भूस्खलन का बढ़ा खतरा

भूस्खलन से यमुनोत्री-गंगोत्री हाईवे बंद, चारधाम यात्रियों के लिए अलर्ट जारी, प्रशासन की अपील-देखकर करें यात्रा

डेंगू का बढ़ा खतरा: मौसम के बदले मिजाज से आउटब्रेक की आशंका, 40 अस्पतालों में 1662 बेड आरक्षित

सहसपुर से किस्मत आजमाना चाहते हैं हरक सिंह रावत: कांग्रेस नेता ने मैदानी सीट से चुनाव लड़ने की जताई इच्छा,बताई यह बड़ी वजह

हरिद्वार में बवाल: कांवड़ियों ने मसाज वाले युवक को बेरहमी से पीटा, पुलिस और स्थानीय लोगों ने बचाई जान

हेडलाइंस के बाद आइए अब रुख करते हैं आज की बड़ी खबरों की तरफ-ग्लास्गो। ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेल 2026 का शानदार समापन हो गया। भारत ने 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य सहित कुल 39 पदक जीतकर पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और कनाडा के बाद भारत का प्रदर्शन सबसे प्रभावशाली रहा। खास बात यह रही कि मेजबान स्कॉटलैंड ने भी 39 पदक जीते, हालांकि पदक तालिका में दोनों देशों को संयुक्त रूप से चौथा स्थान मिला। राष्ट्रमंडल खेलों के अंतिम दिन भारत को जूडो, ट्रैक साइकिलिंग और पैरा साइकिलिंग से पदकों की उम्मीद थी, लेकिन कोई भी खिलाड़ी पोडियम तक नहीं पहुंच सका। जूडो में ईशरूप नारंग कांस्य पदक मुकाबले में कनाडा की कोरोली गॉडबाउट से हार गईं, जबकि अवतार सिंह और यश घंघास शुरुआती दौर में ही बाहर हो गए। ट्रैक साइकिलिंग में भी भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा। रोनाल्डो सिंह लैतोंजाम 1000 मीटर टाइम ट्रायल में 20वें स्थान पर रहे। हालांकि अंतिम दिन पदक नहीं मिलने के बावजूद भारत का पूरा अभियान कई ऐतिहासिक उपलब्धियों से भरा रहा। इस बार भारत ने कुश्ती, बैडमिंटन और हॉकी जैसे अपने पारंपरिक मजबूत खेलों के बिना भी शानदार प्रदर्शन किया। मुक्केबाजी में भारत ने रिकॉर्ड सात स्वर्ण सहित कुल 10 पदक जीतकर अपना दबदबा साबित किया। जूडो में अस्मिता डे और हर्ष सिंह देश के पहले स्वर्ण पदक विजेता बने, जबकि इस खेल में भारत ने रिकॉर्ड चार पदक अपने नाम किए।

तेहरान। ईरान पर संभावित सैन्य कार्रवाई फिलहाल टालने के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले को लेकर ईरानी मीडिया ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ईरान के कई सरकारी और अर्ध-सरकारी मीडिया संस्थानों ने ट्रंप के दावों को खारिज करते हुए इसे अमेरिका के पीछे हटने की रणनीति बताया और उनकी आलोचना की। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर दावा किया था कि ईरान और पश्चिम एशिया के कुछ देशों के अनुरोध के बाद उन्होंने सैन्य कार्रवाई फिलहाल रोक दी है। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों पक्षों के बीच कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनी है, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को तत्काल और बिना शर्त खोलना भी शामिल है। हालांकि, ईरान के सरकारी मीडिया ने ट्रंप के इन दावों का खंडन किया। अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी फार्स ने टिप्पणी करते हुए लिखा कि "ट्रंप की अब हवा निकल गई है", जबकि मेहर समाचार एजेंसी ने कहा कि ईरान ने हमले रोकने की कोई अपील नहीं की और ट्रंप अपनी "खोखली धमकियों" से पीछे हट गए। रिपोर्टों के मुताबिक, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने ट्रंप को आगाह किया था कि यदि अमेरिका ने ईरान पर हमला किया और जवाबी कार्रवाई में खाड़ी देशों को निशाना बनाया गया तो वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। ट्रंप ने भी स्वीकार किया कि इस आशंका ने उनके निर्णय को प्रभावित किया, जिसके बाद उन्होंने सैन्य कार्रवाई की बजाय फिलहाल कूटनीतिक प्रयासों को प्राथमिकता देने का फैसला किया। इस घटनाक्रम ने पश्चिम एशिया की बदलती कूटनीतिक और सामरिक स्थिति को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

