एनडीए संसदीय दल की पहली 'मंगल मिलन' बैठक: पीएम मोदी की मौजूदगी में बनेगी विपक्ष को घेरने की रणनीति, संसद के गतिरोध पर मंथन
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र 2026 के भारी हंगामेदार आगाज़ के बीच राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन संसदीय दल की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बार यह पारंपरिक बैठक एक नए और सांस्कृतिक नाम ‘मंगल मिलन’ के तहत हुई। पार्लियामेंट लाइब्रेरी बिल्डिंग के जीएमसी बालयोगी ऑडिटोरियम में आयोजित इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विशेष रूप से मौजूद रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य चालू मानसून सत्र के दौरान सत्ताधारी गठबंधन के भीतर बेहतर तालमेल और विधायी रणनीति को धार देना है। पारंपरिक रूप से एनडीए संसदीय दल की बैठक संसद सत्र के दौरान हर मंगलवार को आयोजित की जाती है। हालांकि, इस बार इसे ‘मंगल मिलन’ नाम दिया गया है। विश्लेषकों का मानना है कि इस नए नामकरण के जरिए सत्ताधारी दल अपनी नियमित बैठकों को एक नई सांस्कृतिक और संगठनात्मक पहचान देने का प्रयास कर रहा है। बैठक में लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों के एनडीए घटक दलों के सभी सांसदों ने हिस्सा लिया और पीएम मोदी के नेतृत्व में एकजुटता का संदेश दिया। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब मानसून सत्र के पहले ही दिन से विपक्ष ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा में जमकर हंगामा, नारेबाजी और कार्यवाही में भारी व्यवधान देखने को मिला।
विपक्षी दल नीट विवाद, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले, जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन, ई-20 पेट्रोल रोलआउट और किसानों के मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं और इन पर तत्काल चर्चा कराने के लिए दबाव बना रहे हैं। सोमवार को जब लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, तो विपक्षी सांसद वेल में उतरकर नारेबाजी करने लगे। जगदंबिका पाल और दिलीप शून्यकाल के दौरान सदस्यों से अपनी सीटों पर लौटने और मर्यादा बनाए रखने का आग्रह करते रहे। सभापति दिलीप सैकिया ने सदस्यों को समझाते हुए कहा, "क्या आप नहीं चाहते कि सदन चले? देश से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए शून्यकाल चलने दें, यह रवैया लोकतंत्र के हित में नहीं है।" इसके बावजूद विपक्ष का हंगामा थमता न देख आखिरकार सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी थी। सदन में जारी इस भारी गतिरोध को देखते हुए एनडीए की यह 'मंगल मिलन' बैठक बेहद अहम मानी जा रही है। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी सांसदों को जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाने, सदन में उपस्थिति बनाए रखने और विपक्षी हमलों का एकजुट होकर तथ्यात्मक जवाब देने के निर्देश दिए। सरकार का ध्यान मानसून सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने पर है, जिसके लिए एनडीए अपने सभी सहयोगी दलों को पूरी तरह से एकजुट रखने की रणनीति पर काम कर रहा है।