Aug 29, 2026 Login

ओलंपिक महाशक्ति बनने की राह पर हरियाणा, खिलाड़ियों को मिल रही आधुनिक सुविधाएं: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

Haryana on the path to becoming an Olympic superpower, players are getting modern facilities: Chief Minister Naib Singh Saini

चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि खिलाड़ियों का अंतिम लक्ष्य ओलंपिक खेलों में पदक जीतना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2036 के ओलंपिक खेलों में भारत को खेल महाशक्ति के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य रखा है और प्रदेश सरकार इस दिशा में अभी से जुट गई है। मुख्यमंत्री पंचकूला में आयोजित योनेक्स-सनराइज अश्वनी गुप्ता मेमोरियल ऑल इंडिया सब-जूनियर रैंकिंग बैडमिंटन टूर्नामेंट 2025 के उद्घाटन अवसर पर देशभर से आए युवा खिलाड़ियों को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने बैडमिंटन टूर्नामेंट का शुभारंभ किया और अपने स्वैच्छिक कोष से स्पोर्ट्स प्रमोशन सोसाइटी, पंचकूला को 11 लाख रुपये देने की घोषणा भी की। कार्यक्रम में हरियाणा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष एवं सोसाइटी के चेयरमैन ज्ञानचंद गुप्ता, एंटी करप्शन ब्यूरो के महानिदेशक आलोक मित्तल, वित्त विभाग के आयुक्त मोहम्मद शाइन, उपायुक्त सतपाल शर्मा, बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष अजय कुमार सिंघानिया और अन्य गणमान्य उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने विभिन्न राज्यों से आए करीब 2000 प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि जीत और हार खेल का हिस्सा हैं, लेकिन असली पहचान खिलाड़ी की खेल भावना और जज्बे से होती है। उन्होंने कहा कि युवाओं की मंजिल केवल एशियन जूनियर बैडमिंटन टूर्नामेंट तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि ओलंपिक में पदक जीतना सबसे बड़ा लक्ष्य होना चाहिए।

उन्होंने हरियाणा को स्पोर्ट्स हब बताते हुए कहा कि पिछले एक दशक में राज्य सरकार ने “खेले हरियाणा – बढ़े हरियाणा” के विजन के तहत खेलों को बढ़ावा देने के लिए अभूतपूर्व कदम उठाए हैं। हर जिले में आधुनिक खेल स्टेडियम, इनडोर हॉल और रेजिडेंशियल स्पोर्ट्स एकेडमी विकसित की गई हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार ने प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बचपन से तराशने के लिए 1,489 खेल नर्सरियां स्थापित की हैं, जिनमें 37,225 खिलाड़ी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। 8 से 14 वर्ष आयु वर्ग के खिलाड़ियों को 1500 रुपये और 15 से 19 वर्ष आयु वर्ग के खिलाड़ियों को 2000 रुपये प्रति माह की वित्तीय सहायता दी जाती है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के खिलाड़ियों ने ओलंपिक और एशियाई खेलों में देश को गौरवान्वित किया है। पेरिस ओलंपिक 2024 में भारत द्वारा जीते गए 6 पदकों में से 5 पदक हरियाणा के खिलाड़ियों के खाते में आए, जबकि टोक्यो ओलंपिक 2020 में 7 में से 4 पदक हरियाणा ने दिलाए थे। खिलाड़ियों को सम्मान और सुरक्षित भविष्य देने के लिए राज्य सरकार ने “हरियाणा उत्कृष्ट खिलाड़ी सेवा नियम 2021” लागू किया है। इसके तहत खेल विभाग में 550 नए पद बनाए गए और अब तक 224 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी प्रदान की गई है। क्लास-1 से क्लास-3 तक की सीधी भर्ती में खिलाड़ियों के लिए आरक्षण का प्रावधान भी किया गया है। मुख्यमंत्री सैनी ने बैडमिंटन खेल की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि यह खेल न केवल शारीरिक कौशल और तकनीकी दक्षता को निखारता है, बल्कि मानसिक मजबूती, अनुशासन और रणनीति की भी मांग करता है। उन्होंने कार्यक्रम में स्वयं बैडमिंटन खेलकर युवा खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने प्रकाश पादुकोण, पुलेला गोपीचंद, साइना नेहवाल, पी.वी. सिंधु और लक्ष्य सेन जैसे दिग्गज खिलाड़ियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन खिलाड़ियों ने भारत को विश्व स्तर पर पहचान दिलाई और लाखों युवाओं को बैडमिंटन अपनाने के लिए प्रेरित किया है। कार्यक्रम में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने भी संबोधित किया। उन्होंने बताया कि युवाओं को खेलों से जोड़ने और उन्हें नशे की लत से दूर रखने के उद्देश्य से स्पोर्ट्स प्रमोशन सोसाइटी पंचकूला की स्थापना 15 वर्ष पहले की गई थी। तब से हर साल जिले में कबड्डी, क्रिकेट और बैडमिंटन सहित कई खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। मुख्यमंत्री सैनी ने खिलाड़ियों से कहा कि वे एक टीम की तरह खेलें, एक-दूसरे का सहयोग करें और एक-दूसरे से सीखते हुए आगे बढ़ें। उन्होंने विश्वास जताया कि हरियाणा के खिलाड़ी भविष्य में भी देश का नाम रोशन करेंगे और ओलंपिक खेलों में तिरंगा लहराने का सपना पूरा करेंगे।