बांकीपुर। पटना की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव का परिणाम सोमवार को सामने आएगा। 30 जुलाई को हुए मतदान के बाद अब 3 अगस्त को सुबह 8 बजे से बोरिंग रोड स्थित एएन कॉलेज में मतगणना शुरू होगी। इस चुनाव पर पूरे बिहार की नजरें टिकी हैं, क्योंकि जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर पहली बार चुनावी मैदान में उतरे हैं।बांकीपुर सीट लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है। यह सीट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी, जिसके बाद यहां उपचुनाव कराया गया। ऐसे में इस चुनाव को भाजपा की प्रतिष्ठा और प्रशांत किशोर की राजनीतिक साख की बड़ी परीक्षा माना जा रहा है। मतगणना 31 राउंड में पूरी होगी। प्रत्येक राउंड में 14 टेबलों पर 14 ईवीएम के मतों की गिनती की जाएगी। चुनाव आयोग और जिला प्रशासन ने निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण मतगणना के लिए त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। एएन कॉलेज परिसर और उसके आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। सुरक्षा कारणों से बोरिंग रोड चौराहे से एएन कॉलेज तक आम वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। केवल निर्वाचन कार्य से जुड़े अधिकारी और वैध पासधारक ही इस मार्ग का उपयोग कर सकेंगे। प्रत्याशियों और उनके एजेंटों के प्रवेश के लिए गेट नंबर-1 निर्धारित किया गया है, जहां कड़ी जांच के बाद ही प्रवेश मिलेगा। मतगणना केंद्र के भीतर मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट और अन्य प्रतिबंधित वस्तुएं ले जाने पर पूरी तरह रोक रहेगी। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि बांकीपुर की जनता भाजपा के गढ़ को बरकरार रखती है या प्रशांत किशोर अपनी चुनावी पारी जीत के साथ शुरू कर नया राजनीतिक इतिहास रचते हैं।

नई दिल्ली। बांग्लादेश की प्रसिद्ध निर्वासित लेखिका तसलीमा नसरीन ने अपने देश में अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदुओं की स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। एक समाचार एजेंसी को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में सत्ता बदलने के बावजूद अल्पसंख्यकों के हालात में कोई सुधार नहीं आया है। उन्होंने दावा किया कि बांग्लादेश में राजनीतिक सत्ता बदलने के बावजूद हिंदू समुदाय समेत अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और अधिकारों की स्थिति में कोई उल्लेखनीय सुधार नहीं हुआ है। एक साक्षात्कार में तसलीमा नसरीन ने कहा कि धार्मिक कट्टरता अब भी समाज में गहराई से मौजूद है और अल्पसंख्यकों पर होने वाले हमलों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई का अभाव है। उन्होंने आरोप लगाया कि धार्मिक शिक्षा और कट्टर सोच समाज में नफरत को बढ़ावा देती है, जिसका असर विशेष रूप से अल्पसंख्यकों और महिलाओं पर पड़ता है। यूसीसी पर अपनी राय रखते हुए उन्होंने कहा कि वह पिछले करीब 40 वर्षों से समान नागरिक संहिता की समर्थक रही हैं। उनके अनुसार किसी भी आधुनिक और लोकतांत्रिक देश में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून होना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि बांग्लादेश में धर्म आधारित व्यक्तिगत कानूनों का सबसे अधिक नुकसान महिलाओं को उठाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि कई मामलों में महिलाओं को संपत्ति, विवाह और तलाक जैसे अधिकारों में समान अवसर नहीं मिलते। तसलीमा नसरीन ने अपने निर्वासन का जिक्र करते हुए कहा कि धार्मिक कट्टरता की आलोचना करने के कारण उन्हें अपना देश छोड़ना पड़ा, उनके खिलाफ फतवे जारी हुए और जान से मारने की धमकियां भी मिलीं। इसके बावजूद उन्होंने कहा कि वह महिलाओं के अधिकार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के मुद्दों पर अपनी आवाज आगे भी उठाती रहेंगी।

