हरिद्वार में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज को हरी झंडी: उत्तराखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था और चिकित्सा शिक्षा में एक नए युग का उदय,सीएम ने जताया पीएम मोदी का आभार
देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड के स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ करने और प्रदेश के मेधावी युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के नए अवसर प्रदान करने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा ऐतिहासिक कदम उठाया है। धर्मनगरी हरिद्वार में कर्मचारी राज्य बीमा निगम के नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना को औपचारिक मंजूरी मिल गई है। ईएसआईसी मुख्यालय, नई दिल्ली में आयोजित 198वीं शासी निकाय बैठक में लिए गए इस दूरगामी निर्णय के तहत हरिद्वार स्थित मौजूदा ईएसआईसी अस्पताल के बुनियादी ढांचे और उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग करते हुए मेडिकल कॉलेज का संचालन शुरू किया जाएगा। इस संस्थान में प्रतिवर्ष एमबीबीएस की 50 सीटों पर विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा, जिससे राज्य के स्वास्थ्य एवं शैक्षणिक परिदृश्य में एक नया मील का पत्थर स्थापित होगा।
प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) ने हरिद्वार में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज की स्थापना को मंजूरी प्रदान कर दी है। प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज में प्रत्येक बैच में 50 एमबीबीएस छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा। कॉलेज की शुरुआत हरिद्वार स्थित मौजूदा ईएसआईसी अस्पताल के बुनियादी ढांचे और उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करते हुए की जाएगी। इससे एक ओर युवाओं के लिए चिकित्सा शिक्षा का नया अवसर खुलेगा, वहीं दूसरी ओर क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। हरिद्वार में मेडिकल कॉलेज की स्थापना को मंजूरी 30 जून 2026 को नई दिल्ली स्थित ईएसआईसी मुख्यालय में हुई निगम की 198वीं बैठक में लिए गए निर्णय के क्रम में प्रदान की गई है। निर्णय के तहत मौजूदा ईएसआईसी अस्पताल की सुविधाओं और उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी इस्तेमाल करते हुए मेडिकल कॉलेज शुरू करने की योजना है। इस व्यवस्था से नए संस्थान के लिए उपलब्ध स्वास्थ्य ढांचे का उपयोग किया जा सकेगा और चिकित्सा शिक्षा तथा उपचार सेवाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का प्रयास होगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज की स्थापना को मंजूरी मिलने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग और प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखंड में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में लगातार महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। धामी ने कहा कि हरिद्वार में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज की स्थापना से प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के अवसरों का विस्तार होगा। एमबीबीएस की पढ़ाई के इच्छुक युवाओं के लिए राज्य में एक और संस्थान उपलब्ध होगा। इससे राज्य के विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा के लिए अतिरिक्त अवसर मिलेंगे और भविष्य में प्रशिक्षित चिकित्सकीय मानव संसाधन तैयार करने में भी मदद मिल सकती है। मेडिकल कॉलेज की स्थापना का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इसके लिए हरिद्वार में पहले से मौजूद ईएसआईसी अस्पताल के बुनियादी ढांचे और संसाधनों का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं को चिकित्सा शिक्षा से जोड़ा जा सकेगा। मेडिकल छात्रों को अस्पताल आधारित प्रशिक्षण और व्यावहारिक अनुभव का अवसर मिलने की संभावना है, जबकि अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं को भी मेडिकल कॉलेज की गतिविधियों से सहयोग मिल सकता है। हरिद्वार उत्तराखंड का प्रमुख धार्मिक और पर्यटन केंद्र होने के साथ औद्योगिक गतिविधियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण क्षेत्र है। ऐसे में यहां चिकित्सा शिक्षा के संस्थान का विस्तार स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरतों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आसपास के क्षेत्रों से आने वाले मरीजों और स्थानीय आबादी के लिए विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की संभावनाएं भी इससे जुड़ी हैं। राज्य में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में हाल के वर्षों में नए संस्थानों और सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है। ऐसे में हरिद्वार में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज की मंजूरी इस दिशा में एक और महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में देखी जा रही है। हालांकि कॉलेज की वास्तविक शैक्षणिक शुरुआत के लिए आगे की प्रशासनिक और नियामकीय प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी। सरकार का कहना है कि मौजूदा ईएसआईसी अस्पताल के संसाधनों का उपयोग कर मेडिकल कॉलेज शुरू करने से उपलब्ध स्वास्थ्य ढांचे का प्रभावी इस्तेमाल होगा। इससे चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने में मदद मिलेगी। हरिद्वार में मेडिकल कॉलेज शुरू होने के बाद 50 एमबीबीएस सीटों के माध्यम से चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर खुलेंगे और क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को भी इससे अतिरिक्त आधार मिलने की उम्मीद है।