नैनीताल:बेटे के लिए मां बनीं छात्रा… बेटे ने जीता छात्रसंघ चुनाव!डीएसबी कॉलेज में नहीं चला एबीवीपी का दांव,निर्दलीय भानु प्रताप ने मारी बाजी
नैनीताल।
काजोल की फिल्म हेलीकॉप्टर ईला में काजोल अपने बेटे के साथ कॉलेज में दाखिला लेकर उसकी पढ़ाई और कॉलेज लाइफ का हिस्सा बन जाती है। नैनीताल के कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर में भी कुछ ऐसा ही दिलचस्प नजारा देखने को मिला। फर्क इतना था कि यहां मां ने बेटे के साथ पढ़ाई करने के लिए नहीं, बल्कि उसके छात्रसंघ चुनाव में कदम से कदम मिलाने के लिए वर्षों बाद कॉलेज में दोबारा दाखिला लिया। मां के इस साथ और समर्थन के बीच बेटे ने भी जीत दर्ज कर इस कहानी को और खास बना दिया।
दरअसल डीएसबी परिसर में छात्रसंघ चुनाव 2026-27 के मंगलवार को घोषित परिणाम में निर्दलीय प्रत्याशी भानु प्रताप सिंह चौहान ने अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की। त्रिकोणीय मुकाबले में भानु प्रताप को 1355 वोट मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के शुभम कुमार को 873 वोट मिले। निर्दलीय प्रत्याशी हिमांशु आर्या को 283 मत प्राप्त हुए। इस तरह भानु प्रताप ने शुभम कुमार को 482 मतों के अंतर से हराया। अध्यक्ष पद पर 14 मत नोटा अथवा अवैध घोषित हुए।
डीएसबी परिसर में कुल 5410 मतदाता पंजीकृत थे। इनमें से 2535 विद्यार्थियों ने मतदान किया, जिससे मतदान प्रतिशत करीब 46.85 प्रतिशत रहा। मतदान और मतगणना के दौरान परिसर में सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात रहा। परिणाम घोषित होने के बाद विजयी प्रत्याशियों के समर्थकों ने जश्न मनाया।

इस चुनाव में भानु प्रताप की मां बीना चौहान भी खास चर्चा में रहीं। बेटे के चुनाव में उसका साथ देने के लिए उन्होंने वर्षों बाद डीएसबी परिसर में राजनीति विज्ञान में एमए में दाखिला लिया। चुनाव प्रचार के दौरान वह परिसर में सक्रिय रहीं और बेटे के समर्थन में विद्यार्थियों से संपर्क करती नजर आईं। मां के कॉलेज में दोबारा दाखिला लेने की यह बात चुनाव के दौरान परिसर में चर्चा का विषय बनी रही, कि जब मां अपने बेटे के लिए बरसों बाद दोबारा कॉलेज में एडमिशन लेकर एक छात्रा के रूप में वोट दे सकती है तो भला बेटे को जीत क्यों नहीं मिलेगी।
अध्यक्ष पद पर जीत के साथ ही भानु प्रताप ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनावी मुकाबले में बढ़त हासिल की। तीन प्रत्याशियों के बीच हुए इस मुकाबले में शुरुआत से ही चुनावी माहौल गर्म रहा और मतगणना के बाद परिणाम सामने आते ही तस्वीर साफ हो गई।
संयुक्त सचिव पद पर बेहद करीबी मुकाबला रहा। गौरी ने 1619 वोट हासिल कर जीत दर्ज की, जबकि अनुष्का पुरी को 1614 वोट मिले। इस तरह गौरी ने महज पांच वोट के अंतर से जीत हासिल की।
कोषाध्यक्ष पद पर सृष्टि रावत 1165 वोट पाकर विजयी रहीं। उनकी प्रतिद्वंद्वी विदुषी वर्मा को 1147 वोट मिले। इस पद पर जीत का अंतर 18 वोट रहा।
परिसर के कई पदों पर प्रत्याशी पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके थे। इनमें छात्रा उपाध्यक्ष पद पर कुमकुम जोशी, छात्र उपाध्यक्ष पद पर अभिषेक रैकुनी, सचिव पद पर कमल कार्की, सांस्कृतिक सचिव पद पर हर्षित जोशी और विश्वविद्यालय प्रतिनिधि पद पर तन्मय भंडारी शामिल हैं। संकाय प्रतिनिधि के कई पदों पर भी एक-एक प्रत्याशी होने के कारण निर्विरोध निर्वाचन हुआ।
मतगणना पूरी होने के बाद विजयी प्रत्याशियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इसके साथ ही डीएसबी परिसर में कई दिनों से चल रही छात्रसंघ चुनाव की गतिविधियों पर विराम लग गया।