उत्तराखण्डः राजधानी देहरादून में जबरदस्त हंगामा! कांग्रेसियों को पुलिस ने हिरासत में लिया, रुद्रपुर में आंगनबाड़ी वर्करों का कलेक्ट्रेट घेराव

Uttarakhand: Huge uproar in the capital Dehradun! Police detained Congress members, and Anganwadi workers surrounded the Collectorate in Rudrapur.

देहरादून। प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था और बढ़ते अपराधों के खिलाफ आज कांग्रेस कार्यकर्ता राजधानी देहरादून में सड़कों पर उतरे। इस दौरान लोक भवन घेराव करने जा रहे कांग्रेसियों को भारी पुलिस बल ने हाथीबड़कला में रोक दिया। इस दौरान पुलिस और कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के बीच जमकर धक्का मुक्की हुई। कुछ कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और जमकर प्रदर्शन किया। वहीं पुलिस ने करीब 500 कांग्रेसी नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया, फिर बसों में भरकर पुलिस लाइन छोड़ दिया। कांग्रेस के लोक भवन घेराव में कांग्रेस प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा भी शामिल हुईं। काफी देर तक हंगामा होने के बाद पुलिस ने कुमारी शैलजा, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत, चुनाव कैंपेन कमेटी के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला समेत कई कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया और पुलिस लाइन भेज दिया। इससे पहले देहरादून के परेड़ ग्राउंड में तमाम कांग्रेसी जुटे। जिसके बाद जुलूस और रैली निकाल कर लोक भवन कूच किया, जिसमें हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए, लेकिन पुलिस ने हाथीबड़कला के पास बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया। जिस पर कांग्रेसियों और पुलिसकर्मियों के बीच काफी गहमागहमी देखने को मिली। 

रुद्रपुर में आंगनबाड़ी वर्करों ने किया कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस ने बंद किया गेट
इधर राज्य कर्मचारी का दर्जा और वेतनमान लागू करने की मांग को लेकर आज रुद्रपुर में आंगनबाड़ी वर्करों ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया, लेकिन पुलिस प्रशासन ने पहले ही गेट बंद कर दिया। ऐसे में गेट बंद किए जाने से नाराज वर्करों ने गेट पर ही धरना शुरू कर दिया और जमकर नारेबाजी की। दरअसल उधम सिंह नगर जिला कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर आंगनबाड़ी वर्करों का उग्र प्रदर्शन देखने को मिला। उधम सिंह नगर जिले के विभिन्न ब्लॉकों से सैकड़ों की संख्या में पहुंचीं महिलाओं ने कलेक्ट्रेट परिसर का घेराव किया। हालांकि पुलिस प्रशासन ने आंगनबाड़ी वर्करों को परिसर के अंदर जाने से रोकते हुए मुख्य गेट बंद कर दिया। इससे कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी फैल गई। गेट बंद किए जाने से आक्रोशित वर्करों ने वहीं गेट के सामने धरना शुरू कर दिया। उन्होंने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना था कि वे लंबे समय से राज्य कर्मचारी का दर्जा और नियमित वेतनमान की मांग कर रही हैं, लेकिन उनकी मांगों पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।