दिल्ली। न्याय व्यवस्था के आधुनिकीकरण पर अब तक करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन लंबित मामलों के निपटारे पर इसका खास असर नहीं दिख रहा है। न्याय व्यवस्था में लंबित मामलों का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। संसद में केंद्र सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट में 10 वर्ष से अधिक समय से 10,000 से ज्यादा मामले लंबित हैं। इनमें 558 मामले ऐसे हैं जो 20 साल से और 26 मामले 30 साल से भी अधिक समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं। वहीं, देश के 25 उच्च न्यायालयों में 80,000 से अधिक मामले कई दशकों से लंबित हैं। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने संसद में लिखित जवाब में बताया कि मामलों के निपटारे की कोई निर्धारित समय-सीमा नहीं है। उन्होंने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया कई कारकों पर निर्भर करती है, जिनमें न्यायाधीशों की उपलब्धता, न्यायालयों का बुनियादी ढांचा और सहायक कर्मचारियों की संख्या प्रमुख हैं। सरकार ने वर्ष 2011 से अब तक न्यायिक ढांचे के आधुनिकीकरण और तकनीकी सुधारों पर 9,800 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए हैं। इसके बावजूद लंबित मामलों में अपेक्षित कमी नहीं आ सकी है। आंकड़ों के मुताबिक, उच्च न्यायालयों में स्वीकृत 1,122 पदों में से 341 न्यायाधीशों के पद खाली हैं, जबकि अधीनस्थ अदालतों में 30,868 स्वीकृत पदों के मुकाबले 7,311 पद रिक्त हैं। कानून मंत्री ने उच्च न्यायालयों में नियुक्तियों में देरी के लिए संबंधित कॉलेजियमों को जिम्मेदार ठहराया। सरकार ने पांच वर्ष से अधिक पुराने मामलों के निस्तारण के लिए सभी उच्च न्यायालयों और जिला अदालतों में विशेष बकाया समितियों का गठन किया है। साथ ही नए आपराधिक कानूनों और न्यायिक सुधारों के जरिए लंबित मामलों का बोझ कम करने के प्रयास जारी होने का दावा किया गया है।

