उत्तराखंड आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों का वेतन विवाद: हाईकोर्ट ने सरकार को तुरंत फंड जारी करने का दिया आदेश

Uttarakhand Ayurvedic University professors' salary dispute: High Court orders government to immediately release funds

उत्तराखंड आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय से जुड़े दो प्रमुख आयुर्वेदिक शिक्षण संस्थानों — ऋषिकुल परिसर और गुरुकुल परिसर — के प्रोफेसरों को वेतन भुगतान न होने के मामले में उच्च न्यायालय में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई।
मामले में वित्त सचिव द्वारा यह आपत्ति दर्ज कराई गई कि संबंधित शिक्षकों को करियर एडवांसमेंट स्कीम (CAS) का लाभ नियमों के अनुरूप प्रदान नहीं किया गया है, जिसके कारण वेतन के लिए बजट जारी नहीं किया गया।
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने कार्यकारी परिषद की बैठक में लिए गए निर्णयों को संज्ञान में लेते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया कि शिक्षकों के बकाया वेतन के भुगतान के लिए तत्काल आवश्यक धनराशि जारी की जाए। न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 9 मार्च 2026 की तिथि निर्धारित की है।
याचिकाकर्ता संगठन ने अदालत को बताया कि विश्वविद्यालय के दोनों संस्थानों के 31 प्रोफेसरों को मार्च माह से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने शासन से बजट जारी न होने को इस देरी का कारण बताया है।
एसोसिएशन के अनुसार, शिक्षक पिछले कई महीनों से बिना वेतन के अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जिससे उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। इस पर न्यायालय ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब शिक्षक नियमित रूप से अपनी ड्यूटी का निर्वहन कर रहे हैं, तो उनका वेतन रोकना न्यायसंगत नहीं ठहराया जा सकता।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से यह तर्क दिया गया कि वित्त सचिव, जो कार्यकारी परिषद के सदस्य भी हैं, ने करियर एडवांसमेंट स्कीम के लाभ को लेकर आपत्तियां दर्ज की थीं, जिन्हें परिषद ने नजरअंदाज कर दिया। हालांकि न्यायालय ने इस दलील को खारिज करते हुए कहा कि कार्यकारी परिषद द्वारा अंतरिम व्यवस्था के तहत निर्णय लिया जा चुका है, ऐसे में राज्य सरकार को वर्तमान वेतन और बकाया राशि रोकने का अधिकार नहीं है।
अदालत ने राज्य सरकार को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अगली सुनवाई से पहले हर हाल में आवश्यक बजट जारी किया जाए, ताकि शिक्षकों को उनका बकाया वेतन मिल सके। साथ ही, राज्य सरकार को 9 मार्च 2026 से पहले इस आदेश के अनुपालन से संबंधित स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को भी कहा गया है।