बाबा बर्फानी के दरबार में पहली पूजा: अमरनाथ यात्रा का शंखनाद, सुरक्षा के अभेद्य इंतजाम और सुविधाओं की बौछार
जम्मू। सोमवार को वैदिक मंत्रोच्चार और जयकारों के बीच श्री अमरनाथ जी की वार्षिक पवित्र यात्रा की औपचारिक शुरुआत हो गई। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने अमरनाथ गुफा में आयोजित पारंपरिक 'प्रथम पूजा' में भाग लेकर बाबा बर्फानी का आशीर्वाद लिया। उन्होंने इस पावन अवसर पर देशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति, उत्तम स्वास्थ्य और कल्याण की मंगल कामना की। प्रथम पूजा संपन्न होने के साथ ही उपराज्यपाल ने देशभर के भक्तों को यात्रा का निमंत्रण देते हुए कहा कि यह यात्रा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आस्था, भक्ति और आध्यात्मिक अनुभूति का एक अद्भुत संगम है। उन्होंने भक्तों से सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से यात्रा का हिस्सा बनने की अपील की।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। अमरनाथ यात्रा के मुख्य पड़ाव पहलगाम स्थित नुनवान बेस कैंप को पूरी तरह से छावनी में तब्दील कर दिया गया है। सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाल रहे सीआरपीएफ की 116वीं बटालियन के कमांडेंट राजेश कुमार ने बताया कि जमीन से लेकर आसमान तक कड़ी निगरानी रखी जा रही है। यात्रा मार्ग और बेस कैंपों पर त्रिस्तरीय और चार स्तरीय सुरक्षा चक्र लागू किया गया है। सीआरपीएफ, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य केंद्रीय सुरक्षा बलों की संयुक्त टीमें लगातार गश्त कर रही हैं। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन और आधुनिक निगरानी प्रणालियों की मदद ली जा रही है। कमांडेंट राजेश कुमार के मुताबिक, सुरक्षा में किसी भी स्तर पर ढिलाई की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी गई है। नुनवान बेस कैंप में प्रवेश करने वाले प्रत्येक यात्री की गहनता से जांच की जा रही है। आधुनिक खोजी उपकरणों और मेटल डिटेक्टर्स की मदद से यात्रियों के सामान, उनके वाहनों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की बारीकी से जांच हो रही है। विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर जांच चौकियां स्थापित की गई हैं ताकि घाटी में प्रवेश करने वाले हर एक वाहन पर नजर रखी जा सके। प्रशासन ने इस वर्ष श्रद्धालुओं के सफर को सुगम और आरामदायक बनाने के लिए कई विशेष कदम उठाए हैं। शहर में ही पंजीकरण की सुविधा: पहलगाम शहर के भीतर ही श्रद्धालुओं के लिए त्वरित पंजीकरण (Registration) केंद्र बनाए गए हैं। इससे यात्रियों को लंबी लाइनों में नहीं लगना पड़ेगा और समय की भारी बचत होगी। नुनवान और बालटाल बेस कैंपों में वाटरप्रूफ टेंट, चौबीसों घंटे बिजली-पानी की व्यवस्था और आधुनिक शौचालय ब्लॉक तैयार किए गए हैं। यात्रा मार्ग पर जगह-जगह अत्याधुनिक चिकित्सा शिविर स्थापित किए गए हैं, जहां ऑक्सीजन सिलेंडरों और आपातकालीन दवाओं की प्रचुर उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। इसके साथ ही देश के विभिन्न हिस्सों से आए लंगर कमेटियों द्वारा शुद्ध भोजन की व्यवस्था की गई है। इस बार की अमरनाथ यात्रा में आस्था के साथ-साथ तकनीक का बेहतरीन इस्तेमाल देखने को मिल रहा है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश के कोने-कोने से आने वाले श्रद्धालु बिना किसी डर और असुविधा के बाबा बर्फानी के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर सकें। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और सुरक्षा एजेंसियों के आला अधिकारियों ने देशवासियों को भरोसा दिलाया है कि वे पूरी तरह सुरक्षित माहौल में इस अलौकिक आध्यात्मिक यात्रा का आनंद ले सकते हैं। बाबा के जयकारों के साथ श्रद्धालुओं के पहले जत्थे का इंतजार अब खत्म हो चुका है।