कोचिंग वॉर में खान सर को बड़ी राहत: पटना सिविल कोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगाई रोक, पुलिस की तैयारियों पर फिरा पानी

Big relief for Khan Sir in the 'coaching war': Patna Civil Court stays his arrest, thwarting police plans.

पटना।बिहार की राजधानी पटना के चर्चित कोचिंग विवाद और गोलीबारी मामले में मशहूर शिक्षक और खान ग्लोबल स्टडीज के निदेशक फैजल खान उर्फ खान सर को अदालत से बहुत बड़ी राहत मिली है। पटना सिविल कोर्ट ने खान सर की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए उनकी गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगा दी है। इस फैसले के बाद पिछले कई दिनों से खान सर की गिरफ्तारी के लिए जाल बिछाए बैठी पटना पुलिस को बड़ा झटका लगा है। इससे पहले सोमवार को खान सर की ओर से उनके अधिवक्ता अरविंद कुमार मउआर ने पटना के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रूपेश देव की अदालत में अग्रिम जमानत  के लिए अर्जी दाखिल की थी। गौरतलब है कि खान सर पर हत्या के प्रयास और हथियारों के अवैध इस्तेमाल जैसी बेहद गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज है। अदालत ने इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस से केस डायरी और जख्म प्रतिवेदन तलब किया है।

कदमकुआं थाना क्षेत्र में स्थित खान सर के कोचिंग संस्थान के समीप हुई गोलीबारी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। इसी वीडियो को आधार बनाकर पुलिस ने खान सर और उनके दो सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ कांड संख्या 418/2026 दर्ज किया था। एफआईआर दर्ज होते ही पुलिस की कई टीमें खान सर के कोचिंग संस्थान पर छापेमारी करने पहुंच गई थीं। उस दिन पटना के गलियारों में यह चर्चा आम थी कि पुलिस किसी भी सूरत में खान सर को गिरफ्तार कर लेगी। इस गहमा-गहमी के बीच शाम से रात और देर रात से सुबह तक भारी सस्पेंस और 'रतजगा' जैसी स्थिति बनी रही, लेकिन पुलिस के हाथ खाली ही रहे। अदालत में खान सर का पक्ष रखते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद कुमार मउआर ने दलील दी कि खान ग्लोबल स्टडीज के मुख्य द्वार पर हुई वारदात के बाद उनके संस्थान के एक कर्मचारी ने विरोधी संस्थान के निदेशक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसी का बदला लेने और दबाव बनाने के उद्देश्य से विरोधी पक्ष ने एक सोची-समझी साजिश के तहत जवाबी प्राथमिकी दर्ज करवा दी। उन्होंने कोर्ट को बताया कि वारदात के वक्त सुरक्षाकर्मियों ने आत्मरक्षा में हवाई फायरिंग की थी, लेकिन खान सर को परेशान और बदनाम करने के लिए जानबूझकर उनका नाम इस मामले में घसीट लिया गया। अधिवक्ता ने साफ कहा कि मामले के बारीकी से अवलोकन करने पर खान सर के खिलाफ कोई ठोस सबूत या मामला नहीं बनता है। इसी प्रकरण में जेल में बंद खान सर के दो सुरक्षाकर्मियों, दीपक कुमार और तालेबर सिंह की नियमित जमानत याचिका पर भी सोमवार को प्रथम श्रेणी के न्यायिक दंडाधिकारी अनुराग वर्मा की अदालत में सुनवाई हुई। अदालत ने मामले से जुड़े पुख्ता सबूत पेश करने के निर्देश दिए हैं। दोनों सुरक्षाकर्मी फिलहाल न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल में बंद हैं। दूसरी ओर, इसी मामले से जुड़े ज्ञान बिंदु एकेडमी के संचालक रौशन आनंद की नियमित जमानत अर्जी पर भी दोनों पक्षों के वकीलों ने जोरदार बहस की। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर केस डायरी पेश कर दी है, जिसके बाद अदालत ने रौशन आनंद की जमानत पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। इस बीच, रौशन आनंद की गिरफ्तारी और उन्हें रिहा न किए जाने को लेकर छात्रों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। फिलहाल, कोर्ट के इस रुख से खान सर के लाखों प्रशंसकों और छात्रों ने राहत की सांस ली है।