दस जनपथ पर 16 को सजेगा विपक्ष का 'महामंच': केंद्र को घेरने के लिए सोनिया गांधी ने बुलाई बैठक

Opposition's 'Grand Platform' to be set up at 10 Janpath on the 16th; Sonia Gandhi calls meeting to corner the Centre.

नई दिल्ली। संसद के आगामी मानसून सत्र से ठीक पहले देश की राजनीति का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। केंद्र सरकार को दोनों सदनों में घेरने और विधायी मोर्चे पर कड़ी चुनौती देने के लिए विपक्ष ने एक साझा चक्रव्यूह तैयार करने की तैयारी कर ली है। आगामी 16 जुलाई को कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास '10 जनपथ' पर संयुक्त विपक्ष की एक बेहद अहम और निर्णायक बैठक होने जा रही है। इस हाई-प्रोफाइल बैठक का मुख्य उद्देश्य सरकार के दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत हासिल करने के मंसूबों पर ब्रेक लगाना है।

कांग्रेस का मकसद इस बैठक के जरिए समूचे विपक्ष को एक बैनर तले लाकर सरकार के खिलाफ एकजुट और आक्रामक रुख अख्तियार करना है। सूत्रों के मुताबिक, मानसून सत्र के दौरान विपक्ष मुख्य रूप से इन तीन बड़े और संवेदनशील मुद्दों पर देशव्यापी आंदोलन और संसद में गतिरोध पैदा करने की रणनीति बना रहा है। देश के लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़े हालिया पेपर लीक मामलों पर सरकार से तीखे सवाल पूछे जाएंगे। इथेनॉल ब्लेंडिंग से जुड़ी नीतियों और इसके आर्थिक व कृषि क्षेत्र पर पड़ रहे प्रभावों को लेकर घेराबंदी होगी। बदरीनाथ और देश के अन्य बड़े मंदिरों में सामने आए चढ़ावा चोरी के मामलों को उठाकर विपक्ष धार्मिक शुचिता और प्रशासनिक लापरवाही का मुद्दा भुनाने की तैयारी में है। विपक्ष की इस एकजुटता को अमलीजामा पहनाने के लिए कांग्रेस ने अपने सबसे बड़े सहयोगियों में से द्रविड़ मुनेत्र कड़गम को मनाने और पूरी तरह साथ रखने की कवायद तेज कर दी है। इस महत्वपूर्ण मोर्चे को खुद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाशरा ने संभाल रखा है। इन दिग्गज नेताओं की सक्रियता बताती है कि विपक्ष इस बार संसद में सरकार को जरा भी वॉकओवर देने के मूड में नहीं है।