नैनीताल:हाईकोर्ट ने हिमांशु ठाकुर की गिरफ्तारी पर अगली सुनवाई तक लगाई रोक,सोशल मीडिया कंटेंट,और मीडिया बाइट पर कोर्ट की सख्त टिप्पणी!
नैनीताल: सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट से जुड़े बहुचर्चित मामले में उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए हिमांशु ठाकुर की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकल पीठ में हुई, जहां सोशल मीडिया पर प्रसारित कथित ‘मीडिया बाइट’ को लेकर न्यायालय ने गंभीर रुख अपनाया।
सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से काशीपुर के कुंडा क्षेत्र स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया शाखा की महिला शाखा प्रबंधक ने न्यायालय को बताया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित उक्त मीडिया बाइट से उनकी सामाजिक एवं पेशेवर छवि को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने न्यायालय को यह भी अवगत कराया कि इस प्रकरण के चलते विभागीय स्तर पर उनके विरुद्ध कार्रवाई शुरू कर दी गई है, जबकि मूल शिकायतकर्ता अपनी शिकायत वापस ले चुका है। महिला अधिकारी ने यह भी कहा कि मीडिया बाइट के वायरल होने के बाद उन्हें विभिन्न माध्यमों से लगातार आपत्तिजनक संदेश प्राप्त हो रहे हैं।
मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय के समक्ष सूचना प्रौद्योगिकी नियम-2021 से संबंधित अधिसूचना प्रस्तुत की गई, जिसके तहत डिजिटल मीडिया के लिए आचार संहिता एवं प्रकाशन प्रक्रिया निर्धारित की गई है। नियमों के अनुसार किसी भी सामग्री के प्रकाशन से पहले तथ्यों का सत्यापन करना, संबंधित पक्ष से उनका पक्ष जानना और मानहानिकारक सामग्री से बचना अनिवार्य है। साथ ही प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा निर्धारित पत्रकारिता आचार मानकों के पालन की बाध्यता पर भी बल दिया गया।
प्रतिवादी पक्ष की ओर से आरोप लगाया गया कि सोशल मीडिया पर पहली मीडिया बाइट प्रसारित करने से पूर्व याचिकाकर्ता द्वारा संबंधित अधिकारी से तथ्यों की पुष्टि नहीं की गई, जो लागू नियमों एवं पत्रकारिता आचार संहिता का उल्लंघन माना जा सकता है।
न्यायालय ने पूर्व आदेश में याचिकाकर्ता हिमांशु ठाकुर तथा उमेश कुमार को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए थे, जबकि जांच अधिकारी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यवाही में शामिल होने के लिए कहा गया था। न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई छह सप्ताह बाद निर्धारित की है।