देहरादून। देहरादून के हरिओम सहगल और जसबीर कौर उर्फ सोनिया आनंद रावत के बीच चल रहा संपत्ति विवाद अब निजी जिंदगी और राजनीतिक आरोपों तक पहुंच गया है। इस मामले में पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत का नाम जोड़े जाने के बाद उनकी पत्नी दीप्ति रावत ने भी वीडियो जारी कर नाराजगी जताई थी। अब सोनिया आनंद रावत ने भी दीप्ति रावत का समर्थन करते हुए पूरे मामले को राजनीतिक साजिश करार दिया है।
सोनिया आनंद रावत ने कहा कि किसी के निजी जीवन को इस तरह सार्वजनिक करना उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरा मामला सत्ता के इशारे पर राजनीतिक रूप से उछाला जा रहा है। उनका कहना है कि हरिओम सहगल के साथ संपत्ति विवाद पिछले पांच वर्षों से चल रहा है और मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है।
अपने पक्ष में सोनिया ने बताया कि हरिओम सहगल ने उन्हें एक हॉस्टल बेचा था, जिसके लिए उन्होंने आधा भुगतान कर दिया था। बाद में उन्हें पता चला कि संपत्ति की लीज हरिओम की पत्नी सीमा सहगल के नाम पर थी। सोनिया का दावा है कि हरिओम के कहने पर उन्होंने सीमा सहगल को भी 25 लाख रुपये दिए थे, जिसके कानूनी दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं। इसके बावजूद बाद में हरिओम उनसे दोबारा पैसे मांगने लगे और चेक बाउंस कराने की धमकी भी दी।
सोनिया ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि हरिओम सहगल की शिकायत पर एसएसपी कार्यालय में उनका पक्ष सुना गया, लेकिन उनसे अब तक संपर्क कर दस्तावेज नहीं मांगे गए। उन्होंने कहा कि न तो उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया और न ही पुलिस ने अब तक उनके खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज किया है। इसके बावजूद मीडिया में उनका नाम उछालकर छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है।
गौरतलब है कि इस विवाद की शुरुआत हरिओम सहगल की ओर से एसएसपी देहरादून से शिकायत किए जाने के बाद हुई थी। सहगल ने संपत्ति के लेनदेन में धोखाधड़ी और भुगतान नहीं मिलने के आरोप लगाए थे। वहीं, अब सोनिया आनंद रावत ने इन आरोपों को खारिज करते हुए अपना पक्ष सामने रखा है।






