गाजियाबाद ट्रिपल सुसाइड केसः एक और सनसनीखेज खुलासा! पिता की तीन शादियां, 2015 की रहस्यमयी मौत और मोबाइल फोन से जुड़ा तनाव! पूरी फैमिली टाइमलाइन खंगाल रही पुलिस

Ghaziabad triple suicide case: Another shocking revelation! The father's three marriages, a mysterious death in 2015, and mobile phone-related stress! Police are investigating the entire family timel

नई दिल्ली। गाजियाबाद ट्रिपल सुसाइड केस में लगातार नए-नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि किशोरियों के पिता चेतन कुमार ने बीते 16 वर्षों में दो नहीं, तीन शादियां की थीं। इनसे जुड़े तीन मैरिज सर्टिफिकेट पुलिस को मिले हैं। यह भी सामने आया है कि तीसरी पत्नी टीना बच्चों को कोरियन कल्चर की लत से दूर कर दोबारा पढ़ाई की ओर ले जाने का प्रयास कर रही थी। उसी के कहने पर चेतन ने एक माह पहले तीनों बेटियों का ट्यूशन लगवाया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार चेतन ने अपने बयानों में तीन शादियों की बात छिपाई थी। जांच के दौरान पुलिस को पता चला चला है कि चेतन ने वर्ष 2010 में सुजाता से पहली शादी की थी। इसके बाद वर्ष 2013 में उसकी बहन हिना से विवाह किया। वर्ष 2021 में सीलमपुर निवासी टीना से कोर्ट मैरिज की थी। चेतन का कहना है कि वह अपने चरित्र को लेकर सवालों से बचना चाहता था। वहीं इस केस के बीच साल 2015 में आत्महत्या के मामले का पता चला है, जिसमें तीनों बहनों के पिता की लिव-इन पार्टनर की मौत हुई थी। जांच अधिकारी अब 2015 से 2026 तक की पूरी फैमिली टाइमलाइन जोड़कर यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि बंद दरवाजों के पीछे आखिर ऐसा क्या चल रहा था, जिसने तीन मासूम जिंदगियों को इस कदर निराश कर दिया। 16, 14 और 12 साल की उम्र की तीन बहनें अपने कमरे में थीं, जो रात में बिल्डिंग से कूद गईं। बाद में कमरे से एक सुसाइड नोट मिला, एक नौ पन्नों की पॉकेट डायरी मिली और कई सवाल भी। पुलिस के मुताबिक नोट में लड़कियों ने अपने पिता को संबोधित किया था। उसमें मां का जिक्र नहीं था। 

मोबाइल फोन को लेकर तनाव
अधिकारियों का कहना है कि इससे संकेत मिलता है कि बच्चियां भावनात्मक रूप से पिता से अधिक जुड़ी थीं। इस घटना के बाद से परिवार, सोसायटी और जांच एजेंसियों के बीच लगातार पूछताछ और पड़ताल चल रही है। पुलिस जांच में अहम बिंदु मोबाइल फोन को लेकर सामने आया है। अधिकारियों के अनुसार पिता ने बेटियों के मोबाइल फोन कुछ समय पहले ले लिए थे। वजह बताई गई कि कोरियन ऐप्स, ऑनलाइन गेम्स और विदेशी दोस्तों से बढ़ता संपर्क। बताया गया कि पिता को यह डिजिटल एक्टिविटी ठीक नहीं लगी। उन्होंने फोन ले लिए और बाद में बेच भी दिए। घटना वाली रात लड़कियों ने अपनी मां का फोन इस्तेमाल करने की कोशिश की, लेकिन जिन कोरियन ऐप्स तक वे पहुंचना चाहती थीं, वे उसमें मौजूद नहीं थे।

2015 का मामला फिर चर्चा में क्यों? 
तीन बहनों की मौत के बाद जांच जब आगे बढ़ी तो पुलिस रिकॉर्ड में एक पुराना केस फिर सामने आ गया। साल 2015 में तीनों लड़कियों के पिता की लिव-इन पार्टनर की मौत हुई थी। वह राजेंद्र नगर कॉलोनी साहिबाबाद क्षेत्र के एक फ्लैट की छत से गिरने से मृत पाई गई थी। डीसीपी (ट्रांस हिंडन) निमिष पाटिल ने बताया कि उस समय मौत को पहले संदिग्ध माना गया था, लेकिन बाद की जांच में इसे आत्महत्या बताकर केस बंद कर दिया गया था। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल उस पुराने केस और तीन बहनों की मौत के बीच कोई संबंध है, लेकिन पारिवारिक पृष्ठभूमि को समझने के लिए उस घटना को भी जांच के दायरे में रखा गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जब एक ही परिवार में अलग-अलग समय पर ऐसी घटनाएं सामने आती हैं, तो पूरी पारिवारिक और सामाजिक संरचना को देखकर आगे बढ़ते हैं।