युवाओं के हक की लड़ाई: कांग्रेस का 40 दिवसीय राष्ट्रव्यापी अभियान 'छात्रों की गूंज' शुरू, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर अड़ी
देहरादून। पेपर लीक, परीक्षाओं में धांधली और शिक्षा व्यवस्था में कथित बढ़ते भ्रष्टाचार के खिलाफ देशव्यापी गुस्से को धार देने के लिए कांग्रेस ने सोमवार को उत्तराखंड में अपने 40 दिवसीय राष्ट्रव्यापी अभियान 'छात्रों की गूंज' का औपचारिक शंखनाद कर दिया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा कोटा (राजस्थान) से शुरू किए गए इस मिशन को आगे बढ़ाते हुए उत्तराखंड कांग्रेस ने देहरादून समेत पूरे प्रदेश में तैयारियां तेज कर दी हैं। देश के 28 प्रमुख शहरों की तर्ज पर देहरादून में भी मोर्चा संभाल लिया गया है, जहां 50 सदस्यीय विशेष 'एक्शन टीम' को मैदान में उतारा गया है। कांग्रेस इस पूरे अभियान के जरिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को प्रमुखता से उठा रही है। इस महा-अभियान को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए देहरादून शहर का संयोजक पूर्व युवा कांग्रेस अध्यक्ष सुमित्र भुल्लर को बनाया गया है। उनके साथ बेहतर तालमेल और रणनीति के लिए वैभव वालिया और महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला को विशेष दायित्व सौंपा गया है।
पार्टी ने सोमवार को अपनी 50 सदस्यीय एक्शन टीम को विशेष प्रशिक्षण दिया। यह टीम आगामी 40 दिनों तक राजधानी और राज्य के विभिन्न जिलों के कोचिंग सेंटरों, हॉस्टलों, कॉलेजों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के बीच जाकर सीधे संवाद स्थापित करेगी। टीम के सदस्य युवाओं को पेपर लीक के पीछे के घटनाक्रम और उनके भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ से अवगत कराएंगे। कांग्रेस ने सीधे केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए शिक्षा मंत्रालय को कटघरे में खड़ा किया है। अभियान की रूपरेखा साझा करते हुए महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने कहा कि देश में लगातार हो रहे पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं के कारण करोड़ों युवाओं का भरोसा टूट चुका है।
महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने कहा आज देश का पूरा एजुकेशन सिस्टम फेल हो चुका है। साल भर मेहनत करने वाले युवाओं का भविष्य चंद भ्रष्टाचारियों के हाथों बेचा जा रहा है। कांग्रेस इस अन्याय को बर्दाश्त नहीं करेगी। 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के तहत हमारी पहली और प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा है। युवाओं और छात्रों को एकजुट करने के लिए कांग्रेस ने 40 दिनों का एक कड़ा और आक्रामक शेड्यूल तैयार किया है। कोचिंग और हॉस्टल संवाद: पहले चरण में एक्शन टीम के सदस्य ग्राउंड जीरो पर जाकर छात्रों की समस्याओं को सुनेंगे और उनके हस्ताक्षरों के साथ एक व्यापक जनमत तैयार करेंगे। इस दिन उत्तराखंड समेत देशभर के शहरों में छात्र और युवा संगठन बड़े पैमाने पर शांतिपूर्ण 'सत्याग्रह' का आयोजन कर सरकार को घेरेंगे। दिल्ली चलो' (संसद घेराव): इस देशव्यापी अभियान का समापन दिल्ली में एक विशाल प्रदर्शन के साथ होगा, जहां उत्तराखंड के हजारों युवा और छात्र संगठन संसद घेराव कार्यक्रम का हिस्सा बनने दिल्ली कूच करेंगे। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि 24 जून को ही देश के 28 प्रमुख शहरों में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने इस अभियान की नींव रख दी थी। अब इसे जन-आंदोलन का रूप दिया जा रहा है। देहरादून इस आंदोलन का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। कांग्रेस का मानना है कि उत्तराखंड का युवा पहले से ही भर्ती घोटालों और पेपर लीक की मार झेल रहा है, ऐसे में 'छात्रों की गूंज' अभियान राज्य के युवाओं को अपनी आवाज बुलंद करने का एक बड़ा मंच प्रदान करेगा। सोमवार को प्रशिक्षण के बाद एक्शन टीम के हौसले बुलंद दिखे और उन्होंने साफ कर दिया कि जब तक युवाओं को न्याय नहीं मिलता, यह लड़ाई थमेगी नहीं।