उत्तराखंड:800 करोड़ रुपये के LUCC चिटफंड घोटाले में बड़ी कार्रवाई, मुंबई से दो मास्टरमाइंड गिरफ्तार
देहरादून/मुंबई। उत्तराखंड के बहुचर्चित लगभग 800 करोड़ रुपये के LUCC (लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट को-ऑपरेटिव सोसाइटी) चिटफंड घोटाले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को बड़ी सफलता मिली है। जांच एजेंसी ने महाराष्ट्र के मुंबई से दो प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों की गिरफ्तारी व्यापक वित्तीय जांच, बैंक लेन-देन के विश्लेषण, गवाहों के बयान और विभिन्न राज्यों में चलाए गए सघन अभियान के बाद की गई।
सीबीआई के अनुसार, नैनीताल हाईकोर्ट के 17 सितंबर 2025 के आदेश के अनुपालन में सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) देहरादून ने 26 नवंबर 2025 को मामला दर्ज किया था। इस दौरान उत्तराखंड पुलिस द्वारा दर्ज 18 एफआईआर की जांच अपने हाथ में ली गई थी।
मामला LUCC द्वारा अवैध रूप से जनता से जमा धन जुटाने, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, आपराधिक साजिश, अनियमित जमा योजनाओं के संचालन और निवेशकों की रकम के दुरुपयोग से जुड़ा है। जांच में सामने आया है कि उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में एक लाख से अधिक निवेशकों को आकर्षक रिटर्न का लालच देकर विभिन्न अनियमित निवेश योजनाओं में पैसा लगवाया गया। प्रारंभिक आकलन के अनुसार निवेशकों से लगभग 800 करोड़ रुपये जमा कराए गए थे।
सीबीआई का दावा है कि मुंबई से गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी इस पूरे घोटाले के प्रमुख साजिशकर्ताओं में शामिल हैं। उन्होंने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर निवेशकों से जुटाई गई धनराशि के संग्रह, संचालन, स्थानांतरण और गबन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जांच एजेंसी को ऐसे साक्ष्य मिले हैं जो लाखों निवेशकों से जुटाई गई रकम के उपयोग और उसके कथित दुरुपयोग में उनकी सीधी भूमिका की ओर इशारा करते हैं।
सीबीआई दोनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर देहरादून लाएगी और उन्हें BUDS Act की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।
इससे पहले सीबीआई ने 12 और 13 मई 2026 को पांच अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें LUCC के तीन वरिष्ठ सहकारी प्रमोटर भी शामिल थे। ये आरोपी उत्तराखंड में लोगों से जमा राशि जुटाने और विभिन्न शाखाओं के संचालन में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। फिलहाल सभी पांच आरोपी देहरादून की सुधोवाला जेल में न्यायिक हिरासत में हैं।
जांच के दौरान सीबीआई को आरोपियों द्वारा कथित रूप से अपराध से अर्जित धन से खरीदी गई कई अचल संपत्तियों की जानकारी भी मिली है। एजेंसी ने इन संपत्तियों का ब्योरा उत्तराखंड सरकार के वित्त सचिव को भेजते हुए उन्हें फ्रीज करने और BUDS Act के तहत पीड़ित निवेशकों को राहत दिलाने की प्रक्रिया शुरू करने का अनुरोध किया है।

जांच के दौरान शबाब हुसैन का नाम भी सामने आया है, जिसे पहले भी LUCC घोटाले में आरोपी बनाया जा चुका है। उसके साथ उसके सहयोगी बिश्वजीत बादल घोष और पियाली श्यामलेंदु चटर्जी घोष की भूमिका की भी जांच की जा रही है। ये सभी देशभर में संचालित एविएशन ट्रेनिंग संस्थान "मायफ्लेज प्राइवेट लिमिटेड" से जुड़े बताए जा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, इस संस्थान के खिलाफ भी वित्तीय अनियमितताओं और निवेशकों से जुड़े कई आरोप सामने आए हैं। वहीं कुछ छात्रों ने भी संस्था के विरुद्ध शिकायतें दर्ज कराई हैं। हाल ही में राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) के अंतर्गत कार्यरत एयरोस्पेस एंड एविएशन सेक्टर स्किल काउंसिल (AASSC) ने कथित रूप से अपनी ब्रांडिंग के अनधिकृत उपयोग को लेकर कंपनी के निदेशकों को कानूनी नोटिस जारी किया है।
सीबीआई ने कहा है कि मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस घोटाले से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण खुलासे भी हो सकते हैं।