नई दिल्ली। जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में तिरंगा लहराकर लौटे भारतीय दल का देश में जोरदार स्वागत हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राजधानी नई दिल्ली स्थित ऐतिहासिक मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में भारतीय खिलाड़ियों और उनके सपोर्ट स्टाफ से खास मुलाकात की। इस गरिमापूर्ण कार्यक्रम में एथलीट्स ने पीएम मोदी को अपनी जीत के यादगार चिन्ह भेंट किए, जिसमें भारतीय हॉकी टीम द्वारा दी गई स्पेशल 'हॉकी स्टिक' और खिलाड़ियों के हस्ताक्षर वाली 'जर्सी' प्रमुख आकर्षण रही।
एशियाई खेल 2026 में देश का मान बढ़ाने वाले भारतीय खिलाड़ियों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में मुलाकात की। जापान के आइची-नागोया में आयोजित प्रतियोगिता में 21 स्वर्ण सहित कुल 85 पदक जीतने वाले खिलाड़ियों और उनके सहयोगी दल का प्रधानमंत्री ने उत्साहवर्धन किया। इस दौरान भारतीय हॉकी टीम ने प्रधानमंत्री को हॉकी स्टिक और टीम की जर्सी भेंट की। कार्यक्रम में भारतीय क्रिकेट टीम, पहलवानों, तीरंदाजों सहित विभिन्न खेलों के पदक विजेता और उनके प्रशिक्षक भी मौजूद रहे। प्रधानमंत्री से मुलाकात के दौरान खिलाड़ियों ने एशियाई खेलों में अपने अनुभव साझा किए। मोदी ने भारतीय दल के प्रदर्शन की सराहना करते हुए खिलाड़ियों और उनके सहयोगी कर्मचारियों को बधाई दी। कार्यक्रम में केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया, केंद्रीय युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे और भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा भी उपस्थित रहीं। एशियाई खेल 2026 में भारत ने 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक जीतकर कुल 85 पदक अपने नाम किए। इस प्रदर्शन के साथ भारतीय दल पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा। चीन 341 पदकों के साथ पहले, जापान 260 पदकों के साथ दूसरे और दक्षिण कोरिया 150 पदकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन में कई खेलों की अहम भूमिका रही। पुरुष और महिला हॉकी टीमों ने स्वर्ण पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया। पुरुष और महिला कबड्डी टीमों ने भी शीर्ष स्थान हासिल किया। वहीं, एशियाई खेलों में भारतीय क्रिकेट टीम की स्वर्णिम सफलता ने भी खेल प्रेमियों का ध्यान खींचा।इस बार भारतीय खिलाड़ियों ने पारंपरिक खेलों के साथ नए खेलों में भी अपनी क्षमता का परिचय दिया। सॉफ्ट टेनिस और मिश्रित मार्शल आर्ट्स में भारत ने पहली बार पदक जीतकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। निशानेबाजी में महिला ट्रैप स्पर्धा का पहला स्वर्ण पदक भी भारत के खाते में आया। इन उपलब्धियों को भारतीय खेलों के विस्तार के रूप में देखा जा रहा है। अलग-अलग खेलों में पदक जीतने से यह संकेत मिला कि भारतीय खिलाड़ी अब केवल कुछ चुनिंदा स्पर्धाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि नए क्षेत्रों में भी प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। भारोत्तोलन में भारतीय खिलाड़ियों ने 28 साल बाद एशियाई खेलों में रजत पदक जीतकर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। ग्रीको-रोमन कुश्ती में भी भारत का लंबा इंतजार समाप्त हुआ और एक भारतीय पहलवान ने रजत पदक जीतकर फाइनल तक का सफर तय किया। इन प्रदर्शनों ने भारतीय दल की पदक उपलब्धियों में महत्वपूर्ण योगदान दिया। प्रधानमंत्री से मुलाकात के दौरान हॉकी टीम की ओर से भेंट की गई स्टिक और जर्सी कार्यक्रम का खास आकर्षण रहीं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में अन्य खिलाड़ियों की ओर से किसी अलग उपहार का उल्लेख नहीं है। प्रधानमंत्री की खिलाड़ियों से मुलाकात को एशियाई खेलों में उनके प्रदर्शन के सम्मान और भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए प्रोत्साहन के तौर पर देखा जा रहा है। 85 पदकों के साथ भारत का चौथे स्थान पर रहना और कई खेलों में नई उपलब्धियां हासिल करना भारतीय खेल जगत के लिए महत्वपूर्ण रहा। हॉकी, कबड्डी, क्रिकेट, निशानेबाजी, भारोत्तोलन और कुश्ती सहित विभिन्न स्पर्धाओं में मिली सफलता ने देश को जश्न मनाने के कई अवसर दिए। अब खिलाड़ियों की निगाहें आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं पर रहेंगी, जहां वे अपने प्रदर्शन को और बेहतर बनाने की कोशिश करेंगे।






