बड़ी खबरः उत्तराखंड में ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क का खुलासा! फ्लैट से चल रहा था करोड़ों का IPL बैटिंग रैकेट, महादेव एप कनेक्शन से मचा हड़कंप
देहरादून। राजधानी देहरादून में आईपीएल मैचों के दौरान चल रहे अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क का बड़ा खुलासा हुआ है। देहरादून पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने बसंत विहार क्षेत्र में छापेमारी कर एक बड़े ऑनलाइन सट्टेबाजी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई के दौरान पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो प्रतिबंधित महादेव एप और रेडी बुक बैटिंग एप के जरिए आईपीएल मैचों पर ऑनलाइन सट्टा चला रहे थे। जांच में इस पूरे नेटवर्क के तार दुबई से जुड़े होने की बात सामने आई है, जिससे मामला और भी गंभीर हो गया है। पुलिस के अनुसार बसंत विहार क्षेत्र में आईपीएल मैचों के दौरान बड़े स्तर पर ऑनलाइन सट्टेबाजी संचालित होने की लगातार सूचनाएं मिल रही थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून प्रमेन्द्र डोबाल और एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह के निर्देश पर संयुक्त टीम गठित की गई। इसके बाद 7 मई की रात बसंत विहार स्थित ऋषि विहार कॉलोनी में किराए के फ्लैट पर छापेमारी की गई, जहां से ऑनलाइन सट्टा संचालित किया जा रहा था। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुनील शर्मा निवासी सरगुजा छत्तीसगढ़, संदीप गुप्ता निवासी सरगुजा छत्तीसगढ़, संदीप कुमार निवासी औरंगाबाद बिहार, अकरंद शर्मा निवासी सरगुजा छत्तीसगढ़ और अभिषेक शर्मा निवासी सरगुजा छत्तीसगढ़ के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार सभी आरोपी लैपटॉप, मोबाइल फोन और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से आईपीएल मैचों पर सट्टा खिलवा रहे थे। कार्रवाई के दौरान मौके से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और बैंकिंग से जुड़ा सामान भी बरामद किया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन लैपटॉप, 17 मोबाइल फोन, 22 एटीएम कार्ड और एयरटेल वाई-फाई कनेक्शन बरामद किए हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि इन उपकरणों का इस्तेमाल देशभर के ग्राहकों को जोड़ने और ऑनलाइन लेन-देन के जरिए सट्टेबाजी नेटवर्क संचालित करने में किया जा रहा था। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे व्हाट्सएप ग्रुप और ऑनलाइन वेबसाइटों के जरिए लोगों को जोड़कर आईपीएल मैचों पर सट्टा खिलाते थे।
पुलिस के मुताबिक आरोपी रेडीबुक बैटिंग एप का इस्तेमाल कर रहे थे, जबकि इस पूरे नेटवर्क का नियंत्रण प्रतिबंधित महादेव बैटिंग एप से जुड़ा बताया जा रहा है। एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी ऑनलाइन बैटिंग एप के जरिए सट्टेबाजी कराते थे। एप के यूजर आईडी और पासवर्ड उन्हें सुमित यादव नामक व्यक्ति उपलब्ध कराता था, जो गुरुग्राम में रहकर इस पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहा था। पुलिस जांच में सामने आया है कि सुमित यादव को ये एक्सेस दुबई से प्राप्त होते थे। इसके बाद आरोपियों द्वारा ग्राहकों के लिए अलग-अलग यूजर आईडी और पासवर्ड बनाए जाते थे और उनसे खातों में पैसे जमा कराए जाते थे। सबसे अहम बात यह है कि जांच एजेंसियों को सुमित यादव के तार महादेव बैटिंग एप और उसके कथित संचालक सौरभ चंद्राकर से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। महादेव एप पहले भी देशभर में करोड़ों रुपये के ऑनलाइन सट्टेबाजी और हवाला नेटवर्क को लेकर चर्चा में रहा है। ऐसे में देहरादून में पकड़े गए इस नेटवर्क को अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय सट्टेबाजी गिरोह से जुड़ा माना जा रहा है।