सूर्या हत्याकांड का मुख्य आरोपी असद मुठभेड़ में ढेर, 50 हजार का इनामी था बदमाश,एनकाउंटर में एक सिपाही भी घायल
गाजियाबाद की खोड़ा कॉलोनी में 11वीं के छात्र सूर्या चौहान की दिनदहाड़े चाकू मारकर हत्या करने वाले मुख्य आरोपी असद को पुलिस ने एक सनसनीखेज मुठभेड़ में ढेर कर दिया है। असद पर पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। मुठभेड़ के दौरान पुलिस का एक सिपाही भी घायल हुआ है, जिसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस ने मौके से आरोपी की बाइक और वारदात में इस्तेमाल पिस्तौल बरामद कर ली है।
शुरुआती जांच में सामने आया है कि सूर्या और मुख्य आरोपी असद पहले से परिचित थे। 28 मई को सुबह के समय दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद आरोपी ने सूर्या को बकरीद पर कुर्बानी दिलाने के बहाने बुलाया। जब सूर्या ने मना किया, तो ईद की पार्टी और मुबारकबाद देने की बात कहकर उसे जाल में फंसाया गया। बातचीत के कुछ देर बाद जैसे ही सूर्या तय जगह पर पहुंचा, असद और उसके साथियों ने उस पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया, जिससे इलाज के दौरान सूर्या की मौत हो गई। डीसीपी धवल जायसवाल ने बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में नामजद पांच में से तीन मुख्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। मुख्य आरोपी असद फरार चल रहा था। शनिवार को पुलिस को सूचना मिली कि असद खोड़ा थाना क्षेत्र में अपने दोस्तों से पैसे लेकर शहर से भागने की योजना बना रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी कर चेकपॉइंट बनाए। जब बाइक पर असद अपने साथी के साथ आता दिखा, तो पुलिस ने उसे रुकने की चेतावनी दी। पुलिस को देखकर बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें असद को गोली लग गई। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। एनकाउंटर की खबर के बाद सूर्या की मां सरोज ने रोते हुए कहा, "मैंने सिर्फ सुना है, मैं असद के मरने के बाद उसकी तस्वीर देखना चाहती हूं, तभी कलेजे को ठंडक मिलेगी। वारदात में सात लोग शामिल थे, सबका ऐसा ही एनकाउंटर होना चाहिए और उनके घरों पर बुलडोजर चला देना चाहिए।" पड़ोसी अंकित और स्थानीय लोगों ने भी मांग की है कि सभी आरोपियों की संपत्ति जब्त की जाए। छात्र की नृशंस हत्या के बाद से खोड़ा क्षेत्र में भारी तनाव और आक्रोश है। शनिवार को माहौल बिगड़ने की आशंका के चलते चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। इस डर और तनाव के कारण मुख्य बाजार की आधे से ज्यादा दुकानें पूरी तरह बंद रहीं। गलियों में सन्नाटा पसरा है और लोग छतों से नीचे की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने के लिए विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, राष्ट्रीय हनुमान दल और भाजपा नेता अजय शर्मा समेत कई कार्यकर्ता लगातार डटे हुए हैं। पुलिस प्रशासन पूरी स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है।