मुंबई। साल 2026 के पहले छह महीनों में स्ट्रीमिंग की दुनिया (OTT) पर एक नया बदलाव देखने को मिला है। जहाँ बड़े पर्दे पर स्टार किड्स और स्थापित चेहरे सुर्खियों में बने रहे, वहीं OTT प्लेटफ़ॉर्म्स पर नए और कम जाने-पहचाने कलाकारों ने अपनी एक्टिंग के दम पर हर किसी को हैरान कर दिया है।साल 2026 में भारतीय OTT प्लेटफॉर्म पर नए कलाकारों ने अपनी दमदार अभिनय क्षमता से दर्शकों का दिल जीत लिया। बड़े स्टार किड्स की मौजूदगी के बावजूद कई नए चेहरों ने शानदार प्रदर्शन कर साबित किया कि प्रतिभा ही सफलता की असली पहचान है। इस साल रिलीज हुई कई वेब सीरीज और फिल्मों में नए कलाकारों की अदाकारी चर्चा का विषय बनी। खासकर प्राइम वीडियो की चर्चित सीरीज 'राख' में आकाश मखीजा और रमनदीप यादव ने सीरियल किलर की भूमिका निभाकर दर्शकों और समीक्षकों की खूब वाहवाही बटोरी। 1970 के दशक के रंगा-बिल्ला केस से प्रेरित इस सीरीज में दोनों कलाकारों ने अपने किरदारों को इतनी प्रभावशाली ढंग से निभाया कि उनकी अभिनय क्षमता की हर ओर चर्चा होने लगी। आकाश मखीजा ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनके किरदार का असर इतना गहरा था कि उनकी पत्नी भी उनसे डरने लगी थीं। वहीं, जियो हॉटस्टार की सीरीज 'चिरैया' से अभिनेत्री प्रसन्ना बिष्ट ने अपनी अलग पहचान बनाई। वैवाहिक दुष्कर्म (मैरिटल रेप) जैसे संवेदनशील विषय पर आधारित इस सीरीज में उनके अभिनय को दर्शकों और समीक्षकों ने खूब सराहा। सीरीज ने सामाजिक बहस को भी नई दिशा दी और लंबे समय तक ट्रेंड में बनी रही। इसके बाद वह प्राइम वीडियो की 'आदर्श बाल विद्यालय' में भी नजर आईं। इनके अलावा समारा तिजोरी समेत कई नए कलाकारों ने भी OTT पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। 2026 ने यह साबित कर दिया कि डिजिटल मनोरंजन की दुनिया में अब स्टारडम विरासत से नहीं, बल्कि दमदार अभिनय और प्रतिभा से तय हो रहा है।

दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आज (3 अगस्त) भारी गिरावट दर्ज की गई है। 90 डॉलर का आंकड़ा पार कर चुका कच्चा तेल अचानक यू-टर्न लेते हुए 5 फीसदी से ज्यादा टूट गया है। ब्रेंट क्रूड लगभग 83 डॉलर और डब्ल्यूटीआई 80 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर लुढ़क गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। ईरान-अमेरिका के बीच तनाव कम होने के संकेत और OPEC+ देशों द्वारा तेल उत्पादन बढ़ाने के फैसले के बाद ब्रेंट और WTI क्रूड ऑयल की कीमतों में 5 प्रतिशत तक की गिरावट आई है। इससे भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। 3 अगस्त को ब्रेंट क्रूड करीब 4.97 प्रतिशत टूटकर लगभग 83 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि WTI क्रूड 5.38 प्रतिशत की गिरावट के साथ 80 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखा। हाल के दिनों में यह कच्चे तेल की सबसे बड़ी गिरावटों में से एक मानी जा रही है। बाजार को राहत देने वाले दो प्रमुख घटनाक्रम सामने आए। पहला, OPEC+ के 22 सदस्य देशों ने सितंबर से तेल उत्पादन बढ़ाने का फैसला किया है, जिससे वैश्विक आपूर्ति मजबूत होने की उम्मीद है। दूसरा, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने तथा होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति सामान्य होने के संकेतों ने बाजार की चिंताओं को कम किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक स्तर पर यह स्थिति बनी रहती है तो भारत का कच्चे तेल का आयात बिल घट सकता है। इससे तेल विपणन कंपनियों पर लागत का दबाव कम होगा और आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कटौती की संभावना बन सकती है। हालांकि, जानकारों का कहना है कि ईंधन की कीमतों में कमी इस बात पर निर्भर करेगी कि पश्चिम एशिया में हालात कितने समय तक सामान्य बने रहते हैं। यदि क्षेत्र में फिर से तनाव बढ़ता है, तो कच्चे तेल की कीमतों में दोबारा उछाल भी आ सकता है।

