बारामती विमान हादसाः 35 मिनट हवा में, और देखते ही देखते खत्म हो गया सबकुछ! महाराष्ट्र में 3 दिन का शोक घोषित, फिर होने लगी ब्लैक बॉक्स की चर्चा

Baramati plane crash: 35 minutes in the air, and then everything was over! Maharashtra declared three days of mourning, and the black box issue is back in the news.

नई दिल्ली। बारामती विमान हादसे की तस्वीरें और वीडियो सामने आई हैं, जो भयावह हैं। बुधवार को मुंबई से बारामती जाते हुए महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार का प्लेन लैंडिंग के वक्त क्रैश हो गया। खेतों में क्रैश हुआ यह विमान गिरते ही पूरी तरह जल गया। इसके कारण इस विमान सवार सभी पांच लोगों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि उड़ान भरने के बाद तकरीबन 35 मिनट तक सब कुछ सामान्य था। रनवे से उठते ही यह बिजनेस जेट अपनी तय ऊंचाई की ओर बढ़ रहा था और लैंडिंग के वक्त सबकुछ खत्म हो गया। कुछ ही पलों में प्लेन आग के गोले में तब्दील हो गया। चश्मदीदों ने बताया कि लैंडिंग की कोशिश करते वक्त विमान लड़खड़ाया और पल भर में हादसे का शिकार हो गया। एनसीपी नेता अजित पवार मुंबई से बारामती जा रहे थे, उन्हें इलाके में चुनाव प्रचार के चार कार्यक्रमों में शामिल होना था। जहां हादसा हुआ, वो बारामती के आसपास का इलाका है। खेतों में विमान गिरा, विमान जैसे ही जमीन पर गिरा, तुरंत उसमें आग लग गई। मलबे से धुआं निकलता देख और आवाज सुनकर स्थानीय लोग मदद के लिए पहुंचे। अजित पवार का विमान लैंडिंग स्ट्रिप छोड़कर बगल मौजूद इलाके में गिर गया। लैंडिंग करते वक्त ही विमान का कंट्रोल गड़बड़ हो गया। इधर अजित पवार के निधन पर महाराष्ट्र में तीन दिनों का राजकीय शोक घोषित किया गया है। सीएम देवेंद्र फडणवीस ने इसका ऐलान किया है। उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में हादसे पर दुख भी जताया और फोन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को हादसे की जानकारी भी दी। सीएम फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र के लिए आज का दिन दुखद है। वहीं डिप्टी सीएम एकनाथ शिंद ने हादसे की जांच की अपील की है।

इस दुर्घटना के बाद एक बार फिर से ब्लैकबॉक्स की चर्चा होने लगी है। क्योंकि यही वो उपकरण होता है, जो किसी भी विमान हादसे की वजहों का खुलासा करता है। इसमें विमान की हर एक गतिविधि दर्द होती है। इसलिए दुर्घटना के बाद इसकी तलाश सबसे अहम होती है। ब्लैक बॉक्स एक तरह से फ्लाइट रिकॉर्डर होता है। इसमें विमान और उस उड़ान से जुड़ा हर एक डेटा सुरक्षित रहता है। यह विस्फोट, टक्कर, आग, उच्च तापमान और पानी से बच सकता है, जिससे हादसे के बाद भी डेटा सुरक्षित रहता है। यह हादसों के कारणों को समझने और भविष्य में उन्हें रोकने के लिए जरूरी है। इसलिए ब्लैक बॉक्स विमान हादसों की जांच के लिए एक महत्वपूर्ण गैजेट होता है। ब्लैकबॉक्स को 1930 के दशक में फ्रांसीसी इंजीनियर फ्रांस्वा हुसैनो ने ईजाद किया था। उन्होंने फोटोग्राफिक फिल्म पर विमान के दस पैरामीटर्स को रिकॉर्ड करने वाला एक इक्विपमेंट बनाया था। उस वक्त से लेकर आज तक, ब्लैक बॉक्स की तकनीक में लगातार अपडेट होती गई।