Good News: अमेरिका-ईरान समझौते का बड़ा असर! तेल की कीमतों में भारी गिरावट, शेयर बाजार में लौटी रौनक! ट्रंप के ऐलान से वैश्विक बाजारों में उत्साह
नई दिल्ली। वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिका और ईरान के बीच महत्वपूर्ण समझौता हो गया है। इस ऐतिहासिक घोषणा के तुरंत बाद अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई, जबकि दुनिया भर के शेयर बाजारों में सकारात्मक माहौल देखने को मिला। राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट के जरिए कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता पूरा हो चुका है और इसके तहत दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने की मंजूरी दे दी गई है। ट्रंप ने अपने संदेश में कहा कि अब इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर किसी प्रकार का शुल्क नहीं लगाया जाएगा और तेल आपूर्ति सामान्य रूप से शुरू हो सकेगी। ट्रंप के इस ऐलान का सबसे बड़ा असर कच्चे तेल की कीमतों पर देखने को मिला। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड लगभग 3.9 प्रतिशत की गिरावट के साथ 84 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। वहीं अमेरिकी मानक डब्ल्यूटीआई क्रूड करीब 4.8 प्रतिशत टूटकर 81 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि तेल आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता कम होने से बाजार में राहत का माहौल बना है।
क्यों महत्वपूर्ण है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में गिना जाता है। वैश्विक तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी जलमार्ग से होकर गुजरता है। पिछले कुछ समय से क्षेत्र में तनाव और संभावित अवरोधों की आशंका के कारण तेल बाजार में अस्थिरता बनी हुई थी। ऐसे में इस मार्ग के खुलने की खबर को ऊर्जा बाजार के लिए बेहद सकारात्मक माना जा रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिकी नौसेना की ओर से लागू नाकेबंदी को तत्काल प्रभाव से हटाने के आदेश दिए जा रहे हैं। इसके बाद वैश्विक समुद्री व्यापार और तेल आपूर्ति श्रृंखला के सामान्य होने की उम्मीद बढ़ गई है।
भारतीय बाजार में भी दिखा सकारात्मक असर
अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते का असर भारतीय वित्तीय बाजारों पर भी साफ दिखाई दिया। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन शेयर बाजार शानदार तेजी के साथ खुला। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 1189.61 अंकों की बढ़त के साथ 76,717 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी करीब 1.5 प्रतिशत मजबूत होकर 23,979 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि तेल की कीमतों में गिरावट भारत जैसे आयातक देशों के लिए सकारात्मक संकेत है। इससे आयात बिल कम होने, महंगाई पर दबाव घटने और आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था को मिल सकती है राहत
ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच हुआ यह समझौता लंबे समय तक प्रभावी रहता है तो इसका लाभ पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था को मिल सकता है। तेल कीमतों में स्थिरता आने से परिवहन, उद्योग और विनिर्माण क्षेत्र की लागत कम हो सकती है, जिसका असर आम उपभोक्ताओं तक भी पहुंचेगा। हालांकि अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि बाजार आगे भी दोनों देशों के बीच होने वाले आधिकारिक समझौतों, सुरक्षा व्यवस्थाओं और क्षेत्रीय हालात पर नजर बनाए रखेगा। फिलहाल ट्रंप की घोषणा ने वैश्विक बाजारों में सकारात्मक माहौल पैदा कर दिया है और निवेशकों के चेहरे पर राहत दिखाई दे रही है।