पाकिस्तान। पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी प्रांत खैबर पख्तूनख्वा के स्वात जिले में रविवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहाँ निकाली जा रही शांति रैली के दौरान हुए भीषण विस्फोट में कम से कम 14 लोगों की जान चली गई, जिनमें 5 सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं। इस धमाके में 12 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।यह विस्फोट स्वात जिले के कबाल कस्बे में उस समय हुआ, जब स्वात अमन जिरगा की ओर से आयोजित 'स्वात पीस रैली' निकाली जा रही थी। रैली में बड़ी संख्या में लोग क्षेत्र में शांति बहाल करने और बिगड़ती सुरक्षा व्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। तभी अचानक हुए धमाके ने पूरे इलाके को दहला दिया।पुलिस की शुरुआती जांच में आत्मघाती हमले की आशंका जताई गई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। जांच एजेंसियां घटनास्थल से साक्ष्य जुटाकर विस्फोट के कारणों और हमलावरों की पहचान में जुटी हैं। फिलहाल किसी भी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। धमाके के तुरंत बाद राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचे तथा घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है। गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों से स्वात और आसपास के इलाकों में सुरक्षा संबंधी घटनाओं में वृद्धि हुई है। इसी के विरोध में स्थानीय लोगों ने शांति रैली का आयोजन किया था। इस हमले ने एक बार फिर पाकिस्तान में सुरक्षा व्यवस्था और आतंकवाद के खतरे को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

नई दिल्ली। पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव के दिल्ली स्थित आवास पर रविवार को कथित चाकू से हमले की घटना सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया। घटना उस समय हुई, जब पप्पू यादव अपने आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे। इसी दौरान कुछ लोगों और उनके समर्थकों के बीच हाथापाई हो गई, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे। पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि यह उन पर जानलेवा हमला करने की सुनियोजित साजिश थी। घटना के बाद उनके समर्थकों में आक्रोश फैल गया और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र तथा दिल्ली पुलिस पर सवाल खड़े किए गए। सांसद के वकील ने दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि लगातार मिल रही धमकियों की जानकारी पहले ही पुलिस को दी गई थी, लेकिन कोई प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई। उन्होंने दावा किया कि पिछले दो दिनों से पुलिस को शिकायतें दी जा रही थीं कि सांसद के खिलाफ साजिश रची जा रही है। वकील ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर पप्पू यादव के खिलाफ भड़काऊ पोस्ट साझा किए जा रहे थे, जिनमें उनका सिर काटने वाले को 51 लाख रुपये का इनाम देने जैसी धमकियां भी दी गईं। इसके बावजूद सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। यह घटना राम मंदिर स्किट विवाद के बीच सामने आई है, जिससे मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी है। घटना की वास्तविक परिस्थितियों और कथित हमले की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

नई दिल्ली। देश के कई राज्यों में मानसून की भारी बारिश और बाढ़ ने हाहाकार मचा रखा है। असम, केरल, छत्तीसगढ़ और गुजरात में मूसलधार बारिश के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है। लाखों एकड़ फसलें जलमग्न हो गई हैं और हजारों लोग बेघर हो चुके हैं। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग ने आने वाले दिनों में कई राज्यों में भारी बारिश और अचानक बाढ़ की चेतावनी जारी की है। असम में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 85 हो गई है। शिवसागर जिले में तीन और लोगों की मौत के बाद हालात और गंभीर हो गए हैं। राज्य के पांच जिले शिवसागर, गोलाघाट, जोरहाट, चराईदेव और धेमाजीसबसे अधिक प्रभावित हैं। कुल 349 गांव बाढ़ की चपेट में हैं और करीब 1.80 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। प्रशासन ने 54 राहत शिविर स्थापित किए हैं, जहां 13,771 लोग शरण लिए हुए हैं। केरल में मूसलधार बारिश और भूस्खलन से आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य लापता हैं। 13 लोग घायल हुए हैं और 27 घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। राज्यभर में 209 राहत शिविरों में 5,792 लोगों को सुरक्षित पहुंचाया गया है। वहीं, छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में बाढ़ के कारण दो लड़कियों की मौत हो गई। कई इलाकों में फसलें जलमग्न हैं और हजारों परिवार प्रभावित हुए हैं। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे हैं। मौसम विभाग ने लोगों से नदी किनारे और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने तथा प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की है।

