आस्था पथ हत्याकांड का पर्दाफाश: देह व्यापार के पैसे मांगने पर महिला की हत्या! पहले झाड़ियों में ले जाकर बनाए संबंध, फिर चुन्नी से घोंटा गला

Aastha Path murder case solved: Woman killed after demanding money for sex work! First taken into the bushes for sexual relations, then strangled with a *chunni*.

हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार के प्रसिद्ध 'आस्था पथ' पर 10 दिन पहले मिली अज्ञात महिला की लाश के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। हत्या की वजह देह व्यापार के पैसों का विवाद और पुलिस में शिकायत करने की धमकी देना था। बुधवार आधी रात को उत्तरी हरिद्वार के दुधियाबंद तिराहे पर हुई एक तीखी मुठभेड़ के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी जिशान को गिरफ्तार कर लिया है, जिसके पैर में गोली लगी है। हालांकि, उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार होने में कामयाब रहा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नवनीत सिंह के कुशल निर्देशन में गठित चार टीमों ने सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद इस मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने में सफलता हासिल की है। बीती 8 जून को देहरादून हाईवे के किनारे आस्था पथ मार्ग पर झाड़ियों में एक अज्ञात महिला का शव बरामद हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ हुआ था कि महिला की गला घोंटकर बेरहमी से हत्या की गई है। महिला की पहचान न होने के कारण पुलिस ने खुद वादी बनकर जांच को आगे बढ़ाया।

गिरफ्तार आरोपी जिशान (निवासी जिगर कॉलोनी, नहटौर, बिजनौर) ने पुलिस पूछताछ में जो कबूलनामा किया, उसने मानवता को शर्मसार कर दिया। जिशान ने बताया "हम दोनों (मैं और शाहनवाज) महिला को हरकी पैड़ी से बहला-फुसलाकर चंडी चौक के पास गंगा घाट की झाड़ियों में ले गए थे। वहां हमने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद जब महिला ने तयशुदा रकम मांगी, तो हमने पैसे देने से मना कर दिया। इस पर महिला ने पुलिस में शिकायत करने की धमकी दी। बदनामी के डर से हम आगबबूला हो गए और उसके चेहरे पर तब तक मुक्के बरसाए जब तक वह बेसुध नहीं हो गई। इसके बाद उसकी ही चुन्नी से गला घोंटकर उसे मौत के घाट उतार दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों शातिर आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने और मृतका की पहचान पूरी तरह छिपाने की खौफनाक साजिश रची थी। शव को गहरी झाड़ियों में फेंकने के बाद आरोपियों ने महिला का मोबाइल लिया, उसकी सिम निकाली और उसे बहती गंगा नदी में फेंक दिया, ताकि पुलिस सर्विलांस या लोकेशन के जरिए उन तक न पहुंच सके। एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह ने बताया कि बुधवार आधी रात को पुलिस टीम दुधियाबंद तिराहे पर चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान बिना नंबर प्लेट की एक संदिग्ध बाइक पर दो युवक आते दिखे। पुलिस ने जब उन्हें रुकने का इशारा किया, तो आरोपियों ने पकड़े जाने के डर से पुलिस टीम पर सीधे फायरिंग झोंक दी। पुलिस ने भी आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की, जिसमें मुख्य आरोपी जिशान के पैर में गोली लगी और वह जमीन पर गिर पड़ा, जिसे मौके पर ही दबोच लिया गया। उसके पास से एक 315 बोर का अवैध तमंचा और जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। वहीं, उसका साथी शाहनवाज मौके से भाग निकला। पुलिस अब फरार आरोपी शाहनवाज की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दे रही है। साथ ही, मृतका की शिनाख्त के प्रयास भी तेज कर दिए गए हैं। इस बेहद पेचीदा और अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने वाली जांबाज पुलिस टीम में शहर कोतवाल कुंदन सिंह राणा, एसएसआई गोपाल दत्त भट्ट, उपनिरीक्षक खेमेंद्र सिंह गंगवार, नवीन सिंह चौहान, और कांस्टेबल बृजमोहन रावत, लखन सिंह चौहान, विनोद रावत व सचिन सिंह शामिल रहे। इस कामयाबी पर पुलिस के आला अधिकारियों ने टीम की पीठ थपथपाई है।