उत्तराखंड के जनपद ऊधम सिंह नगर से सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां पंतनगर-रुद्रपुर औद्योगिक क्षेत्र सिडकुल की एक फैक्ट्री में मजदूर की संदिग्ध दशा में मौत हुई है। 

इस संसार में अपना और अपने परिवार का पेट भरने के लिए लोगों को ना जाने क्या कुछ नहीं करना पड़ता है। और यही कारण है कि अपने और अपने परिवार का पेट भरने के लिए अक्सर लोग बिना कुछ सोचे-समझे अनजाने खतरे को भी गले लगाने से भी नहीं चूकते हैं। ये पापी पेट ही तो है जिसके लिए एक इंसान हर परिस्थिति में बिना किसी डर के अनजाने खतरे को खुशी-खुशी गले लगा लेता है। कुछ ऐसा ही हाल जनपद ऊधम सिंह नगर के जिलामुख्यालय स्थित रुद्रपुर-पंतनगर सिडकुल का भी है। जहां अपना और अपने परिवार का पेट भरने के लिए लोग सब कुछ करने को तैयार हो जाते हैं। बिना किसी जानकारी और ज्ञान के लोग औद्योगिक क्षेत्र सिडकुल की बड़ी-बड़ी कंपनियों में खतरे से खेलने के लिए भी आतुर रहते हैं। और यही अनजान खतरा अक्सर लोगों की मौत का कारण बन जाता है। और इन बड़ी-बड़ी कंपनियों में काम करने वाले उच्च पदों पर बैठे अधिकारी कर्मचारी मासूम लोगों की जान को सब कुछ जानते हुए भी खतरे में डाल देते हैं। और घटना होने पर बड़ी आसानी से मामले में पर्दा डाल देते हैं। कुछ ऐसा ही मामला रुद्रपुर सिडकुल में भी सामने आया है जहां एक मजदूर को जानबूझकर बिना किसी सेफ्टी के खतरनाक काम करने के लिए मजबूर किया गया। इस दौरान मजदूर हादसे का शिकार हो गया और उसकी संदिग्ध दशा में मौत हो गई। 

जनपद ऊधम सिंह नगर के जिलामुख्यालय रुद्रपुर के औद्योगिक क्षेत्र सिडकुल में लगातार मजदूरों की मौत का सिलसिला जारी है। एक बार फिर रुद्रपुर-पंतनगर सिडकुल के सेक्टर-6 स्थित कम्पनी में एक मजदूर की रहस्यमय तरीके से मौत की बात सामने आ रही है। विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रुद्रपुर से सिडकुल के सेक्टर 6 में एक नामी कंपनी में एक मजदूर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। जानकारी के अनुसार काम के दौरान कंपनी में उसे किसी भी तरह के की कोई सेफ्टी किट नहीं उपलब्ध कराइ गई थी। सूत्र तो बताते हैं कि कंपनी में इस मजदूर की मौत की असली वजह केमिकल अटैक है। क्योंकि इस कंपनी में काम के दौरान बेहद ही खतरनाक केमिकल उत्पन्न होते हैं। जिससे अक्सर लोगों को जान का खतरा बना रहता है। फिलहाल जानकारी के अनुसार यह घटना बीते 20 जुलाई की बताई जा रही है। 


कम्पनी में काम के दौरान मजदूर को अचानक अटैक आ गया जिसके बाद आनन-फानन में उसे रुद्रपुर स्थित जिला अस्पताल लाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृतक घोषित कर दिया। विश्वसनीय सूत्रों ने यह भी बताया कि संदिग्ध दशा में मजदूर की मौत के बाद उसके शव का पोस्टमार्टम भी नहीं कराया गया और कंपनियों के बड़े अधिकारी की मिलीभगत से पूरे मामले में पर्दा डाल दिया गया। ऐसा कहा जा सकता है कि उस मजदूर की मौत के साथ उसकी मौत के कारणों को भी पूरी तरीके से दफना या जला दिया गया है। इतना ही नहीं मजदूर की मौत के बाद कंपनियों के कुछ कर्मचारियों और अधिकारियों ने मजदूर के शव को उसके गांव पहुंचाया जहां परिवार के एक सदस्य को मोटी रकम देकर बहला लिया गया। फिलहाल इस घटना में कितनी सत्यता है यह तो जांच का विषय है। और संदिग्ध दशा में हुए इस मौत का कारण भी पता चलना बेहद ही जरूरी है। लेकिन सवाल अब भी वही है की आखिर इस तरीके के संदिग्ध मामले बिना किसी जानकारी के कैसे ढक दिए जाते हैं और जिम्मेदार विभाग और पुलिस आखिरकार क्यों ऐसी घटनाओं से अनजान रहती है। 

आपको बता दें कि हम एक जिम्मेदार न्यूज पोर्टल हैं। और इस खबर पर हमारी टीम अभी गहनता से पड़ताल कर रही है। बेहद जल्द तत्थों के साथ मजदूर की संदिग्ध दशा में मौत के इस मामले के पूरे सच से आपको अवगत कराएंगे।