Oct 20, 2026 Login
Awaaz24x7-government

उत्तराखंड में नवरात्रि इवेंट विवाद:दलेर मेहंदी के नशे में धुत होकर परफॉर्म करने के आरोपों पर भाई मीका सिंह का बड़ा दावा,बोले-अगर साबित हुआ तो छोड़ दूंगा गाना 

Controversy over Navratri event in Uttarakhand: Brother Mika Singh makes a bold claim regarding allegations that Daler Mehndi performed while intoxicated—states that if proven, he will quit singing.

उत्तराखंड के टिहरी जिले में नवरात्रि के पावन अवसर पर आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान मशहूर गायक दलेर मेहंदी और राज्य के कैबिनेट मंत्री के बीच हुआ विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। दलेर मेहंदी पर लगे शराब के नशे में मंच पर परफॉर्म करने के गंभीर आरोपों के बाद उनके भाई और लोकप्रिय गायक मीका सिंह खुलकर उनके समर्थन में उतर आए हैं। मीका सिंह ने एक वीडियो जारी कर तमाम आरोपों को सिरे से खारिज किया है और भाई की सेहत का हवाला देते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है।

टिहरी जिले में आयोजित कुंजापुरी मेले में मशहूर गायक दलेर मेहंदी की प्रस्तुति को लेकर शुरू हुआ विवाद अब संगीत जगत तक पहुंच गया है। नवरात्रि उत्सव के दौरान मंच पर दलेर मेहंदी को रोकने और उनकी गायकी पर नाराजगी जताने वाले कैबिनेट मंत्री एवं नरेंद्रनगर विधायक सुबोध उनियाल के आरोपों के बाद उनके भाई और गायक मीका सिंह खुलकर बचाव में उतर आए हैं। मीका ने दलेर मेहंदी पर शराब पीकर मंच पर आने के आरोपों को चुनौती देते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति उन्हें शराब पीते हुए देखने का दावा साबित कर दे, तो वह गाना छोड़ देंगे। उनके इस बयान के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है। जानकारी के अनुसार, 18 अक्टूबर को दलेर मेहंदी टिहरी जिले में आयोजित कुंजापुरी मेले में प्रस्तुति दे रहे थे। नवरात्रि उत्सव से जुड़े इस बड़े सांस्कृतिक आयोजन के दौरान कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल मंच पर पहुंचे। वायरल वीडियो में मंत्री गायक को बीच कार्यक्रम में रोकते और उनकी प्रस्तुति पर नाराजगी जताते दिखाई देते हैं। मंत्री ने आरोप लगाया कि दलेर मेहंदी ठीक से गाना नहीं गा पा रहे थे और देवी दुर्गा के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम में उन्हें शराब के नशे में मंच पर नहीं आना चाहिए था। इस घटनाक्रम का वीडियो सामाजिक माध्यमों पर तेजी से प्रसारित हुआ, जिसके बाद गायक की प्रस्तुति और उनके स्वास्थ्य को लेकर चर्चाएं शुरू हो गईं। हालांकि, शराब के सेवन संबंधी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। 20 अक्टूबर को मीका सिंह ने अपने इंस्टाग्राम खाते पर एक वीडियो साझा कर बड़े भाई का पक्ष रखा। उन्होंने सवाल किया कि दलेर मेहंदी तीन दशक से अधिक समय से संगीत जगत में सक्रिय हैं, लेकिन क्या किसी ने उन्हें कभी शराब पीते हुए देखा है? मीका ने कहा कि किसी कलाकार की प्रस्तुति अच्छी न होने या उसके ठीक से खड़े नहीं हो पाने के आधार पर उस पर शराब पीने का आरोप लगा देना उचित नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी कलाकार के बारे में निष्कर्ष निकालने से पहले वास्तविक परिस्थितियों को समझना चाहिए। मीका ने यह भी कहा कि कई बार कलाकार अपनी प्रतिबद्धता के कारण खराब स्वास्थ्य के बावजूद कार्यक्रम करने पहुंच जाते हैं। उनके मुताबिक, कलाकार किसी आयोजन में आने की सहमति दे चुका होता है, तो वह अपनी तबीयत ठीक न होने के बावजूद अपनी जिम्मेदारी निभाने की कोशिश करता है। उन्होंने संकेत दिया कि दलेर मेहंदी के साथ भी ऐसा ही हुआ होगा। मीका सिंह ने अपने वीडियो में दावा किया कि दलेर मेहंदी की हाल ही में बड़ी सर्जरी हुई थी और इसी वजह से कार्यक्रम के दौरान उनकी तबीयत ठीक नहीं रही होगी। उन्होंने कहा कि दलेर ने उन्हें इस निजी जानकारी को सार्वजनिक न करने के लिए कहा था, लेकिन भाई और प्रशंसक होने के नाते वह उनका पक्ष रखना चाहते हैं। मीका ने मंत्री की नाराजगी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि गायक ठीक से प्रस्तुति नहीं दे पा रहे थे, तो उन्हें कार्यक्रम रोकने के लिए कहा जा सकता था, लेकिन शराब पीकर गाने का आरोप लगाना उचित नहीं है। उन्होंने दोहराया कि दलेर मेहंदी को शराब पीते हुए देखने का दावा करने वाला कोई व्यक्ति सामने आए, तो वह संगीत छोड़ने तक को तैयार हैं। कुंजापुरी मेले की घटना ने कलाकारों के स्वास्थ्य, मंचीय प्रस्तुतियों और सार्वजनिक आयोजनों में जिम्मेदारी को लेकर बहस छेड़ दी है। एक ओर मंत्री की नाराजगी का वीडियो चर्चा में है, तो दूसरी ओर मीका सिंह अपने भाई के स्वास्थ्य को इसकी संभावित वजह बता रहे हैं। हालांकि, दलेर मेहंदी की कथित नशे की हालत और उनकी सर्जरी से जुड़े मीका के दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है। ऐसे में पूरे घटनाक्रम पर अंतिम निष्कर्ष निकालने से पहले संबंधित पक्षों के तथ्यों और आधिकारिक स्पष्टीकरण का सामने आना महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल, कुंजापुरी मेले का यह विवाद उत्तराखंड से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।