आइए अब नज़र डालते हैं उत्तराखंड की ख़बरों पर-देहरादून। उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र ने सोमवार को देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में गर्जन, बिजली चमकने और तेज बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार 8 अगस्त तक प्रदेशभर में मौसम का यही मिजाज बने रहने के आसार हैं। रविवार को पर्वतीय क्षेत्रों में रुक-रुककर बारिश होने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जबकि मैदानी इलाकों में उमस और गर्मी का असर बना रहा। देहरादून में सुबह से शाम तक 0.5 मिमी बारिश दर्ज की गई और अधिकतम तापमान 32.3 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग ने पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और अचानक तेज बारिश को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। वहीं, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जिलों में भी गर्जन और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। इस बीच, लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण करीब 40 घंटे से बंद पड़ा तवाघाट-लिपुलेख (कैलास मानसरोवर यात्रा) मार्ग रविवार दोपहर यातायात के लिए बहाल कर दिया गया। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने मलबा हटाकर मार्ग को खोला। धारचूला-तवाघाट और मुनस्यारी-मिलम मार्ग भी कुछ समय के लिए बाधित रहे, जिन्हें बाद में सुचारु कर दिया गया। प्रशासन ने यात्रियों और स्थानीय लोगों से मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही यात्रा करने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।

उत्तरकाशी। उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश से पर्वतीय इलाकों में आफत बढ़ गई है। भूस्खलन के कारण यमुनोत्री और गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग कई स्थानों पर पूरी तरह अवरुद्ध हो गए हैं। यमुनोत्री हाईवे स्यानाचट्टी, जंगलचट्टी, बनास और बाड़िया में मलबा व भारी बोल्डर आने से बंद है, जिसे खोलने में राष्ट्रीय राजमार्ग की टीम जुटी हुई है। वहीं गंगोत्री हाईवे भी हेल्गूगाड़ के पास ठप हो गया है। प्रशासन ने यात्रियों से मौसम और सड़क की स्थिति देखकर ही यात्रा करने की अपील की है। मौसम विज्ञान केंद्र ने तीन अगस्त को देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़ और बागेश्वर समेत कई जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में 8 अगस्त तक तेज गरज और बिजली चमकने के साथ बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। रविवार को पर्वतीय क्षेत्रों में रुक-रुक कर हुई बारिश से तापमान में गिरावट आई है, जिससे पहाड़ों में मौसम सुहावना हो गया। वहीं मैदानी इलाकों में शुष्क मौसम के कारण गर्मी और उमस का अहसास हुआ। देहरादून में अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री अधिक 32.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रशासन ने भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में अलर्ट जारी रखा है।

देहरादून। उत्तराखंड में रुक-रुक कर हो रही बारिश और नमी वाले मौसम ने डेंगू के आउटब्रेक (प्रकोप) के खतरे को बढ़ा दिया है। समय से पहले ही मामले सामने आने के कारण स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। विभाग ने जिले के 40 सरकारी और निजी अस्पतालों में 1530 सामान्य और 132 आईसीयू बेड आरक्षित किए हैं। आमतौर पर डेंगू के मामले सितंबर से बढ़ने शुरू होते हैं, लेकिन इस बार मई से अब तक 50 मरीजों में पुष्टि हो चुकी है। कीट वैज्ञानिकों के अनुसार, हल्की गर्मी और नमी का मौसम मादा एडीज मच्छरों के पनपने के लिए बेहद मुफीद होता है, जिससे इस साल बड़ा आउटब्रेक होने की आशंका है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी  के अनुसार पटेल नगर, जाखन, माजरा, क्लेमेंटाउन और बंजारावाला समेत जिले के 16 क्षेत्रों को डेंगू के हॉटस्पॉट के रूप में चिह्नित किया गया है। एम्स ऋषिकेश और दून अस्पताल समेत सभी केंद्रों पर ब्लड बैंकों में पर्याप्त रक्त और प्लेटलेट्स रखने के निर्देश दिए गए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, मादा मच्छर पेट में अंडे होने के कारण केवल तीन फीट की ऊंचाई तक ही उड़ पाते हैं। इसलिए पैरों को ढककर रखें और आसपास पानी इकट्ठा न होने दें।

देहरादून। पूर्व कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत का बेबाक अंदाज एक बार फिर प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर हरक सिंह ने मैदानी सीट, विशेषकर सहसपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की खुले तौर पर अपनी इच्छा जताई है।
उन्होंने साफ कहा कि इस बार वह पर्वतीय क्षेत्र की बजाय किसी मैदानी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने पार्टी हाईकमान के सामने अपनी इच्छा भी जाहिर कर दी है। हरक सिंह रावत ने कहा कि धर्मपुर सहित कई सीटें उनके लिए अनुकूल हैं, लेकिन उनका झुकाव सहसपुर विधानसभा सीट की ओर अधिक है। उन्होंने बताया कि सहसपुर क्षेत्र में उनका शिक्षण संस्थान है और इस कारण उनका वहां लगातार आना-जाना रहता है। साथ ही उन्होंने इसे कांग्रेस के लिए भी संभावनाओं वाली सीट बताया। पूर्व मंत्री ने कहा कि मैदानी सीट से चुनाव लड़ने के पीछे उनका उद्देश्य केवल अपनी जीत सुनिश्चित करना नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में पार्टी को मजबूती देना है। उनके अनुसार, यदि वह मैदानी क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे तो उन्हें अन्य विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस प्रत्याशियों के समर्थन में प्रचार करने के लिए अधिक समय मिलेगा। हरक सिंह रावत का दावा है कि राज्य की कई विधानसभा सीटों पर उनकी अच्छी पकड़ है और वह चुनाव प्रचार के दौरान पार्टी के अन्य उम्मीदवारों को भी इसका लाभ दिला सकते हैं। हालांकि, सहसपुर सीट पर भाजपा के सहदेव पुंडीर लगातार जीत दर्ज करते रहे हैं, जिससे मुकाबला आसान नहीं माना जा रहा। अब इस बयान के बाद कांग्रेस में टिकट वितरण और सीट चयन को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान के हाथ में होगा।

हरिद्वार। कांवड़ मेले के दौरान बहादराबाद थाना क्षेत्र स्थित पतंजलि योगपीठ पुल के नीचे एक मसाज करने वाले युवक के साथ कुछ कांवड़ियों द्वारा मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। मामूली विवाद ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के अनुसार, मसाज के दौरान एक कांवड़िए की तबीयत बिगड़ने की बात सामने आने के बाद कुछ श्रद्धालु आक्रोशित हो गए और युवक पर हमला कर दिया। भीड़ ने युवक को घेरकर उसकी पिटाई शुरू कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, समय रहते पुलिस और स्थानीय लोगों ने हस्तक्षेप नहीं किया होता तो घटना और गंभीर हो सकती थी। सूचना मिलते ही कांवड़ ड्यूटी पर तैनात पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय व्यापारियों और युवकों ने भी साहस दिखाते हुए युवक को भीड़ से सुरक्षित बाहर निकाला। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ लोग युवक के साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। बहादराबाद थाना प्रभारी अमरजीत सिंह ने बताया कि फिलहाल इस मामले में कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, हरिद्वार के एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने कांवड़ियों से शांति और अनुशासन बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने श्रद्धालुओं से किसी भी विवाद की स्थिति में हिंसा का सहारा लेने के बजाय प्रशासन को सूचना देने की अपील की है, ताकि